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सूर्यकुमार यादव कैसे लाते हैं 'शॉट्स की सुनामी', एक्सपर्ट ने बताया
- Author, नितिन श्रीवास्तव
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, ऑस्ट्रेलिया से
सिडनी एयरपोर्ट पर भारतीय टीम पहुंच चुकी थी और पर्थ की फ़्लाइट पकड़ने की तैयारी थी.
पिछली शाम ही टीम ने नीदरलैंड्स को हराया था जिसमें सूर्यकुमार यादव ने 25 गेंदों में 51 की ज़बरदस्त पारी खेली थी.
हवाई जहाज़ बोर्ड करने की क़तार में सूर्यकुमार ने अपनी बेटी का हाथ पकड़ रखा था और जो भी उनसे सेल्फ़ी की मांग करता उसे मुस्कुरा कर सेल्फ़ी दे रहे थे.
मैंने कहा, "इनिंग्स बहुत अच्छी थी सूर्या."
उन्होंने कहा, "अरे बस अच्छा खेलने ही तो आए हैं."
ऑस्ट्रेलिया में खेले जा रहे टी-20 विश्व कप में भारत ने अपने पांच ग्रुप मैचों में से चार जीत कर सेमीफ़ाइनल में जगह बना ली है.
इन पांचो मैचों में बल्लेबाज़ सूर्यकुमार यादव ने तीन में से 50 रन या उससे ज़्यादा का स्कोर किया है और वो भी धुआंधार तरीक़े से.
लेग साइड हो या ऑफ़ साइड, सूर्यकुमार ने सभी मैचों में छक्के जड़े हैं और इस साल के अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैचों में 1,000 रनों से ज़्यादा स्कोर कर के टॉप पर हैं.
बीबीसी से हुई बातचीत में वेस्टइंडीज़ के पूर्व क्रिकेटर इयान बिशप ने कहा, "आज की तारीख़ में उनसे ज़्यादा धाकड़ मध्यक्रम का बल्लेबाज़ मुझे तो नहीं दिखाई पड़ता. लगता है जैसे उन्हें क्रिकेट बॉल फ़ुटबॉल की तरह दिख रही है".
सूर्यकुमार यादव ने विपक्षी गेंदबाज़ों पर जैसे एक ख़ौफ़ सा बना दिया है.
आमतौर पर उनकी पारी की शुरुआत दो-तीन गेंदे सुरक्षित तरीक़े से प्लेस करने से होती हैं. फिर वो एक कमज़ोर गेंद का इंतज़ार करते हैं. जब गेंद पर अटैक करते हैं तो ज़्यादातर शॉट लॉफ़्टेड या 30 गज़ के घेरे के ऊपर से मारने की कोशिश करते हैं.
ज़ाहिर है, इस तरह के हमले से गेंदबाज़ की लय बिगड़ने का पूरा चांस होता है.
"स्क्रिप्ट की तरह लिखी इनिंग्स"
ऑस्ट्रेलिया के लोकप्रिय अख़बार 'हेरल्ड सन' के क्रिकेट राइटर रॉब व्हिटेकर को लगता है कि "यादव की बैटिंग किसी स्क्रिप्ट की तरह लिखी गई लगती है."
उन्होंने कहा, "यादव अपने करियर के उस दौर में हैं जब वे एक सेकंड पहले ही गेंद को पकड़ ले रहे हैं. इससे आपको मन-माफ़िक़ शॉट लगाने का न सिर्फ़ पूरा समय मिलता है, बल्कि आप गेंद को बेस्ट टाइम भी करते हैं."
इंडियन एक्सप्रेस अख़बार की तरफ़ से ये टूर्नामेंट कवर कर रहे देवेंद्र पांडे ने सूर्यकुमार यादव के करियर को बहुत लंबे समय से फ़ॉलो किया है.
उन्होंने लिखा, "दौरे पर एक चीज़ है जो उनकी पत्नी नियम से करती हैं. वो उनका फ़ोन मैच के काफ़ी पहले ले लेती हैं जिससे सूर्या पर किसी भी क़िस्म का ग़ैर-ज़रूरी दबाव न पड़े और वो अपने मेंटल ज़ोन में रहते हुए खुल कर बैटिंग कर सकें."
ऑस्ट्रेलिया के इस दौरे पर सूर्यकुमार को नेट्स में बैटिंग करने की भी बहुत जल्दी रहती है और अक़्सर वे विराट कोहली के बग़ल वाले नेट्स पर बैटिंग करते हैं.
सिडनी में गेम के पहले हुए नेट्स में तो उनमें और विराट कोहली के बीच मज़ाक़ चल रहा था किसे ज़्यादा प्रैक्टिस करने का मौक़ा मिलेगा. तभी राहुल द्रविड़ ने दोनों को मुस्कुराते हुए रेस्ट करने को कहा और दिनेश कार्तिक और केएल राहुल को नेट्स पर भेज दिया.
मैदान पर जौहर दिखाने की बात हो तो अगर किसी भारतीय बल्लेबाज़ ने इस दौरे पर विराट कोहली को टक्कर दी है तो वो सूर्यकुमार यादव ही हैं.
वैसे इस टूर्नामेंट में उनका स्ट्राइक रेट 'किंग' कोहली से कहीं अधिक रहा है और उनके शॉट्स भी ज़्यादा पैने दिखे हैं.
वसीम अकरम क्या बोले
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान वसीम अक़रम ने इस टूर्नामेंट के पहले ही कह दिया था कि, "मेरा दांव तो सूर्यकुमार यादव पर है."
हुआ भी यही. इस टूर्नामेंट में रोहित शर्मा फ़ॉर्म से बाहर ही लगे है और केएल राहुल ने सिर्फ़ दो मैचों में बल्लेबाज़ी ठीक की.
पारी सम्भालने और स्कोर खड़ा करने का दारोमदार मध्यक्रम यानी कोहली और सूर्यकुमार के कंधों पर भी रहा है जिसे दोनों ने बखूबी निभाया है.
अगर भारतीय बल्लेबाज़ों के टीम में आकर छा जाने की मिसालें दी जाएंगी तो ज़ाहिर तौर पर सूर्यकुमार यादव का नाम काफ़ी ऊपर रहेगा.
30 साल की उम्र में टीम में पहली बार आने के बाद उन्होंने पीछे मुड़ कर नहीं देखा है.
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