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जॉन राइट लौट सकते हैं अपने देश | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बंगलौर में बृहस्पतिवार से शुरू हो रहा तीसरा टेस्ट मैच भारतीय कोच के लिए ख़ास अहमियत रखता है. जॉन राइट के लिए भारतीय कोच की हैसियत से ये आख़िरी टेस्ट हो सकता है. संभवत: भारतीय कोच की हैसियत से अपने आख़िरी टेस्ट में उतर रहे जॉन राइट इस मैच को ज़्यादा अहमियत नहीं दे रहे लेकिन उनके कप्तान ने उन्हें शुभकामनाएँ दी हैं. सौरभ गांगुली ने कहा, "जॉन ने बहुत अच्छा काम किया है. वो तब से कोच हैं जब से मैं कप्तान हूँ, हमारे बीच रिश्ता अच्छा रहा है और टीम के सारे सदस्य भी उन्हें पसंद करते हैं क्योंकि वो अपना काम बहुत ही बढ़िया तरीक़े से करते हैं." पचास साल के जॉन राइट ने सन 2000 में भारत के पहले विदेशी कोच के तौर पर काम सँभाला था और सभी मानते हैं कि उन्होंने टीम को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया. उनके कोच रहते भारत ने दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम ऑस्ट्रेलिया को नाकों चने चबवाए, पहले 2001 में अपनी धरती पर टेस्ट सीरीज़ उसे 2-1 से हराई और फिर पिछले साल ऑस्ट्रेलिया जाकर सीरीज़ 1-1 से बराबर करने में कामयाबी पाई. फिर पिछले साल पाकिस्तान की धरती पर उसे टेस्ट और वनडे, दोनों सीरीज़ में हराया. जॉन राइट अब तक भारत के सबसे सफल कोच हैं, उनके कोच रहते टीम ने 51 टेस्ट खेले हैं जिनमें से 21 जीते और 15 हारे जबकि 15 ड्रॉ रहे. वनडे में जॉन राइट के कोच रहते भारत ने 124 मैच खेले, 66 जीते हैं और 52 हारे हैं. वैसे तो अब से दो महीने पहले ही जॉन राइट ने कह दिया था कि भारत पाकिस्तान सीरीज़ के बाद वो कोच का पद छोड़ देंगे लेकिन न तो बीसीसीआई की तरफ़ से और न ही राइट की तरफ़ से कोई आधिकारिक घोषणा हुई है. ख़बर है कि बीसीसीआई तो उनका कॉन्ट्रेक्ट बढ़ाना चाहता है लेकिन माना जा रहा है राइट अब अपने परिवार के साथ समय बिताना चाहते हैं. वो कहते हैं, ये मैच मेरे लिए बाक़ी मैचों की तरह ही है. मैं ऐसा कोच हूँ जो हर मैच को उसी तरह लेता हूँ, स्थिति और विरोधी चाहे जो भी हों. ख़बर है कि जॉन राइट अप्रैल में पहले पाकिस्तान और फिर श्रीलंका के ख़िलाफ़ होने वाली वनडे सीरीज़ के बाद कोच का पद छोड़ देंगे. |
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