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एजाज पटेल का टेस्ट क्रिकेट में ऐतिहासिक कारनामा, एक पारी के सभी 10 विकेटें लेकर की अनिल कुंबले और जिम लेकर की बराबरी
एजाज़ पटेल टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक पारी की सभी 10 विकेटें लेने वाले दुनिया के तीसरे गेंदबाज़ बन गए हैं. उन्होंने अनिल कुंबले और जिम लेकर की बराबरी की है.
भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में भारत की पहली पारी के सभी 10 विकेट लेकर एजाज़ पटेल ने ये रिकॉर्ड बनाया है.
यह न्यूज़ीलैंड के स्लो लेफ़्ट आर्म स्पिनर एजाज़ पटेल का ही कारनामा था कि भारत की पहली पारी 325 रन पर सिमट गई.
उनसे पहले यह कारनामा करने वाले इंग्लैंड के जिम लेकर और भारत के अनिल कुंबले भी एजाज़ की ही तरह स्पिनर थे.
अनिल कुंबले आख़िरी गेंदबाज़ थे जिन्होंने फ़रवरी 1999 में दिल्ली के फ़िरोजशाह कोटला मैदान पर पाकिस्तान की एक पारी के सभी 10 विकेट झटके थे.
वहीं जिम लेकर ने जुलाई 1956 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ एक पारी के सभी 10 विकेट लिए थे.
भारतीय टीम को कैसे आउट किया
मुंबई में जन्मे 33 वर्षीय स्पिनर एजाज़ यूनुस पटेल ने अपनी गेंदबाज़ी के दौरान दो भारतीय बल्लेबाज़ों को बोल्ड, तीन बल्लेबाज़ों को एलबीडब्ल्यू और पांच बल्लेबाज़ों को कैच आउट कराया.
एजाज़ ने मैच के दौरान 47.5 ओवर डाले और 119 रन देकर 10 विकेट लिए.
3 दिसंबर शुक्रवार से शुरू हुए दूसरे टेस्ट मैच के 28वें ओवर में एजाज़ ने पहला विकेट शुभमन गिल के रूप में लिया. उन्होंने 44 रन के निजी स्कोर पर गिल को टेलर के हाथों कैच आउट कराया था जबकि दसवां विकेट मोहम्मद सिराज का लिया. उन्होंने रचिन रविंद्र के हाथों उन्हें कैच आउट कराया.
शुक्रवार को पहले टेस्ट के पहले दिन के आख़िर में भारतीय टीम का स्कोर 221 रनों पर 4 विकेट था और चारों के चारों विकेट एजाज़ पटेल ने लिए थे.
शनिवार को शुरू हुए मैच के दूसरे दिन में लंच तक भारतीय टीम 285 रनों के स्कोर पर 6 विकेट गंवा चुकी थी.
मयंक अग्रवाल 146 रन बनाकर क्रीज़ पर जमे हुए थे लेकिन जैसे ही लंच के बाद मैच शुरू हुआ तो एजाज़ पटेल ने अपनी फ़िरकी में भारतीय टीम को ऐसे उलझाया की भारतीय टीम लंच के बाद 10 ओवर के अंदर ही ऑल आउट हो गई.
कानपुर में हुए पहले टेस्ट मैच में एजाज़ पटेल ने पहली पारी में दो विकेट और दूसरी पारी में एक विकेट लिया था. कानपुर टेस्ट मैच ड्रॉ हुआ था.
उस मैच में बल्ले से एजाज़ पटेल ने बड़ी भूमिका निभाई थी. भारतीय टीम को जीत के लिए न्यूज़ीलैंड का अंतिम विकेट लेना था लेकिन वो क्रीज़ पर जमी रचिन रविंद्र और एजाज़ पटेल की जोड़ी को तोड़ नहीं पाई और मैच ड्रॉ रहा.
जब टीम में जगह बनाने के लिए किया संघर्ष
न्यूज़ीलैंड के लिए खेल रहे स्पिनर एजाज़ पटेल का जन्म मुंबई में हुआ था लेकिन वे जल्द ही न्यूज़ीलैंड बस गए और अपने करियर की शुरुआत ऑकलैंड टीम से की. लेकिन बाएं हाथ के स्पिनर एजाज़ को अपनी प्रतिभा दिखाने का असल मौक़ा सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट्स टीम की ओर से मिला.
वो जल्द ही प्रथम श्रेणी के क्रिकेटर बन गए, साल 2012 में उन्होंने टी20 क्रिकेट टीम में डेब्यू किया लेकिन 50 ओवर के वनडे फॉर्मेट में खेलने के लिए उन्हें अगले तीन साल तक इंतज़ार करना पड़ा.
रेड-बॉल क्रिकेट में एजाज़ ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन से लोगों को अपना मुरीद बना लिया लेकिन इसके बावजूद न्यूज़ीलैंड की टीम में जगह बनाना उनके लिए मुश्किल साबित हुआ.
इस रैंक में न्यूज़ीलैंड की टीम के पास पहले से ही मिचेल सेंटनर और ईश सोढी जैसे खिलाड़ी मौजूद थे जो बल्लेबाज़ी में एजाज़ की तुलना में बेहतर थे. लेकिन इसके बावजूद एजाज़ लागातार कोशिश करते रहे और सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट्स के लिए बेहतरीन प्रदर्शन करते रहे. साल 2018 स्पिनर के लिए बेहतरीन साल साबित हुआ, इस साल वह प्लंकेट शील्ड में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ बनकर उभरे. उन्होंने 9 मैचों में 48 विकेट लिये. एजाज़ को इसके लिए मेन्स डोमेस्टिक प्लेयर ऑफ द ईयर से सम्मानित किया गया.
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