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दिल्ली को मिली राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी
भारत 2010 के कॉमनवेल्थ यानी राष्ट्रमंडल खेलों की मेज़बानी करेगा. भारत ने कनाडा को 46 के मुक़ाबले 22 मतों से पीछे छोड़ पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों की मेज़बानी हासिल की. राष्ट्रमंडल खेल संघ के अध्यक्ष माइकल फ़ेनल ने गुरुवार को जमैका में इसकी घोषणा की. राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन को ओलंपिक की मेज़बानी का दावा करने का रास्ता भी माना जाता है. कनाडा इससे पहले चार बार इन खेलों का आयोजन कर चुका है जबकि भारत के लिए ये पहला मौका है और इसी को भारत का मज़बूत पक्ष भी माना जा रहा था. खेलों की मेज़बानी करने वाला भारत सिर्फ़ दूसरा एशियाई देश होगा. इससे पहले मलेशिया ने 1998 में कुआलालंपुर में इन खेलों का आयोजन किया था. भारत राष्ट्रमंडल का सबसे बड़ा देश है. महत्वपूर्ण समाचार एजेंसी एपी के अनुसार मेज़बानी की घोषणा होने के बाद भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी ने कहा, "ये हमारे देश के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण है. आख़िरकार भारत को खेलों की मेज़बानी मिल गई."
खेल मंत्री विक्रम वर्मा ने भारत को खेलों की मेज़बानी मिलने को एक बहुत बड़ी उपलब्धि बताया है. दोनों ही पक्षों ने अपने लिए मत बटोरने की काफ़ी कोशिशें कीं. मतदान से पहले हुए कार्यक्रमों में जहाँ एक तरफ़ धावक डोनोवान बेली ने कनाडा के लिए मत माँगे तो भारत के लिए इस काम में लगे क्रिकेट जगत की प्रमुख हस्ती सुनील गावस्कर. वर्ष 2002 के खेल मैनचेस्टर में आयोजित हुए थे और 2006 के राष्ट्रमंडल खेल मेलबोर्न, ऑस्ट्रेलिया में होने हैं. वर्ष 2010 में राष्ट्रमंडल खेलों को शुरू हुए 80 साल भी पूरे हो जाएंगे. 1982 में हुए एशियाई खेलों के बाद भारत में यह सबसे बड़ा खेल आयोजन होगा. हालाँकि हाल ही में हैदराबाद में पहले अफ़्रो एशियाई खेलों का आयोजन भी किया था. इसके बाद ही कहा गया था कि भारत को राष्ट्रमंडल और ओलंपिक खेलों के आयोजन का दावा करना चाहिए. |
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