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IPL 2023 इम्पैक्ट प्लेयर जैसे नए नियमों से आईपीएल में क्या-क्या बदलेगा
- Author, पराग फाटक
- पदनाम, बीबीसी मराठी संवाददाता
इंडियन प्रीमियर लीग का 16 वां सीजन कुछ ही दिनों में शुरू हो जाएगा. कोरोना महामारी के बाद टीमें पहली बार अपने होमग्राउंड पर दर्शकों के सामने खेलेंगी. इस साल ये प्रतियोगिता एक ही समय पर दो प्रतिद्वंद्वियों के प्लॅटफॉर्म पर दिखाई जाएगी.
इसके साथ-साथ नियमों में बदलाव की वजह से इस बार का आईपीएल दर्शकों के लिए अलग अनुभव रहेगा.
एक-एक कर के समझते हैं कि किस तरह बदलाव होंगे.
अब तक ये होता आया है कि टॉस के पहले दोनों कप्तान अपनी टीम का ब्योरा प्रतिस्पर्धी कप्तान को देते हैं. लेकिन इस बार ये प्रक्रिया टॉस के बाद होगी.
आप ने सही पढ़ा. कप्तान टॉस के वक़्त दो टीमशीट यानी अलग-अलग टीम लिखकर ले जाएंगे. जैसे ही टॉस होगा, बल्लेबाजी करनी है या गेंदबाजी ये समझने के बाद कप्तान उसके अनुरूप टीमशीट प्रतिस्पर्धी कप्तान को सौपेंगे.
पिच का स्वरूप, मैदान का आकार, मैच कितने बजे खेला जा रहा है, ओस गिरने की संभावना, इन सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए कप्तान को कौन सी टीम चुननी है, इसका फै़सला वो टॉस के बाद करेंगे.
अभी तक टॉस के पहले टीम का ब्योरा दिया जाता था. इसके कारण टॉस हारने वाली टीम को नुक़सान होता था.
उदाहरण के तौर पर अगर पिच तेज़ गेंदबाज़ों के लिए अनुकूल हो और टॉस जीतने वाले कैप्टन ने अपनी टीम इस बात को ध्यान में रखते हुए बनाई हो और वो पहले बॉलिंग करने का फ़ैसला करे तो उसे फ़ायदा होगा.
लेकिन इस सूरत में टॉस हारने वाले कप्तान को पहले बल्लेबाज़ी करनी पड़ेगी और उसके गेंदबाज़ों को शुरुआती दौर में जो मदद मिल सकती थी वो नहीं मिलेगी. नए नियम लागू होने से टॉस हारने वाली टीम को भी इस हिसाब से अंतिम ग्यारह खिलाड़ी चुनने का मौका मिलेगा.
छोटी छोटी स्किल्स टीम के लिए कारगर साबित हो सकती है
कुछ महीने पहले दक्षिण अफ्रीका में आयोजित टी-20 लीग में ये नियम लागू किया गया था. उसमें खेलने वाले खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ इस नियम सें वाकिफ़ हैं.
नए नियमों के बारे में हमने 'द हिंदू' के सीनियर स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट अमोल कर्हाडकर से पूछा.
उन्होंने बताया, "नए नियमों के साथ खेल टैक्टिकल हो जाएगा. जो टीम कप्तान, कोच, टीम मैनेजमेंट, इनके बीच अच्छा समन्वय रख पाएगी और तक़नीकी रूप से आगे होगी, वो बेहतर साबित होगी."
"नए नियमों के तहत खिलाड़ी मैच में 2-3 ओवर खेल कर भी निर्णायक साबित हो सकते हैं. इम्पैक्ट प्लेयर नियम ऑक्शन के वक्त टीमों को पता था. काफ़ी टीमों ने सोच विचार कर घरेलू खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया है. हरफनमौला खिलाड़ियों की ज़रूरत कम हो सकती है क्योंकि बल्लेबाज़ी के बाद इसी जगह पर गेंदबाज़ को शामिल किया जा सकता है."
अमोल कहते हैं, "ज़रूरी नहीं है कि बल्लेबाज़ की जगह गेंदबाज़ या गेंदबाज़ की जगह बल्लेबाज़ ही चुने जाएं. समझिए कि एक टीम पांच विकेट गंवाकर 40 रनों पर है. गेंदबाज़ों को सम्मानजनक टोटल देने के लिए बल्लेबाज़ की जगह बल्लेबाज़ को भी शामिल किया जा सकता है. इसमें अतिरिक्त गेंदबाज़ न मिलने की रिस्क है लेकिन ऐसा गेंदबाज़ी करते समय भी कर सकते हैं."
अमोल बताते हैं, "छोटी छोटी स्किल्स टीम के लिए कारगर हो सकती है. जो खिलाड़ी फिटनेस के लिए जाने नहीं जाते हैं, उन्हें काम पूरा होते ही बदला जा सकता है."
आईपीएल 2023 में हंगामे के साथ इम्पैक्ट प्लेयर का नियम लागू होगा. बल्लेबाज़ को गेंदबाज़ से रिप्लेस करना या गेंदबाज़ की जगह बल्लेबाज़ को टीम में शामिल करना इसका मक़सद नहीं है. मैच को निर्णायक मोड़ देने के लिए सही समय पर ज़रूरत के हिसाब से खिलाड़ी को टीम में शामिल कर सकेंगे.
क्या हैं ये नियम?
आसान शब्द में इम्पैक्ट प्लेयर मतलब अंतिम ग्यारह में शामिल एक खिलाड़ी को बदलकर नया खिलाड़ी शामिल करना.
कप्तान टॉस के लिए मैदान में उतरेंगे तब टीमशीट में अंतिम ग्यारह के साथ-साथ चार सब्स्टीट्यूट (वैकल्पिक) खिलाड़ियों का नाम देना जरूरी होगा.
कब शामिल होगा इम्पैक्ट प्लेयर?
हर टीम इन चार में से केवल एक खिलाड़ी को इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर शामिल कर सकती है.
हर पारी में 14वें ओवर से पहले इम्पैक्ट प्लेयर लिया जा सकता है. पारी की शुरुआत में, ओवर ख़त्म होने के बाद, किसी कारण बल्लेबाज़ रिटायर हो जाए तब इम्पैक्ट प्लेयर को शामिल किया जा सकता है.
कैसे पता चलेगा कि इम्पैक्ट प्लेयर को शामिल किया गया?
कप्तान, कोच, टीम मैनेजर, फोर्थ अंपायर इस बारे में ऑनफील्ड अंपायर्स को सूचित करेंगे. ऑनफील्ड अंपायर दोनो हाथों को ऊपर उठाकर क्रॉस साइन करेंगे.
इम्पैक्ट प्लेयर को शामिल करने के बाद रिप्लेस खिलाड़ी का क्या होगा?
इम्पैक्ट प्लेयर ने ग्यारह में शामिल खिलाड़ी को रिप्लेस करने बाद वो खिलाड़ी मैच मै किसी भी प्रकार से शामिल नही हो सकेगा.
इम्पैक्ट प्लेयर क्या बीच ओवर से गेंदबाज़ी कर सकता है?
गेंदबाज़ी कर रही टीम ने इम्पैक्ट प्लेयर को ओवर के बीच में टीम में शामिल किया तो वो खिलाड़ी बची हुई ओवर पूरी नही कर सकेगा.
इम्पैक्ट प्लेयर को गेंदबाज़ी के लिए ओवर ख़त्म होने तक प्रतीक्षा करनी होगी.
क्या इम्पैक्ट प्लेयर भारतीय खिलाड़ी ही होंगे?
आईपीएल के नियम अनुसार, अंतिम ग्यारह में चार विदेशी खिलाड़ी खेल सकते हैं.
इस नियम को ध्यान में रखते हुए इम्पैक्ट प्लेयर भारतीय खिलाड़ी के होने की संभावना बढ़ गई है.
अंतिम ग्यारह में अगर पहले से चार विदेशी खिलाड़ी हैं और इम्पैक्ट प्लेयर भी विदेशी हो तो इस सूरत में पांच विदेशी खिलाड़ी हो जाएंगे.
लेकिन इस नियम में टीमों को एक मौका मिला है. अगर किसी टीम ने अंतिम ग्यारह में चार से कम विदेशी खिलाड़ी खिलाए हैं तो उस टीम को इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर विदेशी खिलाड़ी को शामिल करने का मौका मिलेगा.
इम्पैक्ट प्लेयर कितनी गेंदबाज़ी कर सकता है?
इम्पैक्ट प्लेयर को टीम में शामिल होने के बाद चार ओवर फेंकने का मौका मिलेगा. भले ही जिस खिलाड़ी को उसने रिप्लेस किया है, उसने चार ओवर का कोटा पूरा कर लिया हो तो भी इम्पैक्ट प्लेयर अपनी चार ओवर फेंक सकता है.
बारिश से बाधित मैच में इम्पैक्ट प्लेयर खेल सकता है?
हां, बारीश से बाधित मैच में भी इम्पैक्ट प्लेयर खेल सकता है बशर्ते मैच दस ओवर से कम ओवरों का न हो.
इसके पहले कब दिखा था इम्पैक्ट प्लेयर?
बीसीसीआई ने आईपीएल में इस नियम को लागू करने से पहले घरेलू टी-20 प्रतियोगिता सैयद मुश्ताक अली टूर्नामेंट में प्रायोगिक तौर पर इसकी शुरुआत की थी.
मणिपुर के ख़िलाफ़ मैच में दिल्ली के ऋतिक शौकीन पहले इम्पैक्ट प्लेयर हुए थे.
इस टूर्नामेंट के दौरान मुंबई ने गेंदबाज़ धवल कुलकर्णी की जगह इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर साईराज पाटिल को शामिल किया था.
सुपरसब नियम से इम्पैक्ट प्लेयर का नियम कैसे अलग है?
साल 2005 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने सुपरसब नियम को लागू किया था. लेकिन ये नियम कामयाब नही हो पाया.
इस नियम के तहत कप्तान को टॉस के पहले सुपरसब खिलाड़ी को तय करना होता था.
कप्तान ने टॉस हारा तो उनको सुपरसब का ज़्यादा फ़ायदा नहीं मिलता.
बाकी नियम जो लागू होंगे
- आईपीएल के मैच निर्धारित समय से काफ़ी देर तक चलने की शिकायत होती है. इसे रोकने के लिए आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया है. इसके साथ साथ अब ऑन फील्ड पेनल्टी लागू होगा. कटऑफ टाइम के बाद पारी शुरू रहेगी तो 30 गज सर्कल में एक और फील्डर लाया जाएगा. इसके कारण बाउंड्री पर केवल चार खिलाड़ी होंगे.
- फील्डिंग करने वाली टीम में से विकेटकीपर द्वारा कोई भी अनफेयर मूवमेंट पाई गई तो डेड बॉल दिया जाएगा और बल्लेबाज़ी कर रही टीम को पांच पेनल्टी रन मिलेंगे. फिल्डर द्वारा अनफ़ेयर मूवमेंट पाई गई तो भी डेड बॉल के साथ विपक्षी टीम को पांच रन दिए जाएंगे.
- नए सीजन में टीम अंपायर द्वारा दिए गए वाइड और नोबॉल के निर्णय के ख़िलाफ़ भी डीआरएस ले सकेंगे.
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