बल्लेबाज़ी नहीं, गेंदबाज़ी का है कमाल !

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भारत ने मौजूदा विश्व कप टूर्नामेंट में अपने सभी पाँचों मुक़ाबले जीते हैं और जीत में गेंदबाज़ों ने अहम भूमिका निभाई है.
क्रिकेट के इस महाकुंभ में शायद पहली बार बल्लेबाज़ों से ज़्यादा लाइमलाइट में भारतीय गेंदबाज़ हैं.
विश्व कप शुरू होने से पहले क्रिकेट के लगभग सभी जानकार भारतीय टीम की कमियां गिनाते हुए सबसे पहले गेंदबाज़ों को कोस रहे थे. लेकिन इन गेंदबाज़ों ने टूर्नामेंट में अपनी बेहतरीन गेंदबाज़ी से आलोचकों के मुंह पर ताले लगा दिए हैं.
गेंदबाज़ों ने सभी टीमों को समेटा

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इसकी वजह है विरोधी टीम पर उनका धावा बोलना. भारतीय गेंदबाज़ों ने मौजूदा विश्व कप के अब तक खेले गए सभी पाँच मुक़ाबलों में विपक्षी टीम को ऑल आउट किया है.
विश्व कप के इतिहास में भारत ने पहली बार ऐसा कारनामा किया है.
शमी की चमक

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भारतीय गेंदबाज़ों की बात करें तो मोहम्मद शमी सबसे सफल रहे हैं. शमी ने 4 मैच खेले हैं और 12 विकेट चटकाए हैं.
इसके अलावा आर अश्विन ने 5 मैचों में 11 विकेट, मोहित शर्मा, उमेश यादव और रविंद्र जडेजा ने 5 मैचों में सात-सात विकेट चटकाए हैं.

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विश्व कप के इतिहास में भारत के अलावा सिर्फ़ दक्षिण अफ्रीका ही इकलौती टीम है जिसने 2011 विश्व कप में अपने लगातार छह मैचों में विपक्षी टीमों का ऑल आउट किया था.
हालाँकि दिलचस्प बात ये है कि पूल ए की चोटी की टीम न्यूज़ीलैंड भी अपने सभी पाँचों मैच जीत चुकी है और उसने भी सभी विपक्षी टीमों को ऑल आउट किया है.
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