|
अंगोला और ईरान बाहर हुए | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
विश्व कप फ़ुटबॉल के दूसरे दौर में पहुँचने की अंगोली की उम्मीदें बिखर गईं जब ईरान ने बुधवार को उसका यह सपना चकनाचूर कर दिया. खेल के दूसरे हिस्से में 14वें मिनट तक अंगोला की उम्मीदें जीवित थीं और तब तक वह एक गोल से ईरान से आगे थी. अंगोला के लिए एमाडो फ्लेवियो ने हैडर के ज़रिए किया था. हालाँकि उन्हें पुर्तगाल की तरफ़ से कुछ रियायत की भी ज़रूरत थी. लेकिन ईरान के खिलाड़ी सोहराब बख़्तियारज़ादेह ने गोल करके अंगोला की उम्मीदों पर पानी फेर दिया और स्कोर बराबर हो गया. ईरान को इस मैच में इस विश्व कप का पहला अंक मिला लेकिन अंगोला के लिए तो इस विश्व कप में आगे का रास्ता ही बंद हो गया. अंगोला ने इस उम्मीद के साथ मैच शुरू किया था कि अगर वे ईरान पर 2-0 से जीत हासिल कर लेते हैं तो उन्हें हॉलैंड और अर्जेंटीना के बीच होने वाले मैच की विजेता टीम के साथ खेलने का मौक़ा मिलेगा बशर्ते कि पुर्तगाल और मैक्सिको के बीच भी यही स्कोर रहता है. जब स्टेडियम में यह ख़बर फैली कि पुर्तगाल ने मैक्सिको के ख़िलाफ़ दो गोल कर दिए हैं तो वहाँ इतना शोर हुआ कि कुछ भी सुनाई देना बंद हो गया. उस मोड़ पर अंगोला की टीम को कुछ उम्मीद बना की वह भी दूसरे दौर में पहुँच सकते हैं लेकिन मध्यांतर से पहले ईरान गोल करने के ज़्यादा नज़दीक नज़र आ रहा था. जान फूँकी खेल में 24 वें मिनट में उस समय रोमांच पैदा हुआ जब ईरान के मशहूर स्ट्राइकर अली दाएई को अपनी टीम को बढ़त दिलाने का स्वर्णिम मौक़ा मिलता नज़र आया लेकिन गेंद गोल पोस्ट के ऊपर से होकर निकल गई.
बस वहीं से अंगोला की टीम जैसे नींद से जागी जिसकी उन्हें ज़रूरत थी. बस मिनट भर बाद ही अर्सेनियो लव ने गोल दागने की कोशिश की लेकिन इब्राहीम मिर्ज़ापोर ने उसे नाकाम कर दिया. जो मैच नीरस सा लग रहा था, अचानक उसमें जान आ गई. ईरान के खिलाड़ी गोल के लिए ज़्यादा उतावले और दमदार नज़र आए. लगभग एक घंटे का खेल होने के समय हालात में तब बदलाव आया जब अंगोला के फ्लेवियो ने बेहतरीन हैडर के ज़रिए गोल करके अपने खेल प्रशंसकों को प्रफुल्लित कर दिया. लेकिन ईरानी खिलाड़ी शायद जर्मनी छोड़ने से पहले एक अंक ज़रूर बनाना चाहते थे. उन्होंने खेल के 75वें मिनट में यह कामयाबी हासिल भी कर ली जब बख़्तियारज़ादे ने कॉर्नर के ज़रिए गोल बनाकर स्कोर बराबर कर दिया. बस वही लम्हा था जब अंगोला की उम्मीदों पर पानी फिरता नज़र आया और अपने खेल प्रशंसकों की विशाल वाहवाही के बावजूद अंगोला स्कोर बढ़ा नहीं पाया और इस तरह विश्व कप से ही बाहर हो गया. टीमें सुरक्षित खिलाड़ी - करीमी, ख़तीबी, राउदबरियन, बुरहानी, इनायती, काज़ीमियाँ, नवेदकिया, सदेक़ी, गुलमोहम्मदी, तालेबलू, शुजाएई. अंगोला - जो रिचर्डो, जम्बा, काली, लोको, देलगाड़ो, मिलोय, फिगरेडा, मैटूयस, मेंडोनका, ज़े कलंगा, अकवा, रैफ़री - मार्क मार्क शील्ड (ऑस्ट्रेलिया) | इससे जुड़ी ख़बरें विश्व कप के कारण परीक्षाएँ स्थगित29 मई, 2006 | खेल विश्व कप फ़ुटबॉल: वेश्यावृत्ति पर चिंता20 फ़रवरी, 2006 | खेल फ़ुटबॉल अफ़्रीकी कप मिस्र ने जीता10 फ़रवरी, 2006 | खेल फ़ुटबॉल कोच स्टिंग ऑपरेशन में15 जनवरी, 2006 | खेल ईस्ट बंगाल के कोच जेल पहुँचे03 दिसंबर, 2005 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||