BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शनिवार, 12 फ़रवरी, 2005 को 14:56 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
सानिया मिर्ज़ा ने इतिहास रचा
सानिया मिर्ज़ा
सानिया मिर्ज़ा की यह बड़ी कामयाबी है
भारत की जानी-मानी टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्ज़ा ने हैदराबाद में डब्ल्यूटीए ख़िताब जीतकर एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है.

कोई डब्ल्यूटीए ख़िताब जीतने वाली वह पहली भारतीय महिला टेनिस खिलाड़ी बन गई हैं.

इससे पहले वह ऑस्ट्रेलियाई ओपन में तीसरे दौर में अपनी जगह बनाकर टेनिस जगत में भारत के नाम रिकॉर्ड दर्ज करा चुकी है हालाँकि तीसरे दौर के मैच में वह सरीना विलियम्स से हार गई थीं.

ऑस्ट्रेलियन ओपन के तीसरे दौर तक पहुँचकर सानिया मिर्ज़ा भारत में बहुत लोकप्रिय हो गई हैं औ शनिवार को हैदराबाद में उनका खेल देखने के लिए स्टेडियम में भारी भीड़ जमा हुई.

दर्शकों ने हैदराबाद की ही रहने वाली 18 वर्षीय सानिया मिर्ज़ा का बार-बार तालियाँ बजाकर हौसला बढ़ाया और शायद अपनी ज़मीन पर खेलने से सानिया का मनोबल भी बरक़रार रहा.

सानिया ने नौंवी वरीयता प्राप्त यूक्रेन की एलयोना बोंदरेन्को को तीन सैटों में 6-4, 5-7 और 6-3 से हराया.

हौसला

सानिया ने अपनी टाँग की माँसपेशियों में खिंचाव के बावजूद अपना दमख़म बनाए रखा हालाँकि शुरू में सानिया ने कुछ ग़लतियाँ कीं जिससे एलयोना ने 2-0 से बढ़त हासिल कर ली थी.

लेकिन यूक्रेन की खिलाड़ी सानिया के हौसले और उनकी कुछ बेहतरीन सर्विसों के सामने टिक नहीं सकीं.

जीत और आत्मविश्वास
 इस जीत से मेरा आत्मविश्वास बहुत बढ़ा है और मैं आने वाले दिनों में और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर सकती हूँ.""मैं यह मैच जीतने के लिए बहुत उतावली थी क्योंकि यह मेरे ही शहर में हो रहा था.
सानिया मिर्ज़ा

सानिया ने कुछ ऐसे जानदार शॉट लगाए जिन्होंने पहला सैट उसकी झोली में डाल दिया लेकिन दूसरा सैट वह गवाँ बैठीं.

सानिया ने तीसरे सैट में 5-1 से जब बढ़त ले ली तो पलड़ा उनका ही भारी लगने लगा था हालाँकि सैट के आख़िर में सानिया कुछ भ्रम का शिकार भी हुईं जब सातवें गेम में ही एक सर्विस के बाद वह जीत की खुशी मनाने लगीं.

उस दौरान सानिया का ध्यान कुछ बँटा और एलयोना की पकड़ कुछ मज़बूत हुई. सानिया को खेल पर अपनी पकड़ फिर से मज़बूत करने के लिए सातवें गेम का इंतज़ार करना पड़ा.

जीत के बाद सानिया ने समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा, "इस जीत से मेरा आत्मविश्वास बहुत बढ़ा है और मैं आने वाले दिनों में और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर सकती हूँ."

"मैं यह मैच जीतने के लिए बहुत उतावली थी क्योंकि यह मेरे ही शहर में हो रहा था."

यूक्रेन की एलयोना बोंदरनेंको को इस प्रतियोगिता के सेमी- फाइनल में सीधे प्रवेश मिला था क्योंकि जर्मनी की अन्ना लेन्ना चोट की वजह से उनके सामने नहीं खेल नहीं सकीं थीं.

एलयोना बोंदरनेंको ने मैच के बाद समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा, "फाइनल में सचमुच घबराई हुई थी और मैं अच्छा नहीं खेल सकी लेकिन मैंने खेल का बहुत आनंद लिया. मैं अगले साल भी खेलने आउंगी."

इससे जुड़ी ख़बरें
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>