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कम हो रही है ब्रैडमैन में दिलचस्पी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
क्रिकेट की दुनिया में डॉन ब्रैडमैन सिर्फ़ एक नाम नहीं हैं. ब्रैडमैन क्रिकेट की कला और ऐसी शैली का भी पर्याय है जिससे जुड़ना किसी भी खिलाड़ी के लिए सम्मानजनक होता है. लेकिन ऑस्ट्रेलिया के इस महान खिलाड़ी के नाम पर बना म्यूज़ियम पर्यटकों की लगातार कम हो रही संख्या से जूझ रहा है. वो ब्रैडमैन जिनके नाम से जुड़ना सचिन और ब्रायन लारा जैसे आधुनिक क्रिकेटरों के लिए गर्व का विषय होता है, आज वही ब्रैडमैन के नाम वाले म्यूज़ियम को शेन वॉर्न और ब्रेट ली जैसे नामों की आवश्यकता पड़ रही है. दरअसल इस म्यूज़ियम को देखने आने वालों लोगों की घटती संख्या के कारण प्रबंधकों ने इसमें नई-नई चीज़ों का समावेश करने का मन बनाया है. म्यूज़ियम में कई प्रयोग किए जा रहे हैं ताकि आने वालों की संख्या बढ़ाई जा सके. पहले ऐसा होता था कि ऐशेज़ सिरीज़ के लिए जाने वाली इंग्लैंड टीम ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ एक मैच ब्रैडमैन के शहर बॉवरल के ब्रैडमैन ओवल मैदान पर ज़रूर खेलती थी. बदलाव लेकिन इस बार इंग्लैंड की टीम यहाँ ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ कोई भी मैच नहीं खेल रही. इस कारण म्यूज़ियम के प्रबंधक और हताश-परेशान हैं. इस परेशानी का इलाज ढूँढ़ने की उनकी कोशिश उन्हें शेन वॉर्न और ब्रेट ली जैसे आज के क्रिकेटरों की ओर खींच लाई है. ऑस्ट्रेलिया की युवा पीढ़ी में शेन वॉर्न और ब्रेट ली जैसे खिलाड़ियों के प्रभाव का लाभ उठाने की कोशिशों के तहत अब ब्रैडमैन म्यूज़ियम में कुछ बदलाव किए जा रहे हैं. ब्रैडमैन म्यूज़ियम में आने वाले लोगों के लिए यह व्यवस्था है कि वे क्रिकेट के एक स्टम्प से गोल्फ़ की गेंद को मारने की कोशिश करते हैं. जैसा क्रिकेट सीखने के क्रम में ब्रैडमैन ने अपने बचपन में किया था. अभी भी यह व्यवस्था क़ायम रहेगी. लेकिन नए बदलावों के तहत अब यहाँ आने वाले लोग कम्प्यूटर के माध्यम से शेन वॉर्न की घूमती गेंदों और ब्रेट ली की तूफ़ानी गेंदों के सामने भी अपनी प्रतिभा आँक सकेंगे.
ऐशेज़ सिरीज़ के दौरान ब्रैडमैन ओवल मैदान पर इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की टीमें तो नहीं खेलेंगी लेकिन इंग्लैंड और डॉन ब्रैडमैन एकादश के बीच यहाँ एक मैच का आयोजन होना है. हताश-परेशान म्यूज़ियम के प्रबंधक इसे लेकर ही संतुष्ट हैं और उन्हें भरोसा है कि इस मैच के कारण भी कुछ और लोग म्यूज़ियम की ओर रुख़ करेंगे. वैसे एक समय हर साल 85 हज़ार लोगों का स्वागत करने वाले इस म्यूज़ियम में अब इसके आधे लोग भी नहीं आते. ब्रैडमैन म्यूज़ियम में हो रहे बदलाव लोगों को अपनी ओर कितना आकर्षित कर पाएँगे ये तो आने वाला समय ही बता पाएगा लेकिन ब्रैडमैन के प्रशंसक इन परिस्थितियों से अच्छा तो बिल्कुल नहीं महसूस कर रहे होंगे. | इससे जुड़ी ख़बरें ब्रैडमैन की टोपी बिकी30 जून, 2003 | खेल लारा का इरादा है ख़िताब जीतने का01 अक्तूबर, 2006 | खेल स्टार खिलाड़ियों वाली टीम परास्त01 अक्तूबर, 2006 | खेल 'पाकिस्तान मुआवज़ा नहीं देगा'02 अक्तूबर, 2006 | खेल मदुगाले ने दी अंपायरों को चेतावनी30 सितंबर, 2006 | खेल ग्रेग चैपल के पक्ष में आए हरभजन30 सितंबर, 2006 | खेल 'इंज़माम ने गेंद से छेड़छाड़ नहीं की'28 सितंबर, 2006 | खेल बीसीसीआई और आईसीसी में ठनी28 सितंबर, 2006 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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