|
2014 एशियाड के लिए भारत का दावा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय ओलंपिक संघ वर्ष 2014 के सत्रहवें एशियाई खेलों की मेज़बानी के लिए दावा पेश करेगा जिसके लिए मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंज़ूरी दे दी. भारत वर्ष 2010 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेज़बानी करने वाला है. इससे पहले भारत 1951 और 1982 में एशियाई खेलों का आयोजन कर चुका है. राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन के बाद भारत ओलंपिक के आयोजन के लिए भी दावा पेश करना चाहता है. भारतीय अधिकारियों का कहना है कि ओलंपिक के बाद राष्ट्रमंडल खेल ही दुनिया का बड़ा खेल आयोजन होता है. मंत्रिमंडल के फ़ैसले की जानकारी देते हुए केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री जयपाल रेड्डी ने बताया कि एशियाई खेलों की मेज़बानी के लिए दावा ओलंपिक संघ को ही करना होता है और सरकार को उसका समर्थन आवश्यक होता है. उन्होंने कहा, "सरकार के समर्थन के बिना ओलंपिक संघ का दावा मज़बूत नहीं माना जाता इसलिए मंत्रिमंडल ने सत्रहवें एशियाई खेलों के आयोजन के लिए ओलंपिक संघ को समर्थन देने का फ़ैसला किया है." चूंकि भारत ने हाल ही में हैदराबाद में एफ़्रो-एशियाई खेलों का सफल आयोजन किया था और 2010 में वह राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन करने जा रहा है इसलिए वह मान रहा है कि इन आयोजनों के लिए भारत का दावा पुख़्ता हो सकता है. इस समय दिल्ली को राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन की मेज़बानी के लिए तैयार किया जा रहा है. संभावना है कि 2010 तक दिल्ली में बुनियादी सुविधाएँ और मज़बूत हो जाएँगी और इससे एशियाई खेलों की मेज़बानी के दावे को पुख़्ता आधार मिलेगा. भारत पहले ही कह चुका है कि वह ओलंपिक खेलों की मेज़बानी का भी दावा करना चाहता है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||