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ओलंपिक खेलों की मेजबानी पर नज़र
भारत 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेज़बानी मिलने के बाद अब ओलंपिक खेलों के आयोजन के लिए दावा पेश करने पर विचार कर रहा है. भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी ने इस बारे में बुधवार को कहा कि अब उनके संगठन का लक्ष्य 2016 के ओलंपिक खेलों की मेज़बानी हासिल करने का है. उन्होंने कहा, "हम इसके लिए प्रयास करेंगे. हम इसे हासिल करके दिखाएँगे." उल्लेखनीय है कि कनाडा के हैमिल्टन शहर की दावेदारी को परास्त करते हुए भारत ने दिल्ली में 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन का अधिकार हासिल किया है. दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों की मेज़बानी करने वाला एशिया का मात्र दूसरा नगर होगा. भारतीय ओलंपिक संघ ने दिल्ली में ओलंपिक खेलों के आयोजन की संभावनाओं के अध्ययन के लिए एक समिति का गठन किया है. उम्मीदें कलमाडी ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों की मेज़बानी दिल्ली को दुनिया में खेलों के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित कर सकेगी.
उन्होंने कहा, "इससे ओलंपिक खेलों की मेज़बानी हासिल करने में भी सहायता मिल सकेगी." भारतीय राजधानी 1951 और 1982 में एशियाई खेलों की सफल मेज़बानी कर चुका है. उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में, ख़ास कर ओलंपिक खेलों में एक अरब से ज़्यादा की आबादी वाले देश भारत की स्थिति बहुत ही दयनीय रही है. वर्ष 2000 के सिडनी ओलंपिक में भारत को एक काँस्य पदक मात्र मिला था. ओलंपिक खेलों में अंतिम स्वर्ण पदक भारत ने 1980 में मास्को ओलंपिक में जीता था. |
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