|
चार भारतीय भारोत्तोलकों पर प्रतिबंध | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मेलबोर्न में हुए राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान प्रतिबंधित दवाओं का सेवन करने के मामले में भारत ने अपने दो भारोत्तोलकों एडविन राजू और तजिंदर सिंह पर आवीजन प्रतिबंध लगा दिया है. इसके अलावा महिला भारोत्तोलक टीम के दो सदस्यों प्रमिलावल्ली बोदारी और शैलजा पुजारी पर दो साल का प्रतिबंध लगाया गया है. मेलबोर्न में एडविन राजू और तजिंदर सिंह दोनों का प्रतिबंधित दवा लेने के मामले में परीक्षण किया गया था. दोनों के नतीजे पॉज़िटिव आए थे. एडविन राजू 56 किलोग्राम वर्ग में चौथे नबंर पर रहे थे. राष्ट्रमंडल खेलों से पहले लगे प्रशिक्षण कैंप के दौरान भी प्रतिबंधित दवाओं के सिलसिले में परीक्षण किया था. इसी परीक्षण में प्रमिलावल्ली और शैलजा विफल रही थीं. प्रतिबंध भारतीय भारोत्तोलक संघ के प्रमुख एचजे डोरा ने कहा है, “हम ऐसे लोगों को बर्दाशत नहीं करेंगे जो दवाओं के मामले में धोखाधड़ी करते हों और ये प्रतिबंध उसी का हिस्सा है.” विश्व में भारोत्तोलन की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने पर भारत पर पहले ही प्रतिबंध लगाया जा चुका है. प्रतिबंधित दवाओं के सेवन के मामले में किए गए परीक्षण में चार भारतीय खिलाड़ियों के नतीजे पॉजिटिव पाए गए थे. इसके बाद ही अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन संघ ने भारत पर प्रतिबंध लगाने का फ़ैसला लिया. ये प्रतिबंध कितने समय के लिए होगा ये मई में पता चलेगा. प्रतिबंध के चलते इस बात की भी आशंका है कि भारत दिसंबर में होने वाले एशियाई खेलों और 2008 के बीजिंग ओलंपिक खेलों में भारोत्तोलन टीम न भेज पाए. | इससे जुड़ी ख़बरें प्रतिबंधित दवा टेस्ट में भारतीय फँसे24 मार्च, 2006 | खेल समरेश राष्ट्रमंडल खेलों में सर्वश्रेष्ट एथलीट26 मार्च, 2006 | खेल महिला हॉकी टीम नहीं जीत पाई स्वर्ण25 मार्च, 2006 | खेल भारोत्तोलन में भारत को सोना-चाँदी16 मार्च, 2006 | खेल प्रतिमा और चानू पर आजीवन प्रतिबंध29 सितंबर, 2004 | खेल भारोत्तोलन प्रशिक्षकों को हटाया गया24 अगस्त, 2004 | खेल दो खिलाड़ियों पर पाबंदी19 अप्रैल, 2003 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||