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चैम्पियंस ट्रॉफ़ी की नयी रूपरेखा को मंज़ूरी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अगले साल भारत में होने वाली आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफ़ी के लिए नयी रूपरेखा तैयार की गई है. नई रूपरेखा के तहत प्रतियोगिता में शामिल आठ टीमों को दो ग्रुपों में बाँटा जाएगा. दोनो ग्रुपों की दो शीर्ष टीमें सेमी फ़ाइनल के लिए क्वालीफ़ाई करेंगी. पहले इस प्रतियोगिता में 12 टीमों को तीन-तीन के चार ग्रुपों में बाँटा गया था. इस प्रतियोगिता में शामिल होने वाली आठ टीमों में से छह टीमों को एक अप्रैल 2006 की आईसीसी वनडे टीम रैंकिंग के आधार पर शामिल किया जाएगा. रैंकिंग में शीर्ष छह टीमों को प्रतियोगिता में सीधे प्रवेश मिलेगा. जबकि दो टीमों का चयन आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफ़ी 2006 के क्वालीफ़ाइंग राउंड के आधार पर होगा. क्वालीफ़ाइंग राउंड के मैच ग्रुप मैच शुरू होने से कुछ दिन पहले भारत में ही होंगे. भारत की मुश्किलें इस नई रूपरेखा के अंतर्गत हो सकता है कि मेजबान भारत को भी क्वालीफ़ाइंग राउंड खेलना पड़े. क्योंकि अभी आईसीसी वनडे रैंकिंग में भारत का स्थान सातवाँ है. अगर एक अप्रैल 2006 तक भारत की रैंकिंग में सुधार नहीं हुआ तो उसे भी क्वालीफ़ाइंग राउंड खेलना पड़ेगा. इस क्वालीफ़ाइंग राउंड में चार टीमों को जगह मिलेगी जो आईसीसी की वनडे रैंकिंग में सात से 10वें स्थान के बीच होंगी. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मैल्कम स्पीड ने कहा, "पहले की आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफ़ी में जो कमियाँ थी, उसे हमने ठीक करने की कोशिश की. हमें उम्मीद है कि अगले साल भारत में एक रोमांचक प्रतियोगिता होगी." डबलिन में आईसीसी की एक बैठक में यह फ़ैसला किया गया. स्पीड ने कहा कि पिछली आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफ़ी के बाद हमने प्रतियोगिता की रूपरेखा की समीक्षा का फ़ैसला किया था और कई लोगों की राय भी ली थी. |
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