वर्ल्ड कप: एमबापे की फ़्रांस टीम मेसी की अर्जेंटीना को रोक, कर पाएगी ब्राज़ील की बराबरी

इमेज स्रोत, Lars Baron
- Author, वात्सल्य राय
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
जंग की तरह खेल में भी खिलाड़ी जीत के लिए जान लड़ाते हैं. गुत्थम गुत्था होते हैं और विरोधी को रोकने के लिए किसी भी हद तक चले जाते हैं.
दोनों 'संघर्षों' में फ़र्क़ क्या है, ये जीत-हार तय होने के बाद पता चलता है.
फ़्रांस के मेगास्टार किलियन एमबापे ने फ़ुटबॉल वर्ल्ड कप 2022 के दूसरे सेमीफ़ाइनल के बाद जो किया, उसने उनके बिना कुछ कहे इस अंतर को जगज़ाहिर कर दिया.
किलियन एमबापे ने मैच के बाद पिच पर निढाल पड़े मोरक्को के अशरफ़ हकीमी को अपना हाथ देकर उठाया. बीच मैदान टी शर्ट उतारी और हकीमी की तरफ़ बढ़ा दी और उनकी टी शर्ट ख़ुद पहन ली.
और फिर हकीमी के गले से लिपट गए. खेलभावना कहा जाने वाला ये अंदाज़ ही है जो सब कुछ दांव पर लगा देने वाले विरोधी को 'दुश्मन' नहीं बनने देता और चैम्पियन खिलाड़ियों के सिर को गुरुर के बोझ से भारी नहीं होने देता.

इमेज स्रोत, Getty Images
फ़्रांस को चेतावनी
फ़्रांस की टीम ने वर्ल्ड कप के दूसरे सेमीफ़ाइनल में मोरक्को को 2-0 के अंतर से हराकर फ़ाइनल में जगह पक्की कर ली है, लेकिन वो जानती है कि ये मौका कामयाबी पर इतराने का नहीं बल्कि पांव ज़मीन पर बनाए रखने का है.
रविवार (18 दिसंबर) को टक्कर लियोनेल मेसी की उस अर्जेंटीना टीम के साथ है जो फ़्रांस से इक्कीस नहीं तो उन्नीस भी नहीं है.
दोनों सेमीफ़ाइनल मुक़ाबलों की तुलना करने वाले विशेषज्ञ तो मोरक्को के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के बाद फ़्रांस के लिए चेतावनी जारी करने लगे हैं.
फ़्रांस के फ़ुटबॉल एक्सपर्ट जूलियन लॉरेन्स भी उनमें से एक हैं.
लॉरेन्स कहते हैं, "अगर आप रविवार को अर्जेंटीना के ख़िलाफ़ इसी तरह खेले तो आप नहीं जीतेंगे."
मोरक्को की टीम फ़्रांस के ख़िलाफ़ कोई गोल नहीं कर सकी, लेकिन उसने हमला बोलने में कोई कसर नहीं छोड़ी. कई मौके बनाए. मोरक्को टीम भले ही उन्हें भुना न सकी हो, लेकिन अगर अर्जेंटीना के हाथ ऐसे अवसर आए तो कई एक्सपर्ट को लगता है कि मेसी की टीम शायद ही उन्हें गंवाए.
ये भी पढ़ें:-

इमेज स्रोत, Getty Images
दबाव घटाने की कोशिश
फ़ाइनल मैच में अभी तीन दिन बाकी हैं, लेकिन अर्जेंटीना से टक्कर तय होते ही फ़्रांस की टीम के इर्द-गिर्द दबाव का एक घेरा बनने लगा है.
इसका अंदाज़ा एमबापे जैसे खिलाड़ियों को ही नहीं टीम के समर्थकों को भी है.
सेमीफ़ाइनल में टीम का जोश बढ़ाने क़तर के अल बेत स्टेडियम पहुंचे फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी ऐसे ही समर्थकों में शामिल हैं और वो भी खिलाड़ियों पर पड़ रहे दबाव को घटाने की कोशिश में हैं.
मैक्रों कहते हैं, "हमारे खिलाड़ियों को सिर्फ़ ख़ुशी चाहिए. खेल ख़ासकर सॉकर (फ़ुटबॉल) से यही हासिल होता है. हमने काफ़ी कुछ झेला है, लेकिन हम एक महान टीम को देख रहे हैं. हमारे कोच और इस टीम का बहुत आभार."

इमेज स्रोत, Getty Images
60 साल पुराने रिकॉर्ड पर नज़र
खिलाड़ी विनम्रता दिखा रहे हैं और दिग्गज समर्थक चाहते हैं कि उम्मीदें खिलाड़ियों के लिए बोझ न बन जाएं, लेकिन टीम के मैनेजर दिदिए देशाँ जानते हैं कि वर्ल्ड कप के आख़िरी मैच में उन्हें क्या हासिल करना है.
वो कहते हैं, "भावनाएं हावी हैं. हमें ख़ुद पर गर्व है और अब केवल एक आख़िरी क़दम तय करना है."
देशाँ ने बतौर खिलाड़ी 1998 में फ़्रांस के लिए वर्ल्ड कप जीता था. 2018 में बतौर कोच उन्होंने टीम को चैम्पियन बनाया था और अब वो उस करिश्मे को दोहराना चाहते हैं जो 1962 में ब्राज़ील की टीम ने किया था.
साठ साल पहले ब्राज़ील ने लगातार दो बार (1958 और 1962 में) वर्ल्ड कप जीता था. उसके बाद ये कमाल कोई और टीम नहीं कर सकी है. देशाँ जानते हैं कि उनकी टीम और इस कमाल के बीच सिर्फ़ एक क़दम का फ़ासला है.
उनकी नज़र एक और रिकॉर्ड पर है. अब तक सिर्फ़ वित्तोरियो पोत्सो ऐसे कोच रहे हैं जिन्होंने अपनी टीम को दो बार वर्ल्ड कप में जीत दिलाई है. वो इटली की 1934 और 1938 वर्ल्ड कप जीत में हिस्सेदार रहे थे.
सेमीफ़ाइनल मैच में फ़्रांस के लिए पहला गोल करने वाले थियो हेनांडेज़ की आंखों में भी उम्मीद की चमक है.
वो कहते हैं, "लगातार दो वर्ल्ड कप फ़ाइनल खेलना एक अविश्वसनीय पल है. हमने अच्छा खेल दिखाया है. ये कड़ा मुक़ाबला था, लेकिन अब हम फ़ाइनल में हैं."
कोच और खिलाड़ियों की उम्मीद को आंकड़े बल दे रहे हैं.
1990 के दशक से फ़्रांस एक ऐसी टीम के तौर पर उभरी जो वर्ल्ड कप में सबकुछ दांव पर लगा देती है और उम्दा नतीजे हासिल करती है.
ये भी पढ़ें:-

इमेज स्रोत, Getty Images
फ़्रांस का दमदार रिकॉर्ड

- फ़्रांस की टीम पिछले सात वर्ल्ड कप में से चार बार फ़ाइनल में जगह बना चुकी है.
- फ़्रांस की टीम 2022 के पहले 1998, 2006 और 2018 में फ़ाइनल में पहुंची थी
- फ़्रांसने 1998 और 2018 में वर्ल्ड कप जीता था
- 2018 के वर्ल्ड कप में फ़्रांस की टीम अर्जेंटीना पर भारी पड़ी थी
- 2018 में फ़्रांस और अर्जेंटीना का मुक़ाबला क्वार्टर फ़ाइनल में हुआ था
- उस मैच में फ़्रांस ने 4-3 के अंतर से जीत हासिल की थी.
- फ़्रांस की मौजूदा टीम के सुपरस्टार एमबापे ने उस मैच में दो गोल किए थे.

इमेज स्रोत, Getty Images
कम नहीं है अर्जेंटीना
लेकिन, कई एक्सपर्ट आगाह कर रहे हैं कि अर्जेंटीना की मौजूदा टीम चार साल पहले क्वार्टर फ़ाइनल में हार कर बाहर हुई टीम से अलग है. वो फ़्रांस के रुतबे से ज़्यादा उसकी कमज़ोरियों पर नज़रें जमाए हुए होगी.
फ़ुटबॉल एक्सपर्ट जूलियन लॉरेन्स कहते हैं, "मुझे लगता है कि लोग (मोरक्को के ख़िलाफ़ सेमीफ़ाइनल के) नतीजे को लेकर ख़ुश हैं और इस खेल में नतीजा ही अहम होता है, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो मानते हैं कि इस (फ़्रांस की) टीम में जैसा टैलेंट है, उसे देखते हुए इसे और बेहतर खेल दिखाना चाहिए."
इंग्लैंड के पूर्व खिलाड़ी गैरी लिनेकर को अर्जेंटीना की टीम में ख़ास बात नज़र आती है. उन्हें मेसी की टीम में 1986 में वर्ल्ड कप जीतने वाली डिएगो मारोडना की टीम की छाप दिखती है.
गैरी कहते हैं, "अर्जेंटीना के ख़िलाड़ी बहुत आक्रामक हैं. उनके पास कई ताक़तवर खिलाड़ी हैं. हर खिलाड़ी के पास बहुत ज़्यादा कौशल भले ही ना हो, लेकिन जैसे 1986 की टीम में खोर्खे वाल्दानो थे, इस टीम में जूलियन अल्वरेज़ हैं. उस टीम में माराडोना जैसे जीनियस थे तो इस टीम में मेसी हैं."
इंग्लैंड के एक और पूर्व खिलाड़ी रियो फ़र्डिनेंड कहते हैं, "जब लोग सवाल करते हैं कि माराडोना या मेसी में बेहतर कौन है तो लोगों का जवाब होता है कि मेसी ने वर्ल्ड कप नहीं जीता है. ये उनका टूर्नामेंट हो सकता है."
ज़्यादातर एक्सपर्ट की राय है कि अर्जेंटीना के ख़िलाफ़ फ़्रांस को कांटे की टक्कर मिल सकती है.
फ़ाइनल को मेसी बनाम एमबापे की टक्कर के तौर पर देख रहे लोगों को एक्सपर्ट याद दिलाते हैं कि मेसी क़तई कम नहीं हैं.

इमेज स्रोत, Getty Images
दिग्गजों में कितना दम

- फ़्रांस के एमबापे ने टूर्नामेंट में पांच गोल किए हैं तो अर्जेंटीना के मेसी भी पांच गोल कर चुके हैं
- फ़्रांस के अलिविए गिरुड ने चार गोल दागे हैं तो अर्जेंटीना की ओर से जूलियन अल्वरेज़ भी चार गोल कर चुके हैं
आंकड़ों में पलड़ा लगभग बराबर है. अब बात जीत के ज़िद और जुनून की है. मेसी अपना पहला वर्ल्ड कप जीतने की ज़िद क़ायम रखेंगे या एमबापे और उनके साथी, फ़्रांस को ब्राज़ील के साठ साल पुराने रिकॉर्ड की बराबरी का मौका दिलाएंगे.
इंतज़ार रविवार का है जब लड़ेंगी दुनिया की दो दिग्गज टीमें और उनके सबसे शानदार और सबसे जानदार खिलाड़ी....उनका सब कुछ दांव पर होगा, लेकिन आख़िर में जीत तो खेल की ही होगी.
ये भी पढ़ें:-
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












