फ़ीफ़ाः जॉर्डन के प्रिंस देंगे ब्लैटर को टक्कर

इमेज स्रोत, AFP
<bold/>फ़ीफ़ा के वर्तमान उपाध्यक्ष जॉर्डन के प्रिंस अली बिन अल हुसैन अध्यक्ष पद के चुनाव में 1998 से अध्यक्ष <link type="page"><caption> सेप ब्लैटर</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/sport/2014/06/140610_2014wc_fifa_blatter_ms.shtml" platform="highweb"/></link> को चुनौती देंगे.
इससे पहले 78 वर्षीय ब्लैटर ने फ़ीफ़ा के शीर्ष पद पर पांचवें कार्यकाल की इच्छा जताई थी.
आगामी 29 मई को फ़ीफ़ा के अध्यक्ष पद का चुनाव होना है.
प्रिंस अली ने कहा, "मैंने यह संदेश बार-बार सुना है कि अब बदलाव का वक़्त आ गया है."
वह 1999 में जॉर्डन फ़ुटबॉल के अध्यक्ष बने और 2011 में वेस्ट एशियन फ़ुटबॉल फ़ेडरेशंस के उपाध्यक्ष बने.
पारदर्शिता

इमेज स्रोत, Getty
प्रिंस अली ने फ़ुटबॉल संस्था में पारदर्शिता और सुशासन लाने का वादा किया है.
विश्वकप में भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच पिछले महीने इंग्लैंड के पूर्व कप्तान गैरी लिनेकर ने कहा था कि फ़ीफ़ा विश्व फ़ुटबॉल के साथ 'मज़ाक' कर रहा है.
महिला फ़ुटबॉल में हिज़ाब पर फ़ीफ़ा के प्रतिबंध को हटवाने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की.
2018 और 2022 में फ़ुटबॉल विश्व कप की मेजबानी में लगी बोली में भ्रष्टाचार के आरोपों पर माइकल गार्सिया की रिपोर्ट छापने की अपील प्रिंस ने भी की थी.
अध्यक्ष पद की दौड़ में जेरोम शैंपेन तीसरे उम्मीदवार हैं.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindin" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>












