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स्वीडन 89वें मिनट के गोल से जीता | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़्रेडी ल्युंगबर्ग के मैच ख़त्म होने से कुछ मिनट पूर्व किए गोल की बदौलत स्वीडन ने पराग्वे को 1-0 से हरा कर नॉक आउट राउंड में पहुँचने की संभावना बढ़ा ली है. दूसरी ओर दो मैच हार चुकी पराग्वे की टीम का अंतिम 16 में पहुँचने का सपना टूट गया है. उसका अंतिम मुक़ाबला त्रिनिदाद एंड टोबैगो से होगा. इससे पहले स्वीडन और त्रिनिदाद एंड टोबैगो से गोलरहित बराबरी पर छूटा था. स्वीडन की अगली भिड़ंत इंग्लैंड से है जिसने दो मैच जीत कर पहले ही अंतिम 16 में अपनी जगह सुनिश्चित कर रखी है. बढ़िया खेल बर्लिन में हुए ग्रुप-बी के मुक़ाबले में ज़्यादातर समय स्वीडन ही हावी रहा, लेकिन 88 मिनट तक पराग्वे पर कोई गोल नहीं किया जा सका. अंतत: 89वें मिनट में ल्युंगबर्ग का हेडर बेहतरीन खेल का प्रदर्शन कर रहे पराग्वे के गोलकीपर एल्डो बोबाडिला को चकमा दे पाया. हाफ़ टाइम तक गोल करने में नाकाम रहने के बाद स्वीडन के स्ट्राइकर ज़्लाटन इब्राहिमोविच की जगह मार्कस अलबेक को सबस्टीच्यूट किया गया. अलबेक के 46वें मिनट में मैदान पर क़दम रखते ही स्वीडन के खेल में जैसे नई धार आ गई. हालाँकि स्टेडियम में हज़ारों की संख्या में जमा स्वीडिश दर्शकों को 89वें मिनट तक साँसें थामे रखना पड़ा, जब अलबेक के हेडर पर ल्युंगबर्ग का हेडर लगा और गेंद गोल में गई. पराग्वे की टीम हारी ज़रूर लेकिन एक बार फिर अपने जुझारूपन का सबूत दिया. ग़ौरतलब है कि अपने ही कप्तान के गोल के कारण उसे पहले मैच में इंग्लैंड से 1-0 से हारना पड़ा था. |
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