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फ़ेडरर ने जीता इस साल तीसरा ग्रैंड स्लैम | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
टेनिस में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी रॉजर फ़ेडरर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि कोर्ट पर अभी उनका मुक़ाबला कोई नहीं है. यूएस ओपन का फ़ाइनल मुक़ाबला फ़ेडरर ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए ऑस्ट्रेलिया के लेटन ह्युइट को 6-0, 7-6, 6-0 से हराकर जीत लिया. ये उनका पहला यूएस ओपन ख़िताब है. मैच में कई ऐसे मौक़े आए जब लगा कि फ़ेडरर के खेल का सामना करना ह्युइट के बस की बात नहीं है. ह्युइट इस मैच से पहले तक लगातार 16 मैच जीतकर आए थे मगर फ़ाइनल की शुरुआत में ही उन्हें झटका लगा. पहले ही सेट में ह्युइट को कोई मौक़ा दिए बिना फ़ेडरर ने 6-0 से जीत हासिल की. दूसरे सेट में ह्युइट ने खेल थोड़ा सुधारा और सेट टाइब्रेकर तक गया मगर जीत मिली फ़ेडरर को ही और इसके बाद अंतिम सेट में फिर कोई मुक़ाबला नहीं. इस तरह मैच फ़ेडरर की झोली में चला गया. पुरुषों के टेनिस इतिहास में फ़ेडरर अब ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं जो जब भी पहली बार चारों ग्रैंड स्लैम के फ़ाइनल में पहुँचे तो उन्होंने जीत हासिल की. इसके अलावा 1988 में स्वीडन के मैट्स विलेंडर के बाद से वह पहले ऐसे खिलाड़ी भी बने जिसने एक ही साल में चार में से तीन ग्रैंड स्लैम ख़िताब जीते. जीत के बाद ख़ुशी से फूले नहीं समा रहे फ़ेडरर ने कहा, "मैं बेहद ख़ुश हूँ. मुझे अब भी यक़ीन नहीं आ रहा है कि इस साल मैंने क्या किया है." फ़ेडरर ने कहा, "फ़ाइनल में अच्छा खेलना हमेशा ही काफ़ी अहम होता है क्योंकि यही मैच होता है जिस पर सब चीज़ें निर्भर होती हैं. इसके साथ ही इसमें पहला सेट 6-0 से जीतना एक बेहतरीन शुरुआत थी." ह्युइट ने इस ग्रैंड स्लैम के किसी भी मैच में कोई भी सेट नहीं गँवाया था और माना जा रहा था कि फ़ाइनल कड़ा होगा मगर फ़ेडरर के ज़बरदस्त फ़ॉर्म के आगे ह्युइट का खेल काम नहीं आया. |
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