You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
टोक्यो ओलंपिक: भारतीय महिला हॉकी टीम जर्मनी से क्यों हार गई?
- Author, अरविंद छाबड़ा
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, टोक्यो से
भारतीय महिला हॉकी टीम के कोच सोर्ड मारिन ने कहा कि भारत सोमवार को जर्मनी के ख़िलाफ़ अपना मैच इसलिए हार गया क्योंकि खिलाड़ी मैच में मिले मौकों को भुनाने में नाक़ाम रहे.
टोक्यो ओलंपिक में अपने दूसरे मैच में भारत दो गोल से हार गया. भारत ने इस मैच में एक भी गोल नहीं किया.
भारतीय टीम की ये दूसरी हार है. इससे पहले वो नीदरलैंड्स से 5-1 से मैच हार गई थी.
मारिन ने बीबीसी के एक सवाल के जवाब में कहा, ''जर्मनी जैसी टीम के ख़िलाफ़ आपको पांच-छह मौके नहीं मिलते और जो मौक़ा मिलता उसे भुनाना होता है. उदाहरण के लिए पेनल्टी स्ट्रोक.''
मारिन ने कहा, "उन्हें (जर्मनी) मौके मिले और उन्होंने उसका इस्तेमाल किया."
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच यही अंतर है.
हालांकि उन्होंने यह ज़रूर कहा कि वह और उनकी टीम कड़ी मेहनत कर रही है और आने वाले समय में टीम बेहतर प्रदर्शन करेगी.
उन्होंने कहा, "मैं उनकी एनर्जी से खुश था और यह एक लंबा समय था. दुर्भाग्य से हमने अपने मौकों का सही इस्तेमाल नहीं किया और मुझे लगता है कि हमने दो गोल आसानी से गंवा दिए."
गुरजीत कौर मैच के तीसरे क्वार्टर में पेनल्टी स्ट्रोक से चूक गईं. उसके तुरंत बाद जर्मनी की टीम ने अपना दूसरा गोल करके भारत को मात दी.
पेनल्टी स्ट्रोक के अलावा भारतीय टीम ने कुछ मौके तो ज़रूर बनाए, लेकिन टीम उनका फ़ायदा उठाने में नाकाम रही.
उन्होंने कहा, "मैं खिलाड़ियों से कहूंगा कि मुझे हर मैच में सुधार देखना पसंद है. हम उसके लिए तैयारी कर रहे हैं और पूरा भरोसा है कि उसके नतीजे भी आएंगे."
मारिन ने कहा कि भारत अपने पुराने मैचों से सबक लेकर ग्रेट ब्रिटेन के साथ अपने मैच की तैयारी कर रहा है.
उन्होंने कहा, ''मैं आपको बताना चाहूंगा कि हमने पांच महीने से मैच नहीं खेले हैं और यह बिल्कुल कोई बहाना नहीं है. यह स्पष्ट करना ज़रूरी है क्योंकि यही सच्चाई है.''
हालांकि, जब बीबीसी ने भारतीय कप्तान रानी रामपाल से यही सवाल किया, तो उन्होंने इसे टाल दिया और कहा, "अन्य टीमों के साथ भी ऐसा ही है."
कोच ने कहा कि उनके लिए लड़ाई की गुणवत्ता मायने रखती है.
उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि दोनों टीमों के ख़िलाफ़ हमने दिखाया है कि हम खेल सकते हैं और हमने मैच को एकतरफ़ा नहीं होने दिया है.
भारतीय टीम का प्रदर्शन निश्चित रूप से नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ बेहतर था, ख़ासकर दूसरे हाफ़ में. दूसरे हाफ़ में टीम ने काफ़ी आक्रामक प्रदर्शन किया. हालाँकि यह किसी भी लिहाज़ से नंबर 3 रैंक वाली जर्मनी की टीम को हराने के लिए पर्याप्त नहीं था.
भारत बुधवार को अपने अगले पूल मैच में ग्रेट ब्रिटेन से भिड़ेगा.
ये भी पढ़ें:-
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)