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टी 20 वर्ल्ड कप: भारत की हार पर क्या बोले पाकिस्तानी? शोएब, अकरम, वकार ने क्या कहा? धोनी क्यों आए याद?
- Author, अभिजीत श्रीवास्तव
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
इंग्लैंड से सेमीफ़ाइनल में 10 विकेट से मिली हार के साथ ही भारत टी20 वर्ल्ड कप 2022 से बाहर हो गया.
इसके साथ ही आईसीसी के टूर्नामेंट्स में ट्रॉफ़ी का सूनापन भारत के लिए बदस्तूर कायम है.
भारत की इस करारी हार की लोग कई तरह से व्याख्या कर रहे हैं, वहीं इसे लेकर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है.
इस हार ने भारतीयों को एक बड़ा झटका दिया है और वो कई सवाल उठा रहे हैं.
पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर भी तरह तरह से इस पर बात कर रहे हैं और साथ ही पाकिस्तान से भी ढेरों कमेंट आ रहे हैं.
सबसे पहले बात क्रिकेट के दिग्गज़ों की.
शोएब अख़्तर ने क्या कहा?
रावलपिंडी एक्सप्रेस के नाम से मशहूर पाकिस्तान के शोएब अख़्तर ने कहा कि "भारत के लिए शर्मनाक हार. भारत बहुत गंदा खेला. उनका प्रदर्शन हार के लायक था, फ़ाइनल में बिल्कुल भी नहीं पहुंचने लायक. भारत के पास कंडीशन फास्ट बॉलर्स हैं, कोई एक्सप्रेस तेज़ गेंजबाज़ नहीं है."
शोएब बोले, "एलेक्स हेल्स, हेल स्टॉर्म बन कर इंडिया पर गिरे. उन्होंने तबाही मचा दी और फ्लैट ट्रैक के ऊपर ये बताने में कामयाब हुए कि भारत के पास एक्सप्रेस फास्ट बॉलर्स नहीं हैं."
शोएब ने कहा भारत की टीम सलेक्शन बहुत कन्फ्यूजिंग थी.
वो बोले, "हम आपसे मिलना चाह रहे थे मेलबर्न में. लेकिन आप नहीं आ रहे. अच्छी विकेट थी लेकिन जब इंग्लैंड बैटिंग करने उतरा तो पहले पांच ओवरों में ये हाथ खड़े कर गए थे."
"मुझे तो लग रहा था कि अगर कुछ नहीं हो रहा तो कम से कम लड़ते तो सही. राउंड द विकेट आ कर बाउंसर करते, मुंह तोड़ते. झगड़ा होता, थोड़ी आक्रामकता आती. वो कुछ भी नहीं दिखाया भारतीय टीम ने, बिल्कुल हाथ खड़े कर दिए."
"हार्दिक पंड्या उभर कर आए हैं, वो उभरते हुए कप्तान हैं, न्यूज़ीलैंड जा रहे हैं, कहीं आगे भी कप्तान न हो जाएं."
वकार, अकरम, मिस्बाह, शोएब मलिक क्या बोले?
पाकिस्तान के एक टीवी चैनल पर वकार यूनिस, वसीम अकरम, मिस्बाह उल हक़ और शोएब मलिक के साथ हो रही चर्चा की भी उतनी ही चर्चा है जितनी इस वर्ल्ड कप में खेले जा रहे मैचों की.
इस कार्यक्रम के दौरान ये चार दिग्गज़ क्रिकेटर मैच पर अपनी राय रखते हैं. और दर्शकों के सवालों के जवाब भी देते हैं.
इसी कार्यक्रम के दौरान भारत के सेमीफ़ाइनल में प्रदर्शन पर भी विस्तृत चर्चा हुई.
वसीम अकरम भारत की हार पर बोले, "इंग्लैंड ने भारत को खेल के हर क्षेत्र में पछाड़ा. ग़लती की शुरुआत भारत की बहुत धीमी हुई शुरुआत से ही हो गई थी. ये रिकवर कर नहीं पाए. विकेटें हाथ में थीं लेकिन आप बड़ा स्कोर नहीं खड़ा कर सके. 190 रन के आस पास रन बनाने चाहिए थे. हालांकि बटलर और हेल्स अलग अंदाज में बल्लेबाज़ी कर रहे थे. अगर पंड्या ने तेज़ पारी नहीं खेली होती तो सम्मानजक स्कोर भी नहीं हो पाता. कप्तान ऑउट ऑफ़ टच दिखे. विराट भले ही अर्धशतक लगाए हों लेकिन 40 गेंदें खेल कर. ये दोनों टीमों के बीच सबसे बड़ा अंतर रहा."
इसी पैनल ने सेमीफ़ाइनल से पहले भारत की जीत की उम्मीद जताई थी, हालांकि वकार यूनिस ने कहा था कि सेमीफ़ाइनल इंग्लैंड जीतेगा.
मैच के बाद वकार यूनिस बोले, "मैंने इंग्लैंड की जीत का अंदाजा लगाया था. ये एक गेस था. लेकिन भारत ने जैसा प्रदर्शन किया उसकी तो बिल्कुल ही उम्मीद नहीं थी. शुरुआत से ही मैच में नहीं थे. जिस आक्रामक क्रिकेट के लिए भारतीय बल्लेबाज़ जाने जाते हैं वो आज नहीं था. पहले छह ओवरों में कोई ख़ास रन नहीं बने. स्कोरबोर्ड पर केवल 38 रन थे. वो डरे डरे से खेलते रहे. जब तक उन्होंने ये सोचा कि काफी पीछे चल रहे हैं तब तक काफी देर हो चुकी थी. शाम के वक़्त पिच अच्छी हो गई. हेल्स और बटलर जैसा खेलते हैं, तो ऐसा ही होता है जब ये दोनों चल जाते हैं."
शोएब मलिक कहते हैं कि आपको मॉर्डन डे क्रिकेट खेलनी होगी. वे बोले "केएल राहुल जल्दी आउट हो गए. रोहित शर्मा धीमा खेले. पावरप्ले को देखें तो पहले छह ओवर में भारत का स्कोर ठीक वैसा ही था जैसे पहले सेमीफ़ाइनल में न्यूज़ीलैंड का. न्यूज़ीलैंड ने भी पहले सेमीफ़ाइनल के पावरप्ले में ऐसा ही स्कोर किया था."
टी20 क्रिकेट में कहा जाता है कि जो टीम पावरप्ले में जितना अधिक आगे रहती है, उसके जीतने की संभावना उतनी ही अधिक होती है.
मिस्बाह उल हक ने कहा, "भारत की ताक़त बल्लेबाज़ी है, इंग्लैंड की भी. टॉस के समय रोहित का ये कहना कि वो टॉस जीतते तो भी बैटिंग लेते. यहीं पर रोहित स्पष्ट नहीं थे कि उन्हें क्या करना है, जबकि बटलर इसे लेकर साफ़ थे. दोनों टीमों के खेल में पावरप्ले का अंतर सबसे बड़ा था. यहां पर आपको मैच में 180 से अधिक रन बनाने चाहिए थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ."
साथ ही मिस्बाह ने हार्दिक पंड्या की तारीफ़ की और कहा कि "वो 360 गेम खेलते हैं. उन्हें ख़ुद पर यकीन दिखता है. पाकिस्तान के साथ मुक़ाबले में भी वो चले थे. कवर में और सामने छक्का जो मारा उसमें बैट पूरा पीछे भी नहीं गया, हेलीकॉप्टर शॉट के माहिर है."
आईपीएल पर उठे सवाल
इस दौरान वसीम अकरम ने इस बात पर भी ध्यान दिलाया कि भारत में जब से आईपीएल शुरू हुई है, टीम इंडिया ने टी20 वर्ल्ड कप नहीं जीता है.
आईपीएल 2008 में शुरू हुआ था, जबकि भारत को महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में 2007 में पहली और आखिरी बार टी20 वर्ल्ड कप हासिल हुआ था.
अकरम ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों को दुनिया के अन्य देशों में जाकर वहां के लीग में खेलना चाहिए. शोएब मलिक ने भी कहा कि इससे अलग अलग कंडीशन में खेलने का अनुभव मिलेगा.
वकार यूनिस बोले, आईपीएल एक मेगा इवेंट है. उसमें खेलने के बाद जब आप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नॉकआउट मैच खेलते हैं तो आप पर अलग दवाब होता है. जिस दिलेरी से आप आईपीएल में खेलते हैं वैसा आप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नहीं खेल पाते. इंग्लैंड के स्पिनर पर आप केवल 45 रन बना रहे हैं जबकि बाउंड्री छोटी थीं.
मिस्बाह बोले कि न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ भी कुछ वक़्त पहले आपने देखा था कि किस तरह भारतीय बल्लेबाज़ नहीं खेल पा रहे थे.
वसीम अकरम ने आवेश ख़ान का उदाहरण देते हुए कहा कि आईपीएल का कुछ नुकसान भी हो रहा है.
"वो इस टूर्नामेंट में 145 की स्पीड से गेंद फ़ेंकता है, लेकिन पहला सीज़न खेलने के बाद इनकी तेज़ी 130-135 पर चली जाती है. बीसीसीआई को इसके पीछे की वजह जानना चाहिए."
इस दौरान वसीम अकरम ने युवा खिलाड़ियों को आईपीएल में कम पैसे देने की सलाह भी दी.
फ़ाइनल में पाकिस्तान क्या करे?
फ़ाइनल में पाकिस्तान गेंदबाज़ को इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों को कहां गेंद डालनी चाहिए?
कार्यक्रम के दौरान पूछे गए इस सवाल पर वकार यूनिस कहते हैं कि "ये निर्भर करेगा कि पिच कैसी है."
वे बोले, "अगर पिच ग्रीन है तो हमने देखा है कि बॉल फ्लाई करता है तो थोड़ा सा बैक ऑफ़ लेंथ रखना होगा. शाहीन अफ़रीदी को वहीं कोशिश करनी होगी लेकिन विकेट लेने होंगे. अच्छी लेंथ पर गेंद डालें."
वकार ने कहा, "आपको ऐसी कसी हुई गेंदबाज़ी करनी होगी कि उन्हें हाथ खोलने का मौक़ा न मिले. ये सबसे अहम होगा."
पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच फ़ाइनल मैच रविवार को मेलबर्न में खेला जाना है.
वकार कहते हैं, "मेलबर्न में कैच करना बहुत अधिक निर्णायक होगा क्योंकि अगर पिच उसी तरह की हुई जैसी हमने देखी है, जहां बाउंस ज़्यादा होगा तो संभवतः गेंद पीछे ज़्यादा जाएगी. थर्ड मैन, फाइन लेग, स्क्वॉयर लेग की तरफ़ तो कैच और फील्डिंग सबसे अहम होंगे."
युज़वेंद्र चहल टीम में क्यों नहीं
शोएब अख़्तर ने युज़वेंद्र चहल को प्लेइंग इलेवन में नहीं शामिल करने पर सवाल उठाया. ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर शेन वाटसन ने भी टीवी कार्यक्रम के दौरान ठीक यही सवाल उठाया कि युज़वेंद्र चहल को क्यों नहीं खिलाया गया?
एक यूज़र ने भी युज़वेंद्र चहल को अंतिम एकादश में शामिल नहीं करने पर सवाल उठाया.
उन्होंने लिखा, "हमें उनकी कमी खली. पिछले साल दुबई में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप में जब युज़वेंद्र चहल को टीम में नहीं चुना गया था. तब लोगों ने टीम में उन्हें नहीं चुने जाने पर कोहली और शास्त्री की आलोचना की थी. इस साल द्रविड़ और रोहित ने उन्हें चुना लेकिन केवल बेंच पर बैठने के लिए."
कप्तानी पर उठे सवाल
सोशल मीडिया पर कप्तानी को लेकर इस तरह से बहस छिड़ी थी कि #captaincy ट्रेंड करने लगा.
2021 में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होने के बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली ने कप्तान छोड़ दी थी.
गुरुवार को सेमीफ़ाइनल में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ हुई 10 विकेट से हार के बाद एक यूज़र ने लिखा, "और इन्हें लगता था कमी इसकी (कोहली) कप्तानी में थी."
विराट को लेकर भी कई ट्वीट किए गए.
एक यूज़र ने लिखा, "विराट ने इस टी20 वर्ल्ड कप में सबकुछ दिया और अब हम सेमीफ़ाइनल में हार गए. उन्होंने दो मैन ऑफ़ द मैच और 98+ औसत के साथ 296 रन बनाए. यह शख़्स ट्रॉफ़ी पाने की योग्यता रखता है लेकिन एक बार फिर भारत सेमीफ़ाइनल में हार गया."
बात अगर विराट कोहली के टी20 वर्ल्ड कप के नॉकआउट मैच में प्रदर्शन की करें, तो ऐसे चार मैच उन्होंने खेले हैं. और उस सभी मुक़ाबलों में उन्होंने बल्ले से दमदार प्रदर्शन किया है. सभी चार मैचों में विराट के बल्ले से अर्धशतक निकला है, जबकि दो मैचों में तो वो नाबाद भी रहे.
इंग्लैंड के ख़िलाफ़ मैच के दौरान ही विराट अंतरराष्ट्रीय टी20 में चार हज़ार रन पूरे करने वाले पहले क्रिकेटर भी बने.
धोनी भी याद किए गए
इस दौरान धोनी की कमी की चर्चा ट्विटर पर खूब रही.
एक यूज़र ने लिखा, कुछ पल के लिए लगा कि इस मैच में बुमराह की कमी थी. लेकिन हमें वास्तव में जिस आदमी की कमी खली है, वो ये हैं."
एक यूज़र ने लिखा कि महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी की कमी खली.
लेजेंड धोनी के नेतृत्व में वो भी क्या दिन थे.
एक यूज़र ने लिखा, "धोनी की जगह कोई नहीं ले सकता."
अभय नाम के एक यूज़र ने लिखा, "आईपीएल में रोहित शर्मा को उनकी कप्तानी के लिए सराहा जाता था और धोनी को उनके प्रदर्शन दोषी ठहराया जाता था. मैं जानना चाहता हूं कि वो एमआई लॉबी कहां गई. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और आईपीएल में बड़ा फ़र्क़ है. मेरे हिसाब से विराट कोहली, रोहित शर्मा से बेहतर कप्तान थे."
तंज़ भी कसे गए
अफशान मलिक नाम के एक यूज़र ने लिखा, "क्या शानदार हार है."
उन्होंने एक फोटो भी ट्वीट की है जिसमें उस मैच का भी जिक्र है जब पाकिस्तान ने भारत को टी 20 वर्ल्ड कप में 10 विकेट से हराया था.
अफशान मलिक को जवाब देते हुए धीरज पांडे ने लिखा, "भाई आपकी बात से सहमत, हमें तो अपनों ने लूटा, गैरों में कहां दम था. भाई ये तो मानना पड़ेगा हमारे देश में 130 करोड़ आबादी के बाद भी बॉलर नहीं है. फाइनल के लिए पाकिस्तान को शुभकामनाएं "
एक यूज़र निनाद नाद लिखते हैं, "जैसी हमने गेंदबाज़ी की, हम फ़ाइनल में पहुंचने के योग्य नहीं थे. 168 ख़राब स्कोर नहीं था लेकिन हमने अच्छी गेंदबाज़ी नहीं की. और उससे भी बढ़ कर इंग्लैंड के ओपनर्स बहुत ही सकारात्मक हो कर खेले. इंग्लैंड को बधाई और पाकिस्तान को भारत की ओर से शुभकामनाएं."
जहां एक ओर टीम इंडिया को हर किसी से तीख़े शब्द ही सुनने को मिल रहे हैं तो वहीं कुछ सकारात्मक प्रतिक्रियाएं भी आईं.
फ़िल्म एक्टर फ़रहान अख़्तर ने इंस्टाग्राम पर इंग्लैंड को जीत की बधाई देते हुए लिखा कि "टीम इंडिया निश्चित रूप से यह एक निराशाजनक दिन था लेकिन कहानी यहीं ख़त्म नहीं होती है... ये एक चैप्टर है. हम मजबूती से वापसी करेंगे. आशावान रहें."
आगे पाकिस्तान और इंग्लैंड का फ़ाइनल मुक़ाबला होना है.
और जैसा कि कमेंटेटर हर्ष भोगले कहते हैं, "आप जब भी पाकिस्तान को किसी टूर्नामेंट में अपनी फेवरेट टीम बनाते हैं, वो अच्छा नहीं खेलते. लेकिन जैसे ही आपने ये कहा कि आपका कोई चांस नहीं है, वो कमबैक करते हैं और जबरदस्त खेल का प्रदर्शन करते हैं. आपको एक बड़ा सदमा दे जाते हैं, जिसे आप लंबे अरसे तक नहीं भूल सकते. ऐसी स्थिति में वो अपनी सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट खेलते हैं."
तो अब इंग्लैड के साथ वही पाकिस्तान की टीम खेलने वाली है, जिसके लगातार दो मैच हारने के बाद सेमीफ़ाइनल में पहुंचने की कोई उम्मीद नहीं थी. तभी उसने लगातार तीन मैच जीते और नीदरलैंड के दक्षिण अफ़्रीका को मात देने का फायदा उठाते हुए ज़ोरदार वापसी की. सेमीफ़ाइनल में कीवी टीम को हराया और अब रविवार को इस ट्रॉफ़ी को उठाने से बस एक क़दम के फ़ासले पर खड़ी है.
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