अंतरिक्ष में चहलक़दमी करेगी ओलंपिक मशाल

रूस में अगले साल सोच्चि में होने वाले शीतकालीन ओलंपिक खेलों की मशाल को लेकर सोयूज़ रॉकेट ने गुरुवार को अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी.
ओलंपिक मशाल और तीन अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर सोयूज़ रॉकेट ने कजाक़स्तान के बैकानूर से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केन्द्र (आईएसएस) के लिए अपनी यात्रा शुरू की.
यह पहला मौक़ा होगा जब ओलंपिक मशाल के साथ दो अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में चहलकदमी करेंगे.
सुरक्षा कारणों से इस मशाल की ज्योति को प्रज्ज्वलित नहीं किया गया है. यह रूस के लिए राहत की बात हो सकती है क्योंकि पिछले महीने शुरू हुई रिले के दौरान यह कई बार बुझ गई थी.
रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन इस आयोजन को भव्य बनाना चाहते हैं ताकि दुनिया के समक्ष रूस की आधुनिक तस्वीर पेश की जा सके.
चहलकदमी
शनिवार को रुस के दो अंतरिक्ष यात्री मशाल को लेकर खुले अंतरिक्ष में विचरण करेंगे.
इससे पहले साल 1996 और 2000 में भी ओलंपिक मशाल को अंतरिक्ष में ले जाया गया था लेकिन तब इसे अंतरिक्ष यान तक ही सीमित रखा गया था.
सोयूज़ रॉकेट को सोच्चि ओलंपिक के नीले रंग से रंगा गया है और इसे एक ट्रेन से प्रक्षेपण स्थल पर लाया गया.
यान रुस के मिखाइल ताइयूरिन, के रिक मस्त्राशियो और जापान के कोइची वताका को लेकर आईएसएस जाएगा. ताइयूरिन फिर ओलंपिक मशाल को आईएसएस पर मौजूद अपने देश के दो अंतरिक्ष यात्रियों ओलेग कोतोव और सर्गेई रयाजनस्की को सौपेंगे जो इसे लेकर अंतरिक्ष में विचरण करेंगे.
भव्य प्रदर्शन
कोतोव ने कहा, "हम इस पूरे आयोजन को भव्य बनाना चाहते हैं. हम अंतरिक्ष में ओलंपिक मशाल का प्रदर्शन करना चाहते हैं."

उन्होंने कहा, "हम अपने काम को शानदार ढंग से करना चाहते हैं क्योंकि दुनियाभर में लाखों लोग इसका सीधा प्रसारण देखेंगे."
रूस के फ्योदोर यूरचीखिन, अमरीका के कैरन नाइबर्ग और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के लूका पारमितानो 11 नवंबर को इस मशाल को वापस धरती पर लाएंगे.
धरती पर पहुंचने के बाद मशाल फिर अपने 65000 किलोमीटर के सफ़र को पूरा करने के अभियान पर निकल जाएगी. इस मशाल को परमाणु ऊर्जा से चलने वाले आइस ब्रेकर पर उत्तरी ध्रुव ले जाया गया था और अब इसे यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रस और साइबेरिया में बैकाल झील की गहराइयों में ले जाया जाएगा.
अगले साल फ़रवरी में इस मशाल से सोच्चि में ओलंपिक ज्योति को प्रज्ज्वलित किया जाएगा.
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