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दूसरे दिन का खेल पाकिस्तान के नाम | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दूसरे दिन के खेल में ऐसा प्रदर्शन किया है पाकिस्तान ने कि पूरे खेल का रुख़ ही बदलकर रख दिया. यूनुस ख़ान और यूसुफ़ योहाना अपने शानदार शतक से खेल को अपनी ओर खींचने में सफ़ल रहे. इनका प्रदर्शन बहुत ही अच्छा था पर इसके साथ ही मुझे ऐसा भी लगता है कि लोगों को ऐसी पारी कम ही देखने को मिलेगी. वो आक्रामक मुद्रा में थे और किसी भी गेंदबाज़ को उन्होंने जमने ही नहीं दिया. ऐसा लग रहा था कि आज के खएल के पीछे एक मज़बूत होमवर्क भी हुआ है. ख़ासतौर पर अनिल कुँबले के लिए उन्होंने एक ख़ास रणनीति के साथ खेल खेला. खेलते वक्त उन्होंने बल्ले का ज़्यादा इस्तेमाल किया और वो छोटा पैर निकालकर खेले, बड़ा पैर निकाला ही नहीं ताकि एलबीडब्ल्यु होने से बच सकें. ख़ासकर यूनुस के खेल में तो ऐसा साफ़ दिखा. यूनुस का आज का प्रदर्शन तो बहुत ही अच्छा रहा. उन्होंने काफ़ी रन भी बनाए और वो 4.17 के औसत से खेले. दो दिन के खेल में आए इस मोड़ को देखने के बाद भारत की टीम अब दबाव में लग रही है और ऐसा लग रहा है कि कहीं अब भारत को मैच बचाना न पड़े. गेंदबाज़ी आज काफ़ी हल्की लगी और ऐसा लगा कि इरफ़ान पठान अपेक्षित तेजी के साथ गेंदबाज़ी नहीं कर सके. हालांकि बालाजी का प्रदर्शन बीच-बीच में कुछ ठीक तो रहा पर कुँबले का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं था. कुँबले के खेल में न तो टर्न था और न ही कोई उछाल. हरभजन भी थे टीम में पर ऐसा लगा कि गाँगुली यह भूल गए हैं कि हरभजन वहाँ मौजूद हैं क्योंकि एक समय 122 रन हो गए थे और हरभजन के केवल आठ ओवर हुए थे. इस तरह की कुछ ग़लतियाँ भी रही हैं. विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर टेस्ट के 15 सेशन्स में कोई टीम 7 सेशन्स में भारी रहे तो उसके जीतने की संभावनाएँ बढ़ जाती हैं. इस मैच में अबतक के छह सेशन्स में से चार में पाकिस्तान का पलड़ा भारी रहा है जो आगे उनकी अच्छी स्थिति का साफ़ संकेत देते हैं. पिच भी बहुत अच्छी रही है. ऐसा लग रहा था कि दूसरे दिन पिच टर्न करेगी पर ऐसा नहीं हुआ और लगता है कि चौथे या पाँचवे दिन ऐसा देखने को मिल सकता है. सबसे बड़ी चीज़ थी टीम भावना जो बड़े खिलाड़ियों के न होते हुए भी पाकिस्तानी टीम में देखने को मिली और जिसका भारतीय टीम में अभाव रहा. अभी तीन दिन और बाकी हैं. अगर पाकिस्तान की टीम कल पूरे दिन मैच खेलती है तो भारतीय टीम को यह मैच बचाना होगा. शुक्रवार को तीसरे दिन का मैच शुरू होने जा रहा है और भारतीय टीम पर काफ़ी दबाव है. एक बार फिर से मैं यही कहूँगा कि तीसरे दिन के मैच में भी शुरुआत का एक घंटा काफ़ी महत्वपूर्ण होगा. भारतीय टीम को यह दोनों विकेट तो लेने ही होंगे क्योंकि दोनों ही खिलाड़ी जमकर खेल रहे हैं, दोनों तेज़ी से रन करते हैं. अगर पहले सेशन के बाद एक ही विकेट गिरा तो भारत को डिफ़ेंसिव मूड में आना होगा और यह मैच बचाने का सोचना होगा. चौथे और पाँचवे दिन गेंद घूमेगी और इसके चलते तीसरे दिन का मैच काफ़ी निर्णायक साबित होगा. पाकिस्तान की एक अच्छी पारी भारत की टीम के लिए एक बड़ी मुसीबत हो सकती है. |
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