|
मुरली का जादू, श्रीलंका ने सिरीज़ जीती | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मुथैया मुरलीधरन की फ़िरकी ने वेस्टइंडीज़ के बल्लेबाज़ों को ख़ूब नचाया और कैंडी टेस्ट के चौथे ही दिन श्रीलंका ने 240 रनों से जीत हासिल कर ली. इस जीत के साथ ही श्रीलंका ने दो टेस्ट मैचों की सिरीज़ 2-0 से जीत ली. श्रीलंका ने पहले टेस्ट में वेस्टइंडीज़ को छह विकेट से हराया था. मुरलीधरन ने दूसरी पारी में सिर्फ़ 46 रन देकर आठ विकेट चटकाए और मैच में कुल 10 विकेट लिए. लेकिन इतनी शानदार गेंदबाज़ी के बावजूद मैन ऑफ़ द मैच का पुरस्कार ले गए उनके साथी खिलाड़ी संगकारा. क्योंकि कम स्कोर वाले मैच में संगकारा ने श्रीलंका की दूसरी पारी में 157 रनों की नाबाद पारी खेली. मैन ऑफ़ द सिरीज़ का पुरस्कार मिला चमिंडा वास को. चमिंडा वास ने पहले टेस्ट में सात और दूसरे टेस्ट में छह विकेट लिए. बेबस वेस्टइंडीज़ कैंडी टेस्ट के चौथे दिन श्रीलंका ने अपनी दूसरी पारी में सात विकेट पर 304 रनों से आगे खेलना शुरू किया और सात विकेट पर 375 रन पर पारी समाप्त घोषित कर दी.
वेस्टइंडीज़ को दूसरी पारी में जीत के लिए 378 रनों का लक्ष्य मिला. लेकिन कम अनुभवी खिलाड़ियों के साथ दौरे पर आई वेस्टइंडीज़ की टीम मुथैया मुरलीधरन की घूमती गेंदों का सामना नहीं कर पाई. सबसे ज़्यादा 29 रन देवनारायण ने बनाए. रामदीन ने 28 और कप्तान शिवनारायण चंद्रपॉल ने 24 रनों का योगदान दिया. वेस्टइंडीज़ की पूरी टीम 137 रन बनाकर आउट हो गई. मुरलीधरन ने 46 रन देकर आठ विकेट चटकाए. हेरथ और मलिंगा को एक-एक विकेट मिले. मुरलीधन ने इस टेस्ट में कुल 10 विकेट लिए. उन्होंने पहली पारी में दो विकेट चटकाए थे. इस टेस्ट की पहली पारी में वेस्टइंडीज़ ने 148 रन बनाए थे जबकि श्रीलंका की टीम भी पहली पारी में 150 रन बनाकर ही आउट हो गई थी. संक्षिप्त स्कोर: |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||