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बल्ले के जादूगर का असामयिक निधन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अपनी कलात्मक बल्लेबाजी से दर्शकों का मन मोह लेने वाले वसीम राजा ने सत्तर और अस्सी के दशक में पाकिस्तानी क्रिकेट के स्तर को उभारने में अहम भूमिका निभाई. 54 वर्षीय वसीम को लंदन में सरे की ओर से मैच खेलते हुए दिल का दौरा पड़ा और और उन्होंने क्रिकेट के मैदान पर ही दुनिया को अलविदा कह दिया. उन्होंने अपने ज़माने के घातक बल्लेबाजों का डट कर मुकाबला किया. ख़ास कर वर्ष 1976-77 में वेस्टइंडीज के दौरे पर बिना हेलमेट पहने वसीम ने रॉबर्ट्स, जोएल गार्नर और क्रॉफ़्ट जैसे तूफ़ानी गेंदबाजों को पसीना बहाने पर मजबूर कर दिया. इतना ही नहीं इस सिरीज़ में सबसे अधिक रन बटोरने के अलावा वो पाकिस्तान की ओर से सबसे सफल गेंदबाज भी बने. बल्ले से आग उगलते हुए उन्होंने लगभग 57 रनों के औसत से 517 रन बनाए और सात विकेट भी चटकाए. एक टेस्ट सिरीज़ में सबसे अधिक 14 छक्के जड़ने का कीर्तिमान हाल तक उन्हीं के नाम था. इंग्लैंड के केविन पीटरसन ने पाकिस्तान के ख़िलाफ विवाद के साथ संपन्न हुई टेस्ट सिरीज़ मे इसकी बराबरी की है. स्टाइल बाएँ हाथ से बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने नितांत निजी स्टाइल बनाया. ख़ास कर वो पिच पर स्टान्स लेते समय काफी झुक कर गेंदबाजों की रणनीति को पढ़ने की कोशिश करते थे.
उनके नाम का चर्चित किस्सा 1981 का है जब पाकिस्तानी टीम पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ महज 17 रनों पर चार विकेट गंवा चुकी थी. इसे बाद बारी आई वसीम राजा की. डेनिस लिली ने उन्हें तेज़ बाउंसर डाला जिसका स्वागत उन्होंने गेंद को सीमा रेखा के पार पहुँचा कर किया. इस मैच में वे लगातार लिली के निशाने पर रहे और अपने पसंदीदा हुक शॉट पर आउट होने से पहले उन्होंने 62 रन बनाए. निजी जीवन वसीम का जन्म तीन जुलाई 1952 को मुल्तान में हुआ था. उनके भाई रमीज़ राजा ने भी पाकिस्तानी क्रिकेट को अहम योगदान दिया. रमीज़ अब कमेंट्रेटर की भूमिका में हैं. दोनों भाईयों का टेस्ट रिकॉर्ड लगभग एक जैसा रहा. स्टाइल अलग अलग. जहाँ वसीम लंबी दाढ़ी के साथ बाएँ हाथ से मध्यक्रम की बल्लेबाजी पंक्ति को मजबूत करते थे, वहीं रमीज़ दायें हाथ के बल्लेबाज रहे. वसीम बाद में लंदन में ही बस गए और एक अंग्रेज़ महिला से शादी कर ली. उन्होंने सर्रे स्कूल में बच्चों को भूगोल और भौतिकी का पाठ भी पढ़ाया. उन्होंने 1973 से 1985 के बीच 57 टेस्ट मैचों में लगभग 36 के औसत से 2821 रन बनाए. इसमें चार शतक शामिल है. उन्होंने टेस्ट करियर में 51 विकेट भी चटकाए. वसीम राजा ने इस दौरान 54 एकदिवसीय मैचों में लगभग 22 रनों के औसत से 782 रन बनाए. खिलाड़ी के रुप में मैदान से रिटायर होने के बावजूद क्रिकेट से उनका लगाव जारी रहा और आईसीसी ने उन्हें एलीट रेफ़री की सूची में रखा. बतौर रेफ़री वसीम राजा ने 15 टेस्ट मैचों का संचालन किया. | इससे जुड़ी ख़बरें क्रिकेटर वसीम राजा नहीं रहे23 अगस्त, 2006 | खेल 'अंपायर का फ़ैसला नहीं बदला जा सकता'23 अगस्त, 2006 | खेल इंज़माम को कोई मलाल नहीं22 अगस्त, 2006 | खेल हेयर का पक्षपात से इनकार22 अगस्त, 2006 | खेल 'मुशर्रफ़ ने पाक टीम का समर्थन किया'21 अगस्त, 2006 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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