खिलाड़ी की जगह अपना पेशाब देने पर कोच वापिस

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एक एथलेटिक्स कोच को खिलाड़ी होने का दिखावा करने और किसी और की जगह अपने पेशाब का नमूना देने के लिए रियो ओलंपिक खेलों से वापस भेज दिया गया है.

कीनिया के अधिकाियों का कहना है कि कोच जॉन एनज़राह ने ख़ुद को 800 मीटर की दौड़ के दावेदार फरगसन रोटीच के तौर पर प्रस्तुत किया और डोपिंग टेस्ट के दस्तावेजों पर भी दस्तख़त कर डाले."

कीनिया की राष्ट्रीय ओलंपिक कमेटी के अध्यक्ष किप केनो ने कहा, "हम इस तरह के व्यवहार को क़तई बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं."

रोटीच जो बीते साल बिजिंग विश्व चैंपियनशिप में चौथे स्थान पर रहे थे, वह शुक्रवार की दौड़ में भाग ले रहे हैं.

एथलीट्स के एजेंट ने कहा, रोटीच ने अपने कोच एनज़राह को अपना पास उधार दिया था ताकि वह ओलंपिक गांव में मुफ़्त नाश्ता कर सकें.

उसके बाद डोपिंग कंट्रोल अॉफिसर जो रोटीच को ढूंढ रहे थे उन्होंने कथित तौर पर 61 वर्षीय एनज़राह से संपर्क किया और उनसे मूत्र का नमूना देने को कहा, जो कि कोच ने दे दिया.

मार्क ने कहा "फरगसन पूरी तरह से उलझन में है कि वे ऐसा क्यों करेंगे, लेकिन अच्छी ख़बर ये है कि उन्हें सीधे इसका पता चल गया और वह ड्रग परीक्षक के पास गए और उन्हें रक्त और मूत्र के नमूने दे दिए."

इस मामले में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक कमेटी अनुशासनात्मक प्रक्रिया शुरू कर चुकी है, लेकिन उसने कीनिया की ओलंपिक बॉडी की तेज़ी से की गई कार्रवाई के लिए उसकी तारीफ़ की है.

अध्यक्ष केनो ने कहा कि कमेटी ने एनज़राह को ब्राजील की यात्रा के लिए अधिकृत नहीं किया था और उन्हें नहीं मालूम कि वो वहां कैसे चले गए.

डोपिंग के मुद्दे पर ट्रैक और फील्ड मैनेजर माइकल रोटीच के बाद घर वापस भेजे जाने वाले एनज़राह कीनिया के दूसरे अधिकारी हैं.

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