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हरभजन सिंह के एक्शन को क्लीन चिट | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने भारतीय स्पिन गेंदबाज़ हरभजन सिंह के एक्शन को सही ठहराया है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने इस फ़ैसले का स्वागत किया है. बीसीसीआई के अध्यक्ष रणबीर सिंह महिंद्रा ने कहा कि इस फ़ैसले से बीसीसीआई की जीत हुई है. पिछले साल दिसंबर में बांग्लादेश के ख़िलाफ़ टेस्ट के दौरान पहली बार हरभजन के एक्शन की शिकायत अंपायरों ने आईसीसी से की थी. उसके बाद इस साल मार्च में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ टेस्ट मैच के दौरान भी हरभजन सिंह के एक्शन पर सवाल उठे. पड़ताल यूनिवर्सिटी ऑफ़ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया में हरभजन सिंह के एक्शन की पड़ताल हुई और पड़ताल की एक स्वतंत्र बायो मेकानिस्ट मार्क पोर्टूस ने. हालाँकि पड़ताल में यह पाया गया कि पाकिस्तान के ख़िलाफ़ मैच के दौरान हरभजन सिंह के एक्शन और उनके पहले के एक्शन में अंतर था. लेकिन इससे पोर्टूस कोई निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाल पाए. इसका मतलब ये हुआ कि हरभजन गेंदबाज़ी करने को स्वतंत्र हैं. आईसीसी के महाप्रबंधक डेविड रिचर्डसन ने बताया, "ऑस्ट्रेलिया में हरभजन सिंह के एक्शन की पड़ताल के दौरान कोई भी संदेहास्पद बात निकल कर सामने नहीं आई और उनका एक्शन आईसीसी की नियमावली के दायरे में ही है." उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के ख़िलाफ़ मैच में हरभजन के एक्शन में कुछ अंतर महसूस किया गया था जिनमें गेंद की गति और उनके पैर की स्थिति पर भी सवाल उठे थे. लेकिन पोर्टूस अपनी पड़ताल के दौरान किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुँच पाए. उन्होंने बताया कि आईसीसी ने हरभजन सिंह को यह सलाह दी है कि यूनिवर्सिटी ऑफ़ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया में पड़ताल के दौरान उन्होंने जिस तरह गेंदबाज़ी की है, वे उसी तरह अंतरराष्ट्रीय मैचों में गेंदबाज़ी कर सकते हैं. |
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