|
अपने पर पूरा भरोसा था: बशर | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश के कप्तान हबीबुल बशर ने कहा है कि उन्हें सुपर-8 में पहुँचने का पूरा भरोसा था. उन्होंने कहा कि जिस तरह उनकी टीम एक दिवसीय मैच में प्रदर्शन कर रही थी, उसे उन्हें पूरा भरोसा था कि उनकी टीम भारत या श्रीलंका को हरा सकती है. मैच के बाद पत्रकारों से बात करते हुए हबीबुल बशर ने कहा कि इस ग्रुप को सबसे कठिन ग्रुप कहा जा रहा था और उनकी टीम के लिए सब कुछ आसान नहीं था. उन्होंने कहा, “इस ग्रुप में टेस्ट खेलने वाले तीन देश खेल रहे थे और यह ग्रुप आसान नहीं था. लेकिन बांग्लादेश ने पिछले एक साल से अच्छा खेल दिखाया है और उन्हें इसकी उम्मीद थी.” दूसरी ओर बांग्लादेश के कोच डेव ह्वाटमोर ने कहा है कि बांग्लादेश का सुपर-8 में पहुँचना उनके लिए काफ़ी अहम है. उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने काफ़ी अच्छा खेल दिखाया है और वे इससे संतुष्ट हैं. लेकिन उन्होंने कहा कि बरमूडा के ख़िलाफ़ मैच उनके लिए सबसे कठिन मैच था क्योंकि बारिश के कारण 21 ओवर का मैच था और 95 का लक्ष्य भी काफ़ी कठिन था. श्रीलंका की विश्व विजेता टीम के कोच रह चुके ह्वाटमोर ने माना कि बांग्लादेश के युवा खिलाड़ियों के साथ सुपर-8 तक पहुँच ना उनके लिए स्पेशल है. सुपर-8 में मिलने वाली चुनौती के बारे में ह्वाटमोर ने कहा कि उन्हें पता है कि उनकी टीम को कड़ी चुनौती मिलने वाली है. उधर बरमूडा के कप्तान इरविन रोमेन ने कहा है कि भारत को सुपर-8 में पहुँचने के लिए बरमूडा पर निर्भर नहीं करना चाहिए. लगातार तीन हार के बावजूद उन्होंने कहा कि उनकी टीम को इस विश्व कप से काफ़ी सीखने को मिला है. | इससे जुड़ी ख़बरें बांग्लादेश जीता, भारत विश्व कप से बाहर25 मार्च, 2007 | खेल श्रीलंका ने बांग्लादेश को आसानी से हराया21 मार्च, 2007 | खेल क्रिकेट प्रेमियों के सब्र का बाँध टूटा18 मार्च, 2007 | खेल बांग्लादेश के हाथों भारत की शर्मनाक हार17 मार्च, 2007 | खेल बांग्लादेश का धमाका, न्यूज़ीलैंड को हराया07 मार्च, 2007 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||