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इंग्लैंड के फ़ैसले से मियाँदाद नाराज़ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और कोच जावेद मियाँदाद ने कहा है कि अगर कराची में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ टेस्ट मैच नहीं हुआ तो क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों को सिरीज़ रद्द कर देनी चाहिए. इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने कराची में सुरक्षा स्थिति का जायज़ा लेने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) से कह दिया है कि वे कराची में टेस्ट मैच नहीं खेलेंगे. ईसीबी के फ़ैसले पर निराशा व्यक्त करते हुए मियाँदाद ने कहा, "अगर इंग्लैंड की टीम कराची में नहीं खेलती तो उनके साथ खेलने का कोई मतलब नहीं." मंगलवार को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने संकेत दिए थे कि उन्होंने ईसीबी का फ़ैसला स्वीकार कर लिया है. दौरा लेकिन मियाँदाद ने ज़ोर देकर कहा, "उनके खिलाड़ियों की सुरक्षा पर ख़तरे के प्रत्यक्ष प्रमाण के बिना इंग्लैंड को कराची में खेलने के लिए कहना चाहिए या सिरीज़ रद्द कर देनी चाहिए." इंग्लैंड की टीम अक्तूबर में पाकिस्तान आ रही है जहाँ उसे तीन टेस्ट मैच और पाँच एक दिवसीय मैच खेलना है. 11 सितंबर 2001 को अमरीका पर हुए हमलों के बाद ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज़ ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पाकिस्तान में खेलने से मना कर दिया था. वर्ष 2002 में कराची में ठहरी न्यूज़ीलैंड की टीम के होटल के बाहर हुए धमाकों के बाद दक्षिण अफ़्रीका और भारत ने कराची में टेस्ट मैच खेलने से मना कर दिया था. 2002 में हुए बम धमाकों में 14 लोग मारे गए थे. इंग्लैंड की टीम ने आख़िरी बार पाकिस्तान का दौरा वर्ष 2000 में किया था. उस समय टीम के कप्तान थे नासिर हुसैन, जिन्होंने 39 वर्षों बाद अपनी टीम को पाकिस्तान की धरती पर टेस्ट सिरीज़ में जीत दिलाई थी. |
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