सारकोज़ी-वुल्फ ने बनाया था दबाव: ब्लैटर

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फुटबॉल पर नियंत्रण रखने वाली संस्था फीफ़ा के अध्यक्ष सेप ब्लैटर ने आरोप लगाया है कि फ्रांस और जर्मनी ने रुस और क़तर को वर्ल्ड कप की मेजबानी देने को लेकर राजनीतिक दबाव का इस्तेमाल किया.
रुस को 2018 और क़तर को 2022 वर्ल्ड कप की मेजबानी मिली है. भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते ब्लैटर अपने पद से इस्तीफ़ा दे चुके हैं.
'सारकोज़ी ने डाला दबाव'
जर्मनी के एक अख़बार से बातचीत में ब्लैटर ने आरोप लगाया कि फ्रांस और जर्मनी के पूर्व राष्ट्रपतियों निकोला सारकोज़ी और क्रिस्चयन वुल्फ ने मतदान के पहले अपने देश के प्रतिनिधियों को प्रभावित करने की कोशिश की.
उन्होंने कहा, " सारकोज़ी और वुल्फ ने अपने प्रतिनिधियों को प्रभावित करने की कोशिश की. इसीलिए क़तर को वर्ल्ड कप की मेजबानी मिली. जिन्होंने ये तय किया उन्हें इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए."
समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक उन्होंने इस ओर इशारा किया कि वुल्फ ने आर्थिक हितों की वजह से जर्मन फुटबॉल फेडरेशन को क़तर के लिए वोट करने को कहा.
किसकी जिम्मेदारी?

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भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर एफबीआई ब्लैटर की जांच कर रही है.
ब्लैटर ने कहा है कि जिन चीजों पर उनका कोई नियंत्रण नहीं है, उनकी जिम्मेदारी लेते हुए वो थक चुके हैं. ब्लैटर का कहना है कि वो अब फीफा को बचाने पर ध्यान लगा रहे हैं.
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