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किसी तरह टेस्ट ड्रॉ कर पाया ऑस्ट्रेलिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच ऐशेज़ सिरीज़ का तीसरा टेस्ट ड्रॉ हो गया है. हार के कग़ार पर पहुँच चुकी ऑस्ट्रेलिया की टीम किसी तरह तीसरा टेस्ट बचा पाने में सफल रही. मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफ़र्ड मैदान पर टेस्ट के आख़िरी दिन ऑस्ट्रेलिया की टीम मैच बचाने के लिए मैदान पर उतरी थी. इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया के सामने जीत के लिए लक्ष्य रखा था 423 रन और चौथे दिन का खेल ख़त्म होने तक ऑस्ट्रेलिया का स्कोर था बिना किसी विकेट के नुक़सान के 24 रन. पाँचवें दिन ऑस्ट्रेलिया के लिए पल-पल भारी पड़ रहा था तो इंग्लैंड को जीत की किरण दिखने लगी थी. रोमांच अपने चरम पर था. लेकिन इसलिए नहीं कि कौन जीतता है, बल्कि इसलिए कि क्या ऑस्ट्रेलिया की टीम यह मैच बचा पाएगी या नहीं. कप्तान रिकी पोंटिंग की बेमिसाल पारी भी संकट मोचक नहीं साबित हुई और चार ओवर पहले जब नौवें विकेट के रूप में वे 156 रन बनाकर आउट हुए तो लगा अब इंग्लैंड की जीत को कौन रोकेगा. लेकिन ब्रेट ली और ग्लेन मैकग्रॉ ने इंग्लैंड के शीर्ष गेंदबाज़ों को पानी पिला दिया. आख़िरी विकेट हासिल करने की उनकी ज़ोर-आज़माइश पर पानी फेर दिया इन दोनों ने. और जब आख़िरी ओवर करने आए स्टीव हार्मिसन की आख़िरी गेंद को भी ये खिलाड़ी झेल गए तो ऑस्ट्रेलियाई कैंप में ख़ुशी की लहर ऐसी उठी जैसे उन्होंने टेस्ट ही जीत लिया हो. लेकिन पूरे टेस्ट के दौरान जिस तरह इंग्लैंड ने विश्व चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया की हालत पतली की, उससे तो टेस्ट बचा पाने की ख़ुशी उनके लिए जीत की ख़ुशी से ज़्यादा थी. इस टेस्ट के ड्रॉ होने के बाद तीन टेस्ट मैचों के बाद सिरीज़ 1-1 से बराबर है. पहला टेस्ट ऑस्ट्रेलिया ने जीता था और दूसरा इंग्लैंड ने. चौथा टेस्ट 25 अगस्त से ट्रेंट ब्रिज में खेला जाएगा. आख़िरी दिन का खेल आख़िरी दिन ऑस्ट्रेलिया की टीम ने बिना किसी विकेट के नुक़सान पर 24 रन से आगे खेलना शुरू किया. लेकिन जल्दी ही जस्टिन लैंगर 14 रन बनाकर आउट हो गए.
मैथ्यू हेडन और कप्तान रिकी पोंटिंग के बीच अच्छी साझेदारी की आधारशिला बनने लगी थी लेकिन हेडन के 36 रन पर आउट होते ही ऑस्ट्रेलिया पर जैसे मुसीबत का पहाड़ टूट पड़ा. एक के बाद एक खिलाड़ी आउट होने लगे. डेमियन मार्टिन 19, साइमन कैटिच 14 और एडम गिलक्रिस्ट सिर्फ़ चार रन बनाकर आउट हो गए. पाँच विकेट गँवाने के बाद कप्तान रिकी पोंटिंग को कोई ऐसा साथी खिलाड़ी मिला जो कुछ देर विकेट पर टिक सके. माइकल क्लार्क और कप्तान रिकी पोंटिंग ने धीरे-धीरे ऑस्ट्रेलिया पारी को आगे बढ़ाना शुरू किया और एक बार तो ऐसा लगा कि ये दोनों ऑस्ट्रेलिया को हार से बचा लेंगे. लेकिन क्रिकेट खेल ही ऐसा है जिसमें क्षण-क्षण स्थितियाँ बदलती हैं. क्लार्क 39 रन बनाकर आउट हो गए और जेसन गिलेस्पी अपना खाता भी नहीं खोल पाए. इस बीच ऑस्ट्रेलिया के कप्तान रिकी पोंटिंग ने अपना शतक पूरा किया और अब ऑस्ट्रेलिया की हार बचाने की ज़िम्मेदारी उन्हीं पर थी. ऐशेज़ सिरीज़ में अभी तक शानदार बल्लेबाज़ी का प्रदर्शन कर चुके शेन वॉर्न ने एक बार फिर अपने बल्ले का ज़ोर दिखाया और न सिर्फ़ 34 रन बनाए बल्कि पोंटिंग के साथ 76 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी भी की. हालात बदल रहे थे और एक बार फिर इंग्लैंड की टीम जीत के दरवाज़े पर खड़ी दिख रही थी. मैच ख़त्म होने के चार ओवर पहले जब कप्तान रिकी पोंटिंग हार्मिसन की गेंद पर आउट हो गए तो इंग्लैंड को लगा उन्होंने क़िला तो फ़तह कर ही लिया अब तो सिर्फ़ औपचारिकता बाक़ी है. लेकिन इसके बाद पाँचवें दिन का असली मैच शुरू हुआ. दो बल्लेबाज़ों ब्रेट ली और ग्लेन मैकग्रॉ के धैर्य की परीक्षा शुरू हुई और इंग्लैंड के गेंदबाज़ों ने आख़िरी विकेट लेने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी. अंत में जीत हुई ब्रेट ली और मैकग्रॉ की और वे अपने देश को हार के मुँह से निकाल पाने में सफल रहे. ऑस्ट्रेलिया ने नौ विकेट पर 371 रन बनाए और मैच ड्रॉ हो गया. स्कोर: इंग्लैंड- पहली पारी- 444 रन, दूसरी पारी- 280/6 (पारी घोषित) |
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