'यही असल में फ़ाइनल, बाकी सब बेकार'

भारत और पाकिस्तान के क्रिकेट प्रशंसक
    • Author, नितिन श्रीवास्तव
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, एडिलेड से

ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड की संयुक्त मेज़बानी में वन-डे क्रिकेट का महाकुंभ शुरू हो चुका है और रविवार को एडिलेड में भारत का मुक़ाबला पाकिस्तान से है.

इस छोटे मगर ख़ूबसूरत शहर में हर तरफ़ सिर्फ़ पाकिस्तान और भारतीय टीम की पोशाकों में प्रशंसक दिख रहे हैं.

भारत और पाकिस्तान के क्रिकेट प्रशंसक

हालाँकि इस शहर का नाम क्रिकेट इतिहास में पहले से ही दर्ज है, क्योंकि सर डोनल्ड ब्रैडमैन ने फ़र्स्ट क्लास क्रिकेट खेलना यहीं से शुरू किया था और उनका घर भी यहीं है.

दुनियाभर से पहुंचे प्रशंसक

एडिलेड के निवासी भारत-पाकिस्तान मैच की तैयारियों को देख कर हैरान हैं, क्योंकि इस मैच की टिकटें लगभग छह महीने पहले ही बिक चुकीं थीं.

क्रिकेट प्रोमो

दुनियाभर में इन्हे ऑनलाइन खरीदने वाले अब एडिलेड की धरती पर उतर रहे हैं.

हर्षित देसाई और वैजू शाह को मुंबई से सीधी फ़्लाइट नहीं मिली तो वे सिंगापुर में रात बिताकर एडिलेड पहुँचे.

भारत और पाकिस्तान के क्रिकेट प्रशंसक

वैजू शाह ने बताया, "हम सिर्फ भारत-पाक मैच के ही लिए आए हैं. देखकर वापस चले जाएंगे, क्योंकि यही असल में फ़ाइनल है, बाकी सब बेकार है".

एडिलेड ओवल स्टेडियम में शनिवार सुबह जब टीम इंडिया नेट प्रैक्टिस कर रही थी तब सैंकड़ों प्रशंसक बाहर जमा थे.

इनमें से कुछ अकरम सईद जैसे पाकिस्तानी फ़ैन भी थे जो कनाडा से पधारे हैं.

'ट्रॉफ़ी दक्षिण एशिया में ही रहे'

भारत और पाकिस्तान के क्रिकेट प्रशंसक

अकरम कहते हैं, "जीते चाहे कोई भी, मैच अच्छा होना चाहिए. हम चाहते हैं विश्व कप ट्रॉफी दक्षिण एशिया के बाहर नहीं जाए."

एडिलेड ओवल मैदान के बाहर मैच के एक दिन पहले भी जलसे जैसा माहौल है.

प्रशंसक नाच-गा रहे हैं और अपनी टीमों की दाद देते नहीं थक रहे.

जज़्बे को सलाम

भारत और पाकिस्तान के क्रिकेट प्रशंसक

बिलाल अहमद सिर्फ़ इस मैच को देखने लाहौर से आ पहुंचे हैं.

उन्होंने बताया, "मुझे उम्मीद यहाँ लाई है कि इस बार आखिरकार पाकिस्तान वर्ल्ड कप में भारत को हरा देगा".

भारत पाक प्रशंसक

इमेज स्रोत, Both Photos by AFP

एडिलेड शहर भी क्रिकेट के इस जज़्बे को सलाम कर रहा है.

शहर के विभिन्न शॉपिंग स्थलों में क्रिकेट विश्व कप से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.

ज़ाहिर है, ऐसे माहौल में चीज़ों के दाम भी सातवें आसमान पर हैं.

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