हरियाणा का 'खेल रत्न' पैदा करने का राज़

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    • Author, दिनेश उप्रेती
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, दिल्ली

देश- भारत

आबादी- 125 करोड़ से अधिक

ओलंपिक में खिलाड़ी- 119

यानी गणित के फार्मूले से औसतन एक करोड़ आबादी पर एक खिलाड़ी.

राज्य- हरियाणा

आबादी- 2.8 करोड़

ओलंपिक में खिलाड़ी- 20

यानी एक करोड़ आबादी पर तीन खिलाड़ी.

हॉकी, कबड्डी, कुश्ती, मुक्केबाज़ी, निशानेबाज़ी या फिर एथलेटिक्स. किसी भी खेल के धुरंधरों पर नज़र दौड़ाएं तो वहाँ हरियाणा का खिलाड़ी नज़र आता है.

इस बार भिवानी की निर्मला श्योराण (400 मीटर), सोनीपत की सीमा अंतिल (डिस्कस थ्रो), कैथल के मनोज कुमार (मुक्केबाज़ी), भिवानी के विकास कृष्ण यादव (मुक्केबाज़ी) रियो में पदक जीतने की कोशिश करेंगे.

हॉकी में सविता पूनिया, पूनम मलिक, रानी रामपाल, नवजोत कौर, दीपिका ठाकुर महिला टीम में शामिल हैं.

इसी तरह, पुरुष हॉकी टीम में सरदार सिंह और सुरेंद्र कुमार हरियाणा से हैं.

कुश्ती में योगेश्वर दत्त, रविंद्र खत्री, हरदीप सिंह और महिलाओं में बिनेश फोगट, कविता कुमारी और साक्षी मलिक दांव आजमाएंगी.

इसी ओलंपिक में हरियाणा का बोलबाला हो, ऐसा नहीं है. चार साल पहले लंदन ओलंपिक में भाग ले रही 81 खिलाड़ियों की भारतीय टीम में 18 खिलाड़ी हरियाणा से थे.

लंदन में भाग लेने वाली पुरुष मुक्केबाज़ी टीम में सात में से पांच मुक्केबाज़ हरियाणा से थे.

साल 2010 में दिल्ली में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में भी हरियाणा की ओर से खिलाड़ियों ने खूब पदक जीते थे.

दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में 16 स्वर्ण पदक, आठ रजत और आठ कांस्य पदक समेत कुल 32 पदक हरियाणा से मिले थे.

सवाल उठता है कि ऐसा क्या है कि हरियाणा इतने खिलाड़ी पैदा कर रहा है और दूसरे राज्यों के खिलाड़ी हरियाणा की ओर से खेलने के लिए लालायित हो रहे हैं.

योगेश्वर दत्त

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दरअसल, पिछले कुछ वर्षों से हरियाणा खुद को 'स्पोर्ट्स पावरहाउस' के रूप में प्रोजेक्ट करता रहा है. यही कारण है कि उसने ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों के लिए इनामी राशि में भारी बढ़ोतरी की है.

ओलंपिक में सोना जीतने वाले को अब 6 करोड़ रुपए मिलेंगे, जबकि रजत जीतने पर 4 करोड़ और कांस्य पदक जीतने पर 2.5 करोड़ रुपए देने की घोषणा की गई है.

यही नहीं, रियो ओलंपिक में हिस्सा लेने वाले हरियाणवी खिलाड़ियों को 15-15 लाख रुपए भी दिए जाएंगे.

ऐसा नहीं कि सिर्फ़ ओलंपिक खेलों के लिए ही इतनी भारी-भरकम इनामी राशि का ऐलान हुआ है.

गीता फोगाट

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हरियाणा सरकार ने एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने पर 3 करोड़, रजत जीतने पर डेढ़ करोड़ और कांस्य पदक जीतने पर 75 लाख रुपए देने की नीति तैयार की है.

इसी तरह, राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने पर डेढ़ करोड़, रजत के लिए 75 लाख और कांस्य के लिए 50 लाख रुपए देने का ऐलान किया है.

विश्व कप या विश्व चैंपियनशिप के विजेता के लिए भी इनामी राशि 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 20 लाख रुपए कर दी गई है.

साथ ही हरियाणा सरकार ने 'पदक लाओ, पद पाओ' की रणनीति भी अपनाई है.

शायद खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने की इसी नीति के कारण गगन नारंग जैसे खिलाड़ी हैदराबाद को छोड़कर हरियाणा का प्रतिनिधित्व करने के लिए राजी हुए हैं.

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