| बीसीसीआई ने फ़ैसला बदला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड बीसीसीआई ने घरेलू मैचों के टेलीविज़न प्रसारण अधिकारों के लिए फिर से निविदाएँ माँगी हैं. ऑस्ट्रेलिया ने धमकी दी थी कि मैचों के टेलीविज़न प्रसारण संबंधी विवाद अगर जल्दी ही नहीं सुलझा तो ऑस्ट्रेलिया भारत का आगामी दौरा रद्द भी कर सकता है. ग़ौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया की टीम भारत आ रही है और पहला टेस्ट मैच बंगलौर में छह अक्तूबर को शुरू होना है. बीसीसीआई ने इस श्रंखला के टेलीविज़न प्रसारण अधिकार ज़ी टीवी को दे दिए थे जिसे ईएसपीएन-स्टार स्पोर्ट्स ने अदालत में चुनौती दी थी. ज़ी टीवी को देश में 2008 तक होने वाले तमाम क्रिकेट मैचों के प्रसारण अधिकार मिले थे. बीसीसीआई के इस ताज़ा फ़ैसले से ज़ी टीवी का ठेका समाप्त हो गया है और अब नए सिरे से निविदाएँ भरी जाएंगी. अब बीसीसीआई ने कहा है कि इस बारे में जब तक कोई अंतिम फ़ैसला नहीं होता तो वह ख़ुद ही कवरेज का इंतज़ाम कर सकता है. ज़ी टीवी ने बीसीसीआई के ताज़ा फ़ैसले पर नाराज़गी जताई है. ज़ी टीवी नेटवर्क के प्रवक्ता आशीष कौल ने बीबीसी से कहा कि बीसीसीआई का यह फ़ैसला अनैतिक और ग़लत है. "यह कहना ग़लत है कि ज़ी टेलीविज़न नेटवर्क के साथ कोई समझौता नहीं हुआ था. नेटवर्क ने बीस करोड़ डॉलर की रक़म पेशगी के तौर पर दे दी थी." ज़ी नेटवर्क के चेयरमैन सुभाष चंद्रा ने कहा, हमें यह ठेका मिल गया था और हमने पेशकी रक़म भी अदा कर दी थी, बस इतना रह गया था कि कुछ क़ानूनी प्रक्रिया की वजह से समझौते पर दस्तख़त नहीं हो पाए थे. लेकिन बीसीसीआई पर इस मामले में हाल के दिनों में काफ़ी दबाव बना था. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने साफ़ कह दिया था कि अगर टेलीविज़न प्रसारण अधिकारों के बारे में कोई अंतिम फ़ैसला नहीं किया जाता है तो वह ऑस्ट्रेलिया को भारत का दौरा करने की इजाज़त नहीं दी जाएगी. ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड ने भी भारतीय क्रिकेट अधिकारियों को बता दिया था कि सिरीज़ का टेलीविज़न पर प्रसारण नहीं होना स्वीकार नहीं किया जाएगा. |
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