BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शुक्रवार, 10 फ़रवरी, 2006 को 18:18 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
रावलपिंडी मैच में दबाव भारत पर

द्रविड़ और सचिन
पहला मैच हारने के बाद भारत पर दूसरा मैच जीतने का दबाव रहेगा
रावलपिंडी मैच बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि पहला मैच पाकिस्तान जीत चुका है इसलिए पूरा दवाब भारत पर है और इस बार उन्हें मैच जीतने के लिए पूरी कोशिश करनी होगी.

अगर भारत ऐसा नहीं करता है तो भारत पर इस श्रृंखला में ख़ासा दबाव आ जाएगा. रावलपिंडी की विकेट काफ़ी सपाट दिखती है और विशेषज्ञों का मानना है कि यहाँ की विकेट पर गेंदबाज़ों को बहुत मदद नहीं मिलेगी.

जैसा कि इंज़माम उल हक ने कहा है कि इस विकेट पर गेंद बहुत तेज़ी के साथ बल्ले पर नहीं आती इसलिए इस विकेट पर रन बनाना बहुत आसान नहीं होता.

पेशावर की तरह रावलपिंडी में रनों की बरसात शायद देखने को न मिले. जो टीम ढाई सौ रन बना लेगी वो दूसरी टीम के लिए अच्छी चुनौती खड़ी कर देगी.

मुझे लगता है कि जो भी टीम टॉस जीतेगी वो पहले फ़ील्डिंग करना चाहेगी. क्योंकि ऐसी विकेटों पर जो भी फ़ायदा होता है वो पहले घंटे में ही होता है.

लक्ष्य का पीछा करना आसान होता है जब ये पता हो कि कितने रन इस पिच पर बनाए जा सकते हैं. ऐसे में पहले बल्लेबाज़ी करने वाली टीम पर दवाब रहता है.

'पलड़ा भारी'

भारत के कोच ग्रैग चैपल ने एक तरह से यह स्वीकार किया है कि पाकिस्तान की टीम का पलड़ा भारी है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस समय दुनिया की सबसे अच्छी दो या तीन टीमों में से एक है. टीम बहुत संतुलित है और बहुत अच्छे फॉर्म में है. इसलिए भारत को इस श्रृंखला से बहुत कुछ सिखने को मिलेगा.

जहाँ तक दोनों टीमों का सवाल है तो दोनों टीमों के एक-एक खिलाड़ी फ़िट नहीं हैं. भारत की ओर से ऊंगली की चोट से परेशान हरभजन सिंह के खेलने की उम्मीद नहीं है और पाकिस्तान की ओर से टखने की चोट से परेशान शोएब अख्तर रावलपिंडी में नहीं खेलेंगे.

भारतीय टीम में रमेश पवार को बुलाया गया है जो निचले क्रम में अच्छी बल्लेबाज़ी भी कर लेते हैं. ग्रैग चैपल ने कहा है कि वो विश्व कप को देखते हुए टीम तैयार करना चाहते हैं. इसलिए संभव है कि इस मैच में रमेश पवार को खेलने का मौका मिले. हो सकता है कि श्रीसंत की जगह रूद्रप्रताप सिंह इस बार मैदान पर दिखें. वैसे पाकिस्तान की टीम में उमर गुल को एक और मौका मिलेगा या नहीं, इस सवाल का जवाब जानने के लिए शनिवार तक का इंतजार करना होगा.

जहाँ तक भारत की रणनीति का सवाल है तो मुझे लगता है कि जैसी रणनीति ग्रैग चैपल ने पेशावर में अपनाई थी उसी तरह की आक्रामक रणनीति के साथ वो इस मैच में भी अपनी टीम को उतारेंगे.

शुरू से ही आक्रामक मुद्रा अपनाकर पाकिस्तान को दबाने की कोशिश करेंगे. वैसे भी अगर पाकिस्तान को हराना है तो पाकिस्तान का रवैया अपनाना होगा. पूरी तरह से निडर होकर आक्रमण करना होगा.

इससे जुड़ी ख़बरें
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>