टोक्यो ओलंपिक: सेमीफ़ाइनल में किन वजहों से हार गई भारतीय महिला टीम

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- Author, आदेश कुमार गुप्त
- पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
टोक्यो में जारी ओलंपिक खेलों में भारतीय महिला हॉकी टीम ने अपने से कहीं अधिक रैंकिंग वाली अर्जेंटीना के ख़िलाफ़ सेमीफ़ाइनल मुक़ाबले में मैदान में उतरने के दो मिनट बाद ही बढ़त हासिल कर सबको हैरान कर दिया.
भारत के शुरुआती मूव पर ही अर्जेंटीना की खिलाड़ी पेनल्टी क्षेत्र में ग़लती कर बैठीं, परिणामस्वरूप भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला जिसे गुरजीत कौर ने गोल में बदलकर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी.
गुरजीत कौर का दनदनाता हुआ शॉट अर्जेंटीना की गोलकीपर सुसी बेलेन के बांयी तरफ़ से निकलता हुआ गोल पोस्ट में समा गया. इसके बाद खेल बेहद तेज़ी से खेले जाने लगा क्योंकि एक तरफ़ जहां भारतीय टीम पूरे जोश में खेल रही थी वहीं अर्जेंटीना की टीम ने एक के बाद एक अटैक करने शुरू कर दिए.
इसका नतीजा यह निकला कि खेल के 18वें मिनट तक उसे तीन पेनल्टी कॉर्नर मिल गए. शुरुआती दो पेनल्टी कॉर्नर तो भारत ने बेकार कर दिए लेकिन तीसरे पेनल्टी कॉर्नर को अर्जेंटीना ने गोल में बदलकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया. यह गोल अर्जेंटीना की कप्तान मारिया नोइल ने किया.
शुरुआती बढ़त को खोने के बाद भारतीय महिला टीम भी संभली और उसे एक के बाद एक पेनल्टी कॉर्नर मिलने लगे.

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अर्जेंटीना के लगातार हमले
दूसरे क्वार्टर में अर्जेंटीना को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला जिसे भारतीय रक्षा पंक्ति ने आसानी से बाहर कर दिया. अर्जेंटीना की ऑगस्टिना जॉर्ज़ेलनी अर्जेंटीना के लिए लगातार हमले बना रही थी और बॉल को क्लियर करने की कोशिश में भारतीय खिलाड़ी नाकाम हो रही थी.
हॉफ़ टाइम तक स्कोर 1-1 रहा और भारतीय टीम ने राहत की साँस ली. दूसरा क्वार्टर समाप्त होते ही टीम के कोच शॉर्ड मारिन टीम की तरफ़ दौड़े. उन्हें मालूम था कि इस मुश्किल मुक़ाबले में भारतीय टीम किस ख़तरे से बाहर निकलकर आ रही है.
इससे पहले भारतीय टीम ने ख़िताब की दावेदार मानी जा रही ऑस्ट्रेलिया को क्वार्टर फ़ाइनल में में 1-0 से हराया था.
तीसरे क्वार्टर में खेल शुरू होते ही अर्जेंटीना के हमले को भारत ने टाला. उनकी खिलाड़ी के रिवर्स हिट को अंयायरों ने ख़तरनाक माना और उनकी पेनल्टी कॉर्नर की माँग को भी ठुकराया.
लेकिन अर्जेंटीना के हमले थमने का नाम नहीं ले रहे थे, उन्हें आख़िरकार पांचवां पेनल्टी कॉर्नर भी मिला. इसे ठीक से नहीं रोका गया जिसके बाद छठा पेनल्टी कॉर्नर मिला. इसे अर्जेंटीना की कप्तान मारिया नोइल ने गोल में बदलकर टीम को 2-1 से आगे कर दिया. उनका शॉट गोल पोस्ट में खड़ी सुशीला चानू के पॉव से टकराता हुआ गोल पोस्ट में चला गया. इस गोल के बाद भारतीय टीम का विरोध भी काम नहीं आया. अंपायरों ने नोइल की हिट को सुरक्षित माना.

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विक्टोरिया ग्रानाटो का कमाल
पूरे मुक़ाबले में अर्जेंटीना की विक्टोरिया ग्रानाटो ने अपनी बेहतरीन ड्रिबलिंग को दिखाते हुए भारतीय टीम के कई हमलों को नाकाम किया. इसके अलावा भारत की सलीमा टेटे और रानी रामपाल को भी अर्जेंटीना की खिलाड़ियों ने बांधकर रखा.
आख़िरी क्वार्टर में अर्जेंटीना को अपनी 2-1 की बढ़त को बस बरक़रार रखना था जबकि भारत को पहले तो बराबरी का गोल करना था फ़िर जीतने वाला गोल भी करना था. समय रेत की तरह हाथों से निकला जा रहा था. आख़िरकार नेहा के एक मूव पर भारत को मैच का चौथा पेनल्टी कॉर्नर मिला. उम्मीद की कुछ किरण जगी लेकिन गुरजीत कौर की कमज़ोर हिट को अर्जेंटीना की गोलकीपर सुसी ने गिरते हुए बेकार कर दिया.
इस सेमीफ़ाइनल में अर्जेंटीना की अलबेरतार्यो अगस्तीना ने भारतीय खिलाड़ियों की नाक में दम किए रखा. उनके लगातार होते हमलों को शर्मिला देवी ने कई बार नाकाम किया लेकिन अगस्तीना की बदौलत अर्जेंटीना को पेनल्टी कॉर्नर मिलते रहे.
आख़िरी तीन मिनट में हॉकी प्रेमियों को कोई फ़ील्ड गोल देखने का इंतज़ार था क्योंकि इस मुक़ाबले के तीनों गोल पेनल्टी कॉर्नर से हुए. दरअसल अर्जेंटीना की मज़बूत रक्षा पंक्ति ने भारत को अपने क्षेत्र में ज़्यादा घुसने ही नहीं दिया.
खेल के आख़िरी मिनट में भारतीय टीम ने पेनल्टी कॉर्नर की माँग की जिसे अंपायर ने ठुकराते हुए फ़्री हिट अर्जेंटीना को दी जिसे उन्होंने लास्ट हिट के साथ क्लियर कर दिया. नतीजा मैच 2-1 से अर्जेंटीना के पक्ष में रहा, और इसी के साथ उसने फ़ाइनल में भी अपनी जगह पक्की कर ली.

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कांस्य पदक के लिए सामना ब्रिटेन से
अब फ़ाइनल में अर्जेंटीना का सामना छह अगस्त को नीदरलैंड्स से होगा, जिसने दूसरे सेमीफ़ाइनल में ग्रेट ब्रिटेन को एकतरफ़ा मुक़ाबले में 5-1 से हराया. दूसरी तरफ़ भारतीय महिला हॉकी टीम कांस्य पदक के लिए शुक्रवार को ग्रेट ब्रिटेन से भिड़ेगी.
अर्जेंटीना महिला हॉकी में बेहद ख़तरनाक मानी जाती है. उसने साल 2000 के सिडनी ओलंपिक में रजत, 2004 के एथेंस ओलंपिक में कांस्य पदक, 2008 के बीजिंग ओलंपिक में कांस्य और 2012 के लंदन ओलंपिक में रजत पदक जीता था. रियो में अर्जेंटीना की महिला टीम ख़ाली हाथ रही.
दूसरी तरफ़ भारतीय महिला हॉकी टीम को अभी भी ओलंपिक में अपने पहले पदक का इंतज़ार है. भारतीय महिला टीम को टोकियो ओलंपिक में सातवीं वरीयता दी गई थी. टीम ने उम्मीदों से बढ़कर प्रदर्शन भी किया लेकिन सेमीफ़ाइनल में मिली हार बताती है कि बड़े मुक़ाबलों में जैसा मनोबल और दमख़म होना चाहिए उसकी भारतीय टीम में कमी है.

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क्या कह रहे हैं जानकार
वैसे भारत और अर्जेंटीना दोनों ही टीमों ने क्वार्टर फ़ाइनल में बड़े उलटफ़ेर किए. भारत ने क्वॉर्टर फ़ाइनल में ख़िताब की दावेदार मानी जा रही ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से हराया तो अर्जेंटीना ने जर्मनी को 3-0 से हराया. ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम ने ग्रुप मैचों में पाँचों मैच जीतते हुए 13 गोल किए और केवल एक गोल खाया. लेकिन भारत के ख़िलाफ़ खाए गए एकमात्र गोल ने उसे टूर्नामेंट से बाहर कर दिया.
इस बार के बावजूद भारत की गोलकीपर सविता रानी के अलावा वंदना कटारिया, सुशीला चानू, टीम की कप्तान रानी रामपाल, नेहा अग्रवाल, गुरजीत कौर, शर्मीला देनी, नवनीत सभी ने शानदार खेल दिखाया जिनके दम पर टीम सेमीफ़ाइनल में पहुँची और अभी भी कांस्य पदक की दौड़ में बनी हुई है.
इस मुक़ाबले में भारतीय महिला हॉकी टीम के प्रदर्शन को लेकर भारत के पूर्व कोच और द्रोणाचार्य अवार्डी अजय कुमार बंसल ने कहा कि यह स्कोर बताता है कि अच्छी टक्कर हुई. फ़िर यह भी नहीं भूलना चाहिए कि अर्जेंटीना की टीम भारत से बहुत बेहतर थी.
उसके खेल में स्पीड थी जिसका सामना खिलाड़ी नहीं कर सके. उनके तेज़ अटैक से टीम डिफेंसिव हो गई जिससे गेंद पर उनका क़ब्ज़ा ज़्यादा रहा, लेकिन एक गोल से हार शर्मनाक नहीं है. भारतीय महिला टीम को तो अभी एशिया में ही अपनी जगह मज़बूती से बनानी है. टीम ने भविष्य की उम्मीद जगाई है.
दूसरी तरफ़ भारत के पूर्व ओलंपियन और वर्तमान चयनकर्ता हरबिंदर सिंह कहते हैं कि जब टीम ने शुरुआत में ही बढ़त हासिल कर ली थी तो उसे और बढ़ाना चाहिए था.
पहले क्वार्टर में दोनों टीमें बराबरी पर खेली लेकिन उसके बाद अर्जेंटीना में मैच को क़ाबू में कर लिया, लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि यही महिला टीम पिछले रियो ओलंपिक में 12वें पायदान पर थी लेकिन अब यह कांस्य पदक का मुक़ाबला खेलेगी जो जीत भी सकती हैं. इस टीम ने इस ओलंपिक में बड़ी टीमों को टक्कर देकर आने वाले समय में होने वाले मुक़ाबलों को लेकर चेतावनी दे दी है कि हम भी किसी से कम नहीं है.
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