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मेज़बानी पर लगा सवालिया निशान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय ओलंपिक संघ के महासचिव और राष्ट्रमंडल खेल महासंघ के उपाध्यक्ष रणधीर सिंह ने कहा है कि 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति के गठन में हो रहे विलम्ब के कारण भारत में इन खेलों के आयोजन में बाधाएँ खड़ी हो सकती हैं. रणधीर सिंह ने कहा है कि इन खेलों की आयोजन समिति के लिए सरकार ने अपने मनोनीत सदस्यों के नाम अब तक नहीं भेजे हैं जिसके कारण समिति का गठन नहीं हो पाया है. बीबीसी के साथ एक बातचीत में सिंह ने कहा कि पिछले एक साल से बार-बार राष्ट्रमंडल खेल महासंघ के सामने इस बात के लिए गुज़ारिश की जाती रही है कि आयोजन समिति के गठन की समय सीमा बढ़ायी जाए लेकिन अब उन्हें राष्ट्रमंडल खेल महासंघ के उपाध्यक्ष के रूप में शर्मिन्दगी उठानी पड़ रही है, क्योंकि सरकार इस मामले पर कोई फैसला नहीं कर पा रही है. सरकार ने आज तक आयोजन समिति के लिए अपने प्रतिनिधियों के नाम नहीं भेजे हैं और वह इस मामले में कोई दिलचस्पी नहीं ले रही है. उल्लेखनीय है कि कुछ महीने पहले, भारत के खेल मंत्री सुनील दत्त ने घोषणा की थी कि सरकार ने उन्हें राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है, जिसपर भारतीय ओलम्पिक संघ ने कड़ी आपत्ति जतायी थी. संघ का कहना था कि राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन की ज़िम्मेदारी राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति की होती है इसलिए आयोजन समिति के गठन में सरकार की कोई भूमिका नहीं है, सिवाए इसके कि वह अपने प्रतिनिधियों का मनोनयन करे जिन्हें आयोजन समिति में शामिल किया जाना है. रणधीर सिंह ने कहा कि इस संबंध में नियम बहुत स्पष्ट हैं-कौन आयोजन समिति का अध्यक्ष होगा, कौन समिति का गठन करेगा, इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है. रणधीर सिंह ने कहा कि भारतीय ओलंपिक संघ ने अपनी तरफ से आयोजन समिति के गठन की सारी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं, राष्ट्रमंडल खेल महासंघ ने भी समिति के गठन के लिए अपने तीन प्रतिनिधियों के नाम भेज दिए हैं लेकिन सरकार ने चुप्पी साध रखी है. ऐसे में न तो आयोजन की तैयारियाँ शुरू की जा सकती हैं न ही ज़रूरी इन्तज़ाम का काम सौंपा जा सकता है. भारतीय ओलंपिक संघ के लिए असमंजस की स्थिति इसलिए भी बनी हुई है, क्योंकि आगामी तीन फरवरी को राष्ट्रमंडल खेल महासंघ के अध्यक्ष भारत आ रहे हैं और अधिकारियों के लिए यह तय कर पाना मुश्किल है कि वो किनसे मिलेंगे, किनसे बातचीत करेंगे, कहाँ-कहाँ जाँएंगे, वगैरह-वगैरह. रणधीर सिंह को डर है कि ऐसे में जब, आगामी अप्रैल महीने में राष्ट्रमंडल खेल महासंघ की आम सभा और कार्यकारी परिषद की बैठक मेलबॉर्न में होगी तब कहीं यह फैसला न कर लिया जाए कि भारत को 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेज़बानी नहीं सौंपी जाए. |
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