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आईपीएलः धोनी की चेन्नई सुपर किंग्स हार्दिक के गुजरात टाइटंस को हराने से कहां चूकी?
- Author, अभिजीत श्रीवास्तव
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
इस साल के आईपीएल 2023 की शुरुआत मौजूदा चैंपियन गुजरात टाइटंस की जीत के साथ हुई है. चेन्नई सुपर किंग्स ने ऋतुराज गायकवाड़ के 92 रनों की पारी की बदौलत 178 रन बनाए जिसे गुजरात ने चार गेंद बाकी रहते पांच विकेट से जीत लिया.
टॉस के बाद महेंद्र सिंह धोनी ने भी कहा कि अगर टॉस वो जीतते तो पहले गेंदबाज़ी ही करना पसंद करते. हालांकि ऋतुराज गायकवाड़ की बल्लेबाज़ी के दौरान ऐसा नहीं लगा कि टॉस जीतने का हार्दिक को सीधा फ़ायदा मिला.
लेकिन जब अंबाति रायडु और उनके बाद शिवम दुबे ने जिस तरह धीमी पारी खेली तो मैच के बाद ख़ुद धोनी को कहना पड़ गया कि उनकी टीम ने 15-20 रन कम बनाए.
धोनी बोले, "हमें पता था कि यहां कुछ ओस की बूंदें होंगी. अगर हम 15-20 रन और बनाए होते तो अच्छा होता."
ऋतुराज गायकवाड़ शुरू से ही बेहद आक्रामक बल्लेबाज़ी कर रहे थे. वो लगातार चौके, छक्कों की बरसात कर रहे थे. अपनी इस पारी के दौरान वो आईपीएल की एक पारी में नौ छक्के लगाने वाले क्रिकेटरों के क्लब में शामिल हो गए.
आईपीएल 2023: रिकॉर्ड बुक
- आईपीएल में यह चेन्नई सुपर किंग्स की गुजरात टाइटंस से लगातार तीसरी हार है.
- आईपीएल 2022 के दौरान खेले गए दोनों मैच धोनी की टीम हार गई थी.
- धोनी पहली बार आईपीएल में आठवें नंबर पर बल्लेबाज़ी करने उतरे.
- मोहम्मद शमी ने डेवन कॉनवे को जब बोल्ड किया तो ये आईपीएल में उनका 100वां विकेट था.
- ऋतुराज गायकवाड़ ने 9 छक्के जड़े और मैच में सर्वाधिक 92 रन बनाए.
- आईपीएल के इतिहास में पहली बार इम्पैक्ट प्लेयर का नियम लागू किया गया.
- चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से पहले इम्पैक्ट प्लेयर तुषार देशपांडे बने.
- गुजरात टाइटंस की ओर से पहले इम्पैक्ट प्लेयर साई सुदर्शन रहे.
पहली चूक
तो आख़िर चेन्नई सुपर किंग्स से चूक कहां हुई?
जब शुरुआती नौ ओवरों तक चेन्नई ने 90 रन बना लिए थे तो लग रहा था कि स्कोर 200 रनों के पार जा सकता है लेकिन पहले बेन स्टोक्स और उनके आउट होने के बाद अंबाति रायडु फिर शिवम दुबे ने धीमी पारी खेली.
जडेजा या धोनी ख़ुद पहले पिच पर आ सकते थे लेकिन पहले शिवम दुबे को उतारा गया और उनकी धीमी पारी का असर दूसरी छोर पर आक्रामक अंदाज़ में खेल रहे ऋतुराज गायकवाड़ पर पड़ा. वो 92 रनों की पारी खेलकर तब आउट हो गए जब तीन ओवर बचे हुए थे और स्कोरबोर्ड पर 151 रन ही थे.
इसी ओवर में जडेजा आउट हो गए और 18वें ओवर में केवल चार रन ही बन सके. जडेजा के आउट होने पर जब धोनी पिच पर उतरे तो केवल 14 गेंदें बची थीं और शिवम दुबे 15 गेंदों पर 11 रन बना कर खेल रहे थे. यह पहली बार है जब आईपीएल में धोनी आठवें नंबर पर उतरे थे.
आख़िरी ओवर में धोनी के बल्ले से छक्के और चौके निकले तो ऐसा हर किसी को ज़रूर लगा होगा कि धोनी अगर पहले उतरते तो संभव है कि चेन्नई की टीम 200 से अधिक रन बनाती.
दूसरी चूक
इस बार आईपीएल में पहली बार इम्पैक्ट प्लेयर का नियम लागू किया गया है. यानी दोनों टीमें मैच के दौरान अपनी प्लेइंग इलेवन के बाहर के एक खिलाड़ी को टीम में शामिल कर सकती हैं.
महेंद्र सिंह धोनी ने बल्लेबाज़ी के बाद अंबाति रायडु की जगह तेज़ गेंदबाज़ तुषार देशपांडे को शामिल किया.
जहां गुजरात ने अपने इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में साई सुदर्शन को उतारा और उन्होंने 17 गेंदों पर 22 रन बना कर गुजरात की पारी में अहम योगदान दिया. वहीं धोनी का यह दांव मैच में उस तरह इम्पैक्ट नहीं डाल सका जिसकी टीम को तुषार देशपांडे से उम्मीद थी.
तुषार की गेंदों पर जहां आसानी से रन बने और बेहद खर्चीले साबित हुए वहीं मैच के दौरान वो नोबॉल डालने की समस्या से जूझते हुए दिखे.
धोनी के फ़ैसले पर बोले ये पूर्व कप्तान
धोनी ने मैच के बाद कहा भी कि, "हम नो बॉल डालना नहीं सह सकते जिस पर हम काबू पा सकते थे."
इम्पैक्ट की बात तो दूर तुषार देशपांडे इस मैच में सबसे महंगे गेंदबाज़ साबित हुए. उन्होंने 3.2 ओवर में 15.30 की इकोनॉमी से 51 रन दिए.
हां, तुषार देशपांडे का इंम्पैक्ट इतना ज़रूर रहा कि उन्होंने शुभमन गिल का बेशकीमती विकेट लिया.
हालांकि मैच पर चर्चा के दौरान इंग्लैंड के पूर्व कप्तान इयोन मॉर्गन ने वो बताया जो तुषार देशपांडे को इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में उतारने का धोनी का मक़सद हो सकता है.
मॉर्गन ने कहा, "धोनी जानते हैं कि वो क्या कर रहे हैं. वो अपने खिलाड़ियों को अधिक से अधिक मौक़े देते हैं. ऋतुराज गायकवाड़ उसका एक उदाहरण हैं."
वो कहते हैं, "आज जबकि पहला मैच था तो धोनी ने न केवल तुषार देशपांडे को इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में उतारा बल्कि उन्हें उन मुश्किल हालात में गेंद थमाई जब दबाव अपने चरम पर होता है."
धोनी की कप्तानी की तुलना मॉर्गन की कप्तानी से करने पर एक बार मोइन अली ने कहा था कि दोनों की सोच में बहुत अंतर नहीं है.
मोइन अली वो क्रिकेटर हैं जो इन दोनों दिग्गजों की कप्तानी में खेल चुके हैं.
इम्पैक्ट प्लेयर
गुजरात की जीत हुई है लेकिन इस मैच में न केवल हार्दिक पंड्या बल्कि महेंद्र सिंह धोनी भी जिस एक चीज़ को लेकर असमंजस की स्थित में दिखे वो था इम्पैक्ट प्लेयर.
टॉस के पहले हार्दिक पंड्या ने इम्पैक्ट प्लेयर के बारे में पूछे जाने पर कहा, "ये (इम्पैक्ट प्लेयर) अलग है, मैंने इसे कोच (आशीष नेहरा) पर छोड़ दिया है. उन्होंने रातभर इसके लिए मेहनत की है कि ये कौन होगा. (प्लेइंग कॉम्बिनेशन) मुझे नहीं पता."
वहीं जब गुजरात की ओर से इम्पैक्ट प्लेयर साई सुदर्शन ने 22 रन बनाए तो हार्दिक मैच के बाद बोले, "इम्पैक्ट प्लेयर के नियम ने मेरे काम को बहुत मुश्किल बना दिया है क्योंकि हमारे पास कई अच्छे क्रिकेटर हैं."
उधर धोनी ने टॉस के वक़्त कहा, "इम्पैक्ट प्लेयर के नियम का होना एक लग्ज़री है. इससे फ़ैसला लेना आसान हो जाएगा क्योंकि आप इसका इस्तेमाल कभी भी कर सकते हैं."
धोनी बोले, "इस नियम की वजह से ऑलराउंड का महत्व थोड़ा कम ज़रूर हो जाएगा लेकिन ये आपके टीम की बेंच स्ट्रेंथ पर निर्भर करता है."
वहीं गुजरात टाइटंस के मौजूदा बैटिंग कोच गैरी कर्स्टन ने कहा कि सभी टीमें इसे लेकर थोड़ी असमंजस की स्थिति में हैं.
उन्होंने कहा कि जहां दोनों टीमों के बीच इस बात का लाभ है कि वो एक अतिरिक्त क्रिकेटर को मैदान में उतार सकती हैं लेकिन इसे लेकर टीमों के बीच थोड़ा उलझन भी है.
महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में जब भारत ने 2011 में वर्ल्ड कप जीता था तब गैरी कर्स्टन ही टीम इंडिया के कोच थे.
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