| प्रतिमा और चानू पर आजीवन प्रतिबंध | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने तीन महिला भारोत्तोलकों सानामाचा चानू, प्रतिमा कुमारी और सुकुमारी सुनयना पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया है. प्रतिमा कुमारी और सानामाचा चानू को एथेंस ओलंपिक के दौरान प्रतिबंधित दवा लेने का दोषी पाया गया था. आईओए ने इन खिलाड़ियों के साथ-साथ कोच पाल सिंह संधू और बेलारूस के लियोनिड तारनेन्को पर भी पाबंदी लगाई है. नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में आईओए के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी ने इसकी घोषणा की. दोषी कलमाडी ने कहा, "हम प्रतिबंधित दवा लेने के मामले में कड़ा क़दम उठा रहे हैं. ताकि देश से इस तरह की समस्या को ख़त्म किया जा सके. हम नहीं चाहते कि भविष्य में ऐसी घटनाएँ दोबारा हों." प्रतिमा कुमारी को एथेंस ओलंपिक में हिस्सा लेने से पहले ही दोषी पाया गया था जबकि सानामाचा चानू बाद में दोषी पाई गई थी. सुकुमारी सुनयना को इस साल अप्रैल में कज़ाख़्तान में हुए एशियाई चैंपियनशिप में प्रतिबंधित दवा लेने का दोषी पाया गया था. कलमाडी ने कहा कि आईओए विदेशी कोच तारनेन्को को ब्लैक लिस्ट कर रहा है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन फ़ेडरेशन से उनके ख़िलाफ़ कड़े क़दम उठाने की सिफ़ारिश की है. पाल सिंह संधू 10 साल से ज़्यादा समय से भारतीय भारोत्तोलक दल के प्रभारी थे जबकि पूर्व विश्व चैंपियन तारनेन्को ओलंपिक गई भारतीय टीम को प्रशिक्षण दे रहे थे. अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन फ़ेडरेशन ने चानू और प्रतिमा कुमारी पर दो साल की पाबंदी लगाई थी. |
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