|
पीटरसन की आतिशी पारी, ऑस्ट्रेलिया हारा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नैटवेस्ट सिरीज़ में ऑस्ट्रेलिया का ख़राब प्रदर्शन जारी है. बांग्लादेश से मिली शिकस्त के बाद मेजबान इंग्लैंड ने भी एक रोमांचक मैच में विश्व चैम्पियन को तीन विकेट से हरा दिया. इंग्लैंड की जीत के हीरो रहे केविन पीटरसन, जिन्होंने न सिर्फ़ इंग्लैंड को मैच में जीत के राह पर आगे किया बल्कि अपने दम पर जीत भी दिलाई. पीटरसन ने 65 गेंद पर 91 रनों की बेमिसाल पारी खेली और आख़िरी समय तक संयम बनाए रखा. ग्लेन मैकग्रा को छोड़कर बाक़ी सभी ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ उनके सामने बौने नज़र आए. चाहे वो गिलेस्पी हों, कैस्परोविच या फिर शेन वॉटसन- सभी की गेंदों को पीटरसन ने कभी आसमानी उड़ान से सीमा रेखा के बाहर किया तो कभी चौकन्ने क्षेत्ररक्षकों के बीच से. ऑस्ट्रेलिया के लिए मुश्किल की बात ये रही कि इंग्लैंड को सिर्फ़ 253 रनों का लक्ष्य देने के बावजूद वे मैच में अच्छी स्थिति में थे लेकिन फिर भी वे मैच नहीं जीत पाए. मुश्किल पहले पाँच खिलाड़ियों में सिर्फ़ कप्तान माइकल वॉन ही ज़्यादा देर तक पिच पर टिक पाए. उन्होंने 57 रनों की पारी खेली लेकिन बीच-बीच में इंग्लैंड के विकेट गिरते रहे.
ट्रेस्कोथिक और स्ट्रॉस 16 रन बनाकर आउट हुए. लेकिन जब कॉलिंगवुड और फ़्लिंटफ़ भी बिना कुछ ख़ास किए पवेलियन लौट गए तो इंग्लैंड के लिए यह लक्ष्य भी मुश्किल लगने लगा. लेकिन पीटरसन तो जैसे ऑस्ट्रेलिया की राह में दीवार बनकर खड़े थे. सातवें विकेट के लिए पीटरसन और विक्रम सोलंकी के बीच 54 रनों की साझेदारी जिस तेज़ी से हुई जिससे लगने लगा कि इंग्लैंड की जीत आसान हो गई है. लेकिन तभी एडम गिलक्रिस्ट ने एक बेहतरीन थ्रो पर विक्रम सोलंकी को मैदान से बाहर का रास्ता दिखा दिया. उस समय इंग्लैंड का स्कोर था 214 रन और अभी भी उसे 39 रनों की ज़रूरत थी. संयम पिच पर पीटरसन का साथ निभाने पहुँचे अपना पहला एक दिवसीय मैच खेल रहे जॉन लेविस.
घरेलू मैदान पर लेविस को शुरू में मुश्किल तो आई लेकिन पीटरसन का साथ उन्हें भी रास आ गया और वे संभल कर खेलने लगे. दूसरे छोर से पीटरसन ने अपनी आतिशी पारी जारी रखी और ख़ास तौर पर गिलेस्पी और शेन वॉटसन की गेंदों की जम कर धुनाई की. विजयी शॉट लेविस के बल्ले से निकला और उस समय अभी 15 गेंद बाक़ी थे. इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए माइक हुसे के शानदार 84 रनों की बदौलत 50 ओवर में नौ विकेट पर 252 रन बनाए. पारी ऑस्ट्रेलिया ने इस बार शुरुआत तो अच्छी की लेकिन स्टीव हार्मिसन के एक ओवर ने उन्हें बैक फ़ुट पर ला दिया.
पहले विकेट के लिए गिलक्रिस्ट और मैथ्यू हेडन ने 57 रन जोड़े. लेकिन हार्मिसन ने पहले गिलक्रिस्ट को 26 रनों पर आउट किया और फिर कप्तान रिकी पोंटिंग बिना खाता खोले अगली ही गेंद पर हार्मिसन का शिकार बन गए. हार्मिसन ने उसी ओवर में डेमियन मार्टिन को भी शून्य पर चलता करके ऑस्ट्रेलिया को मुश्किल में डाल दिया. कुछ देर बाद हेडन भी हार्मिसन का ही शिकार बने. उनका बेहतरीन कैच लपका पॉल कॉलिंगवुड ने. हेडन ने 31 रन बनाए. बाद में मार्क हुसे और माइकल क्लार्क ने ऑस्ट्रेलिया को सम्मानजनक स्थिति में पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. हुसे ने 84 और क्लार्क ने 45 रन बनाए. इंग्लैंड की ओर से स्टीव हार्मिसन ने पाँच विकेट लिए जबकि एंड्रयू फ़्लिंटफ़ को दो विकेट मिले. गफ़ और लेविस के खाते में एक-एक विकेट आए. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||