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हेनमैन का सपना एक बार फिर टूटा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रितानी टेनिस खिलाड़ी टिम हेनमैन का विंबलडन अभियान बुधवार को क्वार्टर फ़ाइनल दौर में ही ख़त्म हो गया. एक बार फिर टिम हेनमैन कोई ग्रैंड स्लैम टेनिस प्रतियोगिता जीतने का ख़्वाब पूरा नहीं कर पाए. चौंकाने वाली बात तो ये रही कि उन्हें क्वार्टर फ़ाइनल से ही एक ऐसे खिलाड़ी ने बाहर कर दिया जो वरीयता क्रम में कही नहीं हैं. टिम हेनमैन को क्रोएशिया के बीस वर्षीय मारियो एंचिच ने 7-6, 6-4 और 6-2 से शिकस्त दी. एंचिच ने ज़ोरदार खेल दिखाते हुए पहला सैट जीत लिया और अगर वह दूसरा सैट भी जीत लेते तो टिम हेनमैन के लिए वाक़ई मुश्किल खड़ी हो जाती. टिम हेनमैन को भी एक ब्रेक मिला लेकिन पूरे खेल में कुछ कमज़ोर ही नज़र आए. दूसरी तरफ़ चुस्ती-फुर्ती से भरपूर एंचिच ने सेंटर कोर्ट पर दर्शकों की भीड़ को ख़ामोश कर दिया. टिम हेनमैन ने बाद में स्वीकार भी किया कि यह हार उनके लिए बहुत निराशाजनक थी.
"मेरा ख़याल है कि हम दोनों के लिए ही पहला सेट बहुत महत्वपूर्ण था क्योंकि बहुत मौक़े नहीं बचे थे." टिम हेनमैन ने कहा, "जब एंकिक ने टाईब्रेकर लिया तभी उनका आत्मविश्वास बढ़ गया था और खेल के साथ ही बढ़ता भी गया." "दूसरे और तीसरे सैटों में मेरा आत्मविश्वास कम होता चला गया और इसमें कोई शक नहीं है कि बेहतरीन खिलाड़ी ही आज का मैच जीता." उधर एंचिच का कहना था, "मैं वाक़ई बहुत अच्छा खेला. पहला सेट बहुत मुश्किल था क्योंकि हेनमैन बहुत मुश्किल सर्विस कर रहे थे. टाईब्रेकर के ज़रिए मुझे बढ़त मिलना सचमुच भाग्यशाली रहा." एंचिच का कहना था कि दूसरे सैट में उनका आत्मविश्वास कुछ बढ़ गया और सर्विस बेहतर होती गई. "मैं शुरू में तो कुछ घबराया हुआ था लेकिन ऐसा होता है. उसके बाद तो मैं बहुत अच्छा खेला और हर चीज़ मैंने अपने नियंत्रण में रखी." |
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