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बशर ने एकदिवसीय की कप्तानी छोड़ी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश क्रिकेट टीम के कप्तान हबीबुल बशर ने एकदिवसीय मैचों के लिए कप्तानी छोड़ने की घोषणा की है. लेकिन वे टीम में बने रहना चाहते हैं. 34 वर्षीय बशर ने यह घोषणा भारत के हाथों दूसरे टेस्ट में पारी से हार के बाद की है. दो टेस्ट मैंचों की सीरीज़ भारत ने 1-0 से जीत ली है. बशर ने मैच के बाद कहा, "मैंने मन बना लिया है कि अब मैं एक दिवसीय मैचों की कप्तानी नहीं करना चाहता, हालांकि मैं टीम के खिलाड़ी की तरह उपलब्ध रहूँगा." लेकिन हो सकता है कि बशर को एक दिवसीय और टेस्ट टीम दोनों से बाहर कर दिया जाए क्योंकि वे अपने बल्ले का कोई चमत्कार नहीं दिखा पाए हैं और लोग कह रहे हैं कि वे बहुत दिनों से फॉर्म में नहीं हैं. उन्होंने विश्व कप में केवल 105 रन बनाए थे. भारत के ख़िलाफ़ दो एकदिवसीय खेलते हुए उन्होंने पहले तो शून्य पर आउट हो गए फिर दूसरे मैच में 43 रन बनाए. इस वरिष्ठ खिलाड़ी को टेस्ट मैच में भी रन बनाने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी और चार इंनिग्स में सिर्फ़ 46 रन बनाए. उनकी कप्तानी में बांग्लादेश ने 18 टेस्ट मैचों में से सिर्फ़ एक मैच जीता है जबकि 69 एकदिवसीय मं से 29 जीते. हालांकि ज़्यादातर मैच ज़िम्मबाब्वे जैसे छोटे देश से जीते हैं लेकिन विश्लकप में उसने भारत और दक्षिण अफ़्रीका को हराकर सनसनी भी फैला दी थी. | इससे जुड़ी ख़बरें भारत की सबसे बड़ी टेस्ट जीत27 मई, 2007 | खेल पहला टेस्ट बराबरी पर छूटा22 मई, 2007 | खेल जीता भारत......अंतत:10 मई, 2007 | खेल दक्षिण अफ़्रीका को भी पछाड़ा बांग्लादेश ने07 अप्रैल, 2007 | खेल अपने पर पूरा भरोसा था: बशर26 मार्च, 2007 | खेल बांग्लादेश जीता, भारत विश्व कप से बाहर25 मार्च, 2007 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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