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डोपिंग के दोषी शोएब-आसिफ़ स्वदेश लौटे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान क्रिकेट टीम के मशहूर तेज़ गेंदबाज़ शोएब अख़्तर और मोहम्मद आसिफ़ को प्रतिबंधित दवा के सेवन का दोषी पाया गया है. पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड ने ये डोप टेस्ट तीन सप्ताह पहले कराया था, जिसमें दोनों खिलाड़ी पॉज़िटिव पाए गए हैं. इसके बाद इन दोनों खिलाड़ियों को वापस पाकिस्तान भेज दिया गया है. पाकिस्तान की टीम इस समय चैम्पियंस ट्रॉफ़ी खेलने भारत गई हुई है. पाकिस्तान ने अभी तक कोई मैच नहीं खेला है. उसका पहला मैच मंगलवार को श्रीलंका के ख़िलाफ़ है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी सलीम अल्ताफ़ ने बताया, "डोप टेस्ट में इन दोनों खिलाड़ियों को नैन्ड्रोलोन के सेवन का दोषी पाया गया है. नैन्ड्रोलोन का सेवन खिलाड़ी अपना प्रदर्शन सुधारने के लिए करते हैं." नियम उन्होंने बताया, "आईसीसी के नियम के मुताबिक़ पहली बार प्रतिबंधित दवाओं के सेवन का दोषी पाए जाने पर दो साल की पाबंदी का प्रावधान है. पीसीबी में ऐसे मामलों के लिए कोई प्रावधान नहीं. इसलिए हम आईसीसी के नियम का ही पालन करेंगे." शोएब अख़्तर और मोहम्मद आसिफ़ के बारे में समाचार मिलने के बाद पाकिस्तान की टीम ने सोमवार को अपना अभ्यास सत्र रद्द कर दिया. इन दोनों खिलाड़ियों की जगह मोहम्मद समी, शाहिद नज़ीर और यासिर अराफ़ात को भारत दौरे पर भेजे जाने की बात की जा रही है. आईसीसी भी चैम्पियंस ट्रॉफ़ी के दौरान डोपिंग टेस्ट करा रही है. आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफ़ी को विश्व कप के बाद क्रिकेट की सबसे बड़ी प्रतियोगिता माना जाता है और इसे मिनी विश्व कप भी कहा जाता है. कार्रवाई आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मैल्कम स्पीड का कहना है कि चूँकि ये टेस्ट पीसीबी ने कराए हैं, इसलिए उसे ही इस मामले पर कार्रवाई करनी है.
स्पीड ने बीबीसी फ़ाइव लाइव को बताया, "डोपिंग के मामले पर आईसीसी का रवैया सख़्त है. हम निराश है कि ऐसा कुछ हुआ है. यह उन खिलाड़ियों के लिए भी निराशाजनक है. हम इस मामले की तह तक जाने की कोशिश करेंगे." रावलपिंडी एक्सप्रेस कहे जाने वाले शोएब अख़्तर और मोहम्मद आसिफ़ पाकिस्तानी तेज़ गेंदबाज़ी आक्रमण के अगुआ माने जाते हैं. लंबे समय बाद दोनों क्रिकेट के मैदान पर लौटे हैं. वर्ष 2003 में विश्व कप से ठीक पहले ऑस्ट्रेलिया के स्टार स्पिनर शेव वॉर्न को भी प्रतिबंधित दवाओं का दोषी पाया गया था. उन्हें भी वापस स्वदेश लौटना पड़ा था. उन पर एक साल की पाबंदी लगाई गई थी. | इससे जुड़ी ख़बरें आसान जीत के लिए भारत ने किया संघर्ष15 अक्तूबर, 2006 | खेल 'खिलाड़ियों की ज़िम्मेदारी बढ़ी है'15 अक्तूबर, 2006 | खेल लाइन और लेंग्थ है ज़्यादा ज़रूरी: मुनाफ़14 अक्तूबर, 2006 | खेल वेस्टइंडीज़ पर श्रीलंका की धमाकेदार जीत14 अक्तूबर, 2006 | खेल 'ऑस्ट्रेलिया है सबसे प्रबल दावेदार'14 अक्तूबर, 2006 | खेल 'किसी भी क़ीमत पर समझौता नहीं करेंगे'14 अक्तूबर, 2006 | खेल घरेलू विकेट का फ़ायदा है:सहवाग13 अक्तूबर, 2006 | खेल 'मेरे वज़न से खेल पर फ़र्क़ नहीं पड़ता'13 अक्तूबर, 2006 | खेल इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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