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पद संभालने भारत पहुंचे चैपल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय क्रिकेट टीम के प्रशिक्षक का कार्यभार संभालने के लिए ग्रेग चैपल भारत पहुंच गए हैं. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान के पास अपनी योजनाएं लागू करने के लिए क़रीब एक महीने का समय है जिसके बाद भारत को वेस्टइंडीज़ और श्रीलंका के साथ त्रिकोणीय एकदिवसीय शृंखला में हिस्सा लेना है. भारत के पूर्व हरफनमौला खिलाड़ी चंदू बोर्डे ने चैपल के बारे में कहा " वो एक महान क्रिकेटर हैं और बहुत सोच समझ कर खेलते हैं. " बोर्डे का कहना था " चैपल ने ऑस्ट्रेलिया में हर तरह की रणनीति पर विचार किया है और वो सब जानते हैं. अब हमारे खिलाड़ियों पर है कि वो इसका कितना फायदा उठाते हैं. " चैपल को पिछले महीने भारतीय क्रिकेट टीम का प्रशिक्षक नियुक्त किया गया था. इस पद की दौड़ में टॉम मूडी, मोहिंदर अमरनाथ और डेसमंड हेंस भी थे. चैपल को यह ज़िम्मेदारी ऐसे समय में मिली है जब भारत टेस्ट खेलने वाले देशों की रैंकिंग में तीसरे नंबर पर है और एकदिवसीय क्रिकेट में आठवें नंबर पर पहुंच गया है. चैपल का कहना था " मुझे उम्मीद है कि इस रैंकिंग को सुधारा जा सकता है लेकिन यह काम एक दिन में नहीं होगा." चैपल ने पहले ही इस बात के संकेत दे दिए हैं कि टीम के चयन में वो पूर्व प्रशिक्षक जॉन राइट से अधिक हस्तक्षेप चाहेंगे. हालांकि चैपल की इस इच्छा पर काफी अंकुश लगाने की कोशिश हो सकती है. पूर्व टेस्ट क्रिकेटर और चयन समिति के सदस्य सैयद किरमानी कहते हैं " चयन समिति सबसे ऊपर है. अगर प्रशिक्षक और कप्तान ही टीम चुन लेंगे तो चयन समिति की ज़रुरत ही क्या है. " इसके अलावा चैपल के समक्ष चुनौती होगी सौरभ गांगुली की लगातार ख़राब बल्लेबाज़ी, सचिन तेंदुलकर की फिटनेस और भारत के तेज़ गेंदबाज़ों का प्रदर्शन. फिलहाल तेंदुलकर अपनी कोहनी के आपरेशन के बाद चार महीने तक क्रिकेट नहीं खेल सकेंगे. लेकिन चैपल का मानना है कि तेंदुलकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में धमाकेदार वापसी करेंगे. चैपल का कहना है " सचिन ने 15 साल क्रिकेट खेली है और ये सभी साल उनके लिए ज़बर्दस्त रहे हैं. मैं कोशिश करुंगा कि उनके सामने नई तरह की चुनौतियां रखूं और उनका मनोबल बढ़ाऊं. " |
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