| ऐशेज़ में किसका पलड़ा भारी? | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बहुचर्चित ऐशेज़ श्रृंखला में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच मुक़ाबलों का इतिहास काफ़ी विभिन्नता वाला रहा है. दोनों ही टीमें अपनी-अपनी दलीलों के साथ मैदान पर उतरी हैं और जीत के दावे कर रही हैं. ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पॉन्टिंग कहते हैं, “लॉर्ड्स टेस्ट के लिए इंग्लैंड का पाँच ‘ऐशेज़ वर्जिन’ चुनना हमारे लिए वरदान साबित हो सकता है.” इंग्लैंड ने ऐशेज़ प्रतियोगिता के पहले टेस्ट के लिए ऐसे पाँच खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया है जो पहले कभी ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ टेस्ट मैच नहीं खेले हैं – इसीलिए पॉन्टिंग उन्हें ‘ऐशेज़ वर्जिन’ कह रहे हैं. इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज़ एंड्रयू स्ट्रॉस, मध्यक्रम में इयन बेल, केविन पीटरसन, एंड्रयू फ़्लिन्टॉफ़ और विकेटकीपर गैराइंट जोंस ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ पहली बार पाँच दिवसीय क्रिकेट खेलेंगे. इंग्लैंड के कप्तान माइकल वॉन कहते हैं, “ये मेरी युवा टीम के सामने अब तक की सबसे बड़ी चुनौती है और ये दिखा देगी कि ये कहाँ तक जा सकती है. हम आशा करते हैं कि इतिहास बदल डालेंगे.” किसका पलड़ा भारी पिछले आठ ऐशेज़ मुक़ाबले ऑस्ट्रेलिया ने लगातार जीते हैं और नौवीं बार भी वो यही सिलसिला जारी रखने का दावा कर रहा है.
ऐशेज़ पर इंग्लैंड का क़ब्ज़ा आख़िरी बार 1986-87 में हुआ था जब उसके कप्तान थे माइक गैटिंग. 2002-03 की ऐशेज़ में तो पाँच टेस्ट मैचों का नतीजा सिर्फ़ 11 दिन के खेल में हो गया था और अपनी धरती पर ऑस्ट्रेलिया ने वो शृंखला 4-1 से जीत ली थी. लेकिन इस बार पासा पलटने के आसार सबसे ज़्यादा हैं क्योंकि इंग्लैंड ने अपनी पिछली पाँच टेस्ट श्रृंखलाएँ जीती हैं और आईसीसी की टेस्ट रैंकिंग में वो ऑस्ट्रेलिया के बाद दूसरे नंबर पर आ गई है. रिकी पॉन्टिंग कहते हैं, “इंग्लैंड ने पिछले एक डेढ़ साल में अच्छा प्रदर्शन किया है और वो आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में दूसरे नंबर के हक़दार हैं. ऐशेज़ वैसे ही ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे बड़ी सीरीज़ होती है लेकिन इस बार इंग्लैंड के खेल को देखते हुए ये और भी ख़ास हो गई है.” विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलियाई टीम में तो कोई ख़ास बदलाव नहीं आया है लेकिन इंग्लैंड के पास इस बार ट्रेस्कोथिक और स्ट्रॉस की बेहतरीन सलामी जोड़ी है, स्टीव हार्मिसन जैसा घातक तेज़ गेंदबाज़, विश्व के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडरों में से एक एंड्रयू फ़्लिन्टॉफ़ और आतिशी बल्लेबाज़ केविन पीटरसन. वापसी ऑस्ट्रेलिया ने अपने इस इंग्लैंड दौरे की शुरुआत तो डगमगाते हुए ही की जब वनडे मैचों में उसे दो बार इंग्लैंड से और एक बार बंग्लादेश से शर्मनाक हार मिली.
लेकिन उसके बाद कंगारुओं ने ख़ुद को सँभाला और पहले तो त्रिकोणीय शृंखला बराबर की और फिर इंग्लैंड के ख़िलाफ़ तीन एक दिवसीय मैचों की नैटवेस्ट सीरीज़ 2-1 से जीती. और अब वर्ल्ड चैंपियन उतर रहे हैं ऐशेज़ के पहले टेस्ट के लिए लॉर्ड्स मैदान पर जहाँ वो 1934 से कोई टेस्ट नहीं हारे हैं. सहमति इस सीरीज़ के लिए दोनों कप्तानों के बीच एक सहमति भी हुई है जिससे मैदान पर पैदा होने वाली कड़वाहट की संभावना को कम किया जा सके. दोनों ने फ़ैसला किया है कि जिस कैच पर विवाद होगा उसके बारे में कैच लेने वाले फ़ील्डर की बात मानी जाएगी. विवादित कैचों के बारे में मैदान पर खड़े अंपायर तीसरे अंपायर से पहले फ़ील्डर से ही पूछेंगे और अगर वो कहता है कि उसने कैच सही लिया है तो फ़ैसला करना आसान हो जाएगा. टेस्ट क्रिकेट में 499 विकेट ले चुके ग्लेन मेकग्रा का दावा है कि उनकी टीम इस बार भी ऐशेज़ जीतेगी और वो भी 5-0 से. इसके जवाब में इंग्लैंड के कप्तान कहते हैं, कम से कम ये तो नहीं होने वाला. टीमें - इंग्लैंड – मार्कस ट्रेस्कोथिक, एंड्रयू स्ट्रॉस, माइकल वॉन (कप्तान), इयन बेल, केविन पीटरसन, एंड्रयू फ़्लिन्टॉफ़, गैराइंट जोन्स (विकेटकीपर), एश्ले जाइल्स, साइमन जों, मैथ्यू होगार्ड, स्टीफ़न हार्मिसन ऑस्ट्रेलिया (संभावित) – मैथ्यू हेडन, जस्टिन लैंगर, रिकी पॉन्टिंग (कप्तान), डेमियन मार्टिन, साइमन कैटिच, माइकल क्लार्क, एडम गिलक्रिस्ट (विकेटकीपर), शेन वॉर्न, ब्रेट ली, जेसन गिलेस्पी या माइकल कास्प्रोविच, ग्लेन मेकग्रा. अंपायर – दक्षिण अफ़्रीका के रूडी कुर्तज़न और पाकिस्तान के अलीम दार |
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