वर्ल्ड कप: पहली बार महिला रेफ़रियों के इशारों पर खेलेंगे पुरुष खिलाड़ी

क्रिस्टियानो रोनाल्डो और स्टीफ़नी फ़्रैपार्ट

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, पिछले मंगलवार को जब मेक्सिको और पोलैंड के बीच मैच खेला गया था तो स्टीफ़नी फ़्रैपार्ट को चौथे अधिकारी के तौर पर नॉमिनेट किया गया था

क़तर में खेले जा रहे फ़ुटबॉल वर्ल्ड कप में स्टीफ़नी फ़्रैपार्ट टूर्नामेंट की शुरुआत में ही पहली महिला ऑफ़िशियल बन चुकी हैं.

अब मर्दों के इस मुक़ाबले में पहली बार मैदान में महिला रेफ़रियों की टीम निगहबान बनेगी.

ग्रुप लेवल के गेम में कोस्टा रिका और जर्मनी के बीच खेले जा रहे मुक़ाबले में गुरुवार को ये इतिहास रचा जा रहा है.

फ्रांस की स्टीफ़नी फ़्रैपार्ट फ़ुटबॉल विश्व कप में पहली महिला रेफ़री होंगी.

पिछले मंगलवार को जब मेक्सिको और पोलैंड के बीच मैच खेला गया था तो उन्हें चौथे अधिकारी के तौर पर नॉमिनेट किया गया था. इस टूर्नामेंट में एक महिला को अधिकारी के तौर पर नॉमिनेट करने का वो पहला मौका ही था.

स्टीफ़नी फ़्रैपार्ट ने टूर्नामेंट से पहले बीबीसी स्पोर्ट्स से कहा, "हम दबाव को समझते हैं."

"लेकिन मुझे लगता है कि हम खुद को नहीं बदलेंगे. बस शांत रहेंगे, फोकस करेंगे और मैं मीडिया और दूसरी चीज़ों के बारे में ज़्यादा नहीं सोचती हूं. सारा ध्यान केवल फ़ील्ड पर है."

क़तर के अल-बयात स्टेडियम में खेले जा रहे इस मुक़ाबले में स्टीफ़नी फ़्रैपार्ट के साथ अस्टिटेंट रेफ़री के तौर पर ब्राज़ील की नेउज़ा बैक और मेक्सिको की कैरन डियाज़ मेडीना उनका साथ देंगी.

ये भी पढ़ें:-

स्टीफ़नी फ़्रैपार्ट

इमेज स्रोत, Getty Images

पहली महिला रेफ़री

ये पूछे जाने पर कि क्या खिलाड़ियों ने, मैनेजर्स या फैंस ने उनके महिला होने को लेकर कभी कुछ कहा है, स्टीफ़नी फ़्रैपार्ट ने बताया, "जब से मैंने शुरुआत की है, टीम, क्लब और खिलाड़ियों ने हमेशा मेरा साथ दिया है. स्टेडियम में मेरा हमेशा स्वागत किया गया है. इसलिए मुझे लगता है कि पिच पर मैं दूसरे रेफरी की तरह ही हूं. मेरा हमेशा वेलकम हुआ है, इसलिए मुझे लगता है कि इस बार भी पहले की तरह ही मेरा स्वागत होगा."

साल 2020 में पुरुषों की चैम्पियंस लीग के एक मुक़ाबले में स्टीफ़नी फ़्रैपार्ट पहली महिला रेफ़री बन गई थीं.

इसके साथ ही साल 2019 के यूरोपियन सुपर कप में लिवरपूल और चेलसी के मुक़ाबले में भी 38 वर्षीय स्टीफ़नी फ़्रैपार्ट मैच में रफ़री बनने वाली पहली महिला बन चुकी हैं.

क़तर में खेले जा रहे इस विश्व कप में स्टीफ़नी फ़्रैपार्ट के अलावा, रवांडा की सलीमा मुकांसंगा और जापान की योशिमी यामाशिता को भी 36 रेफ़रियों की टीम में शामिल किया गया है.

ये भी पढ़ें:-

वीडियो कैप्शन, अफ्रीका की सलीमा फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप में बना रही हैं नया कीर्तिमान

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)