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'शोएब मामले में सनसनीख़ेज तथ्य' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
डोपिंग मामले में पाकिस्तान के दो तेज़ गेंदबाज़ शोएब अख़्तर और मोहम्मद आसिफ़ पर प्रतिबंध लगाने वाली समिति को प्रभावित करने की कोशिश की गई थी. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष नसीम अशरफ़ ने समिति को पत्र लिखा था. हालाँकि इस समिति ने दोनों खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगाया था. फिर भी अपील करने के बाद एक ट्राइब्यूनल ने इन प्रतिबंधों को वापस ले लिया था. अब प्रतिबंध लगाने वाली समिति के सदस्य पूर्व कप्तान इंतिख़ाब आलम ने स्वीकार किया है कि पीसीबी अध्यक्ष ने पत्र लिखा था. पाकिस्तान के एक अख़बार ने भी रिपोर्ट दी थी कि पीसीबी के अध्यक्ष चाहते थे कि दोनों खिलाड़ियों को आरोपों से बरी कर दिया जाए. इंतिख़ाब आलम ने बीबीसी के साथ विशेष बातचीत में कहा, "ये पत्र तो लिखा गया था. मैंने तो बिल्कुल कह दिया था कि इसमें कोई गुंजाइश नहीं है और हम जो समझेंगे वही फ़ैसला लेंगे." इंतिख़ाब आलम ने कहा कि समिति उस पत्र के प्रभाव में नहीं आई. यह पूछे जाने पर कि चिट्ठी में क्या लिखा गया था, उन्होंने कहा, "उसमें बस यही लिखा था कि हमें क्या करना चाहिए. लेकिन बात तो बनती नहीं थी. लेकिन हमने पूरी ईमानदारी के साथ एंटी डोंपिंग एजेंसी के नियम का पालन किया." इंतिख़ाब ने कहा कि समिति ने खिलाड़ियों के साथ जो पूछताछ की थी, वो अब सामने आ गई है. उन्होंने कहा कि ये ना जानना कि आप क्या दवाएँ ले रहे हैं, ये तर्क नहीं हो सकता. घटनाक्रम उन्होंने माना कि इस पूरे मामले का ग़लत प्रभाव पड़ रहा है. इंतिख़ाब ने कहा, "अब तो इस मामले में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद और एंटी डोपिंग एजेंसी (वाडा) भी शामिल हो गई है."
वाडा के प्रमुख ने तो कहा है कि इस मामले पर उनकी नज़र है और आईसीसी के साथ मिलकर वे इस पर कोई फ़ैसला करेंगे. इंतिख़ाब आलम ने कहा कि अब मामला तूल पकड़ सकता है क्योंकि वाडा और आईसीसी चाहें तो इस पर फ़ैसला कर सकते हैं. ये मामला इस साल अक्तूबर में भारत में हुए चैम्पियंस ट्रॉफ़ी के दौरान का है. पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड ने चैम्पियंस ट्रॉफ़ी शुरू होने के तीन सप्ताह पहले डोप टेस्ट कराया था, जिसमें दोनों खिलाड़ी पॉज़िटिव पाए गए. इसके बाद शोएब अख़्तर और मोहम्मद आसिफ़ को वापस पाकिस्तान भेज दिया गया. बाद में पीसीबी ने शाहिद हमीद की अध्यक्षता में एक ट्राइब्यूनल का गठन किया था. इस ट्राइब्यूनल ने पूछताछ के बाद 31 वर्ष के शोएब अख़्तर पर दो साल और मोहम्मद आसिफ़ पर एक साल की पाबंदी लगाई. लेकिन दोनों खिलाड़ियों ने सज़ा के ख़िलाफ़ अपील की. लेकिन पिछले दिनों पीसीबी के अपीलीय ट्राइब्यूनल ने रावलपिंडी एक्सप्रेस शोएब अख़्तर और मोहम्मद आसिफ़ को डोपिंग मामले में क्लीन चिट देते हुए उन पर लगा प्रतिबंध हटा लिया. | इससे जुड़ी ख़बरें शोएब और आसिफ़ पर लगा प्रतिबंध हटा05 दिसंबर, 2006 | खेल अब बीसीसीआई का चुनाव नहीं लड़ेंगे पवार09 दिसंबर, 2006 | खेल अभ्यास मैच में भारत 96 रनों से जीता09 दिसंबर, 2006 | खेल डेमियन मार्टिन का चौंकाने वाला संन्यास08 दिसंबर, 2006 | खेल गांगुली ने की टीम में बेहतरीन वापसी07 दिसंबर, 2006 | खेल ऑस्ट्रेलिया ने दूसरा ऐशेज़ टेस्ट भी जीता05 दिसंबर, 2006 | खेल ज़्यादा अपील के कारण ली पर जुर्माना04 दिसंबर, 2006 | खेल आख़िरी वनडे मैच में भी इज़्ज़त नही बची03 दिसंबर, 2006 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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