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IPL 2021: मानो देवदत्त पिच पर देवदूत बन गए, कोहली भी लगे कमतर
- Author, वात्सल्य राय
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की राजस्थान रॉयल्स पर 10 विकेट की धमाकेदार जीत को चाहे जो कहें.
'दस का दम' कहें या आरसीबी की तरह 'परफ़ेक्ट 10' का नाम दें. या फिर मैन ऑफ़ द मैच देवदत्त पडिक्कल के स्कोर का ज़िक्र करते हुए '101 फ़ीसदी खरा' बताएं.
लेकिन ये तय है कि बहुत दिनों के बाद आईपीएल के एक मैच में 'फ्रेम करने' लायक बेशुमार तस्वीरें दिखीं. हमेशा याद रह जाने वाले लम्हे मिले और ऐसे हर लम्हे से प्रेरित करने वाली कोई कहानी झांकती नज़र आई.
पहली कहानी- कोविड-19 के आगे
ये उन लोगों को प्रेरित कर सकती है जो दुनिया भर को डरा रही महामारी कोविड-19 से जूझ रहे हैं.
आईपीएल-14 की शुरुआत के ठीक पहले 20 साल का एक प्रतिभाशाली क्रिकेटर भी कोविड-19 की चपेट में था. उसका नाम है देवदत्त पडिक्कल.
वो कोविड-19 को मात देकर मैदान पर लौटा और वापसी के बाद तीसरे ही मैच में अपनी टीम की जीत में सबसे बड़ी भूमिका निभाई.
पडिक्कल ने 52 गेंदों में 11 चौकों और छह छक्कों की मदद से नाबाद 101 रन बनाए. इस पारी के लिए पडिक्कल को मैन ऑफ़ द मैच चुना गया और उन्हें वो वक़्त याद आ गया जब वो कोविड-19 से जूझ रहे थे, "जब मैं कोविड-19 की चपेट में था तब मैं सिर्फ़ यहाँ आकर खेलना चाहता था. जब मैं शुरुआती मैच का हिस्सा नहीं बन पाया तो मुझे बहुत पीड़ा हुई."
दूसरी कहानी- नया मिशन
पडिक्कल जब खेल रहे थे तो साफ़ लग रहा था कि वो कोई मिशन लेकर बल्लेबाज़ी को आए हैं. टीम में वापसी के बाद दो मैचों में उनका बल्ला उम्मीद के मुताबिक़ नहीं चला था. लेकिन राजस्थान रॉयल्स के ख़िलाफ़ गुरुवार को उनके बल्ले से रन ऐसे बरस रहे थे कि दूसरे छोर पर खड़े दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज़ विराट कोहली का जलवा भी फीका सा दिखने लगा.
देवदत्त पडिक्कल की पारी पर निसार विराट कोहली ने कहा, "मैं उनकी पारी को सबसे बेहतरीन जगह से देख रहा था. ये बेहतरीन पारी थी. वो काफ़ी प्रतिभाशाली हैं. भविष्य को लेकर उनमें बहुत संभावनाएं हैं."
तीसरी कहानी- ख़ुद से आगे टीम
बैंगलोर की पारी के दौरान 'हल्ला बोल' की शुरुआत बैंगलोर के कप्तान विराट कोहली ने की थी लेकिन जल्दी ही ड्राइविंग सीट पडिक्कल ने थाम ली. उनके बल्ले से चौके और छक्कों की बरसात शुरू हो गई. पडिक्कल ने सिर्फ़ 27 गेंदों में हाफ़ सेंचुरी पूरी कर ली.
10 ओवर के बाद जब टीम का स्कोर 107 रन था तब पडिक्कल 80 और विराट 26 रन पर थे. उस समय जीत के लिए 71 रन की जरूरत थी और लग रहा था कि पडिक्कल आसानी से शतक बना लेंगे. लेकिन तभी विराट कोहली ने बल्लेबाज़ी का गियर बदला और पडिक्कल से कहीं तेज़ी से रन बनाने लगे. स्थिति ये हुई कि 15 ओवर के बाद जब जीत सिर्फ़ 16 रन दूर थी तब पडिक्कल 91 रन पर थे यानी शतक से नौ रन दूर. तब कप्तान पडिक्कल से कह रहे थे, 'तुम शतक बनाओ तो पडिक्कल का कहना था नहीं कप्तान, मेरे शतक की फ़िक्र छोड़ आप विनिंग शॉट खेलें.'
दरअसल, 10 से 15वें ओवर के बीच विराट जिस तरह खेले, उससे लग रहा था कि कहीं ऐसा न हो कि पडिक्कल शतक पूरा ही नहीं कर पाएं. शतक को लेकर विराट और पडिक्कल के बीच जो बातें हुईं, उन्होंने मैच के बाद उन्हें साझा भी किया.
विराट कोहली ने बताया, "हमने इस बारे में बात की. वो बोले आप खेल ख़त्म कर दीजिए. उन्होंने मुझे कहा कि आगे (शतक बनाने के) और भी मौके़ आएंगे. तब मैंने उनसे कहा कि आप पहले एक शतक तो बनाओ. उसके बाद मुझसे ये बात कहना. आज उनका शतक बनना ही चाहिए था. ये एक बेदाग़ पारी थी. "
कप्तान कोहली के बाद पडिक्कल ने भी इस बारे में बात की. उन्होंने बताया, " मैंने विराट कोहली से कहा कि वो जीत की तरफ़ बढ़ें. अगर टीम जीतती है और मेरा शतक न भी बने तो ये मायने नहीं रखता है. "
लेकिन, पडिक्कल का शतक बना और साथ में बने कई रिकॉर्ड. वो आईपीएल में लक्ष्य का पीछा करते हुए शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाज़ बन गए. ये बैंगलोर की ओर से आईपीएल में रिकॉर्ड 14 वां शतक था.
चौथी कहानी- बेटी के नाम डैडी का रिकॉर्ड
कप्तान कोहली ने भी नाबाद 72 रन की पारी के दौरान कई रिकॉर्ड बनाए. सबसे अहम रिकॉर्ड था आईपीएल में छह हज़ार रन पूरे करना.
कोहली आईपीएल में ये पड़ाव पार करने वाले पहले बल्लेबाज़ हैं. उन्होंने इसका जश्न भी नायाब अंदाज़ में मनाया. कोहली ने इशारों के ये उपलब्धि अपनी बेटी के नाम की. फैन्स को उनकी ये अदा ख़ूब भा गई.
वहीं, कोहली के ख़ास कीर्तिमान तक पहुंचने पर सुरेश रैना समेत कई खिलाड़ियों ने भी उन्हें बधाई दी.
पांचवीं कहानी- जोड़ी जमेगी तो बात बनेगी
विराट कोहली ने बैंगलोर की धमाकेदार जीत के बाद दूसरी टीमों को भी जीत का मंत्र दिया. उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि टी-20 में सबसे अहम बल्लेबाज़ी की साझेदारी है." बैंगलोर के ओपनरों के बीच 181 रन की नाबाद साझेदारी हुई. ये लक्ष्य का पीछा करते हुए बैंगलोर की ओर से सबसे बड़ी साझेदारी है.
इस साझेदारी ने राजस्थान टीम का सारा गेम प्लान फेल कर दिया. राजस्थान ने कोहली और एबी डिविलियर्स के ख़िलाफ़ उम्दा रिकॉर्ड रखने वाले श्रेयस गोपाल को टीम में जगह दी थी. उनसे गेंदबाज़ी की शुरुआत भी कराई गई लेकिन पहले कोहली और फिर पडिक्कल ने अपने वार से उनकी धार कुंद कर दी. एक बार ये जोड़ी जमी तो 178 का चुनौती भरा दिख रहा लक्ष्य मामूली बनकर रह गया.
छठी कहानी- लक्ष्य पर वार
देवदत्त पडिक्कल और विराट कोहली जीत का श्रेय बटोर ले गए लेकिन मोहम्मद सिराज और बैंगलोर के दूसरे गेंदबाज़ों की मेहनत को भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता है.
जोस बटलर और डेविड मिलर जैसे धाकड़ बल्लेबाज़ों को सस्ते में आउटकर सिराज ने ही बैंगलोर की जीत का आधार तैयार किया था.
कप्तान कोहली ने भी गेंदबाज़ों की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा, "मेरे लिए सबसे अहम थी हमारी आक्रामक गेंदबाज़ी."
बैंगलोर की टीम अब लगातार चार मैच जीत चुकी है और प्वाइंट टेबल में पहले नंबर पर है. आईपीएल-14 में 'लकी चार्म' बनकर बैंगलोर टीम के साथ जुड़े ग्लेन मैक्सवेल ने राजस्थान के ख़िलाफ मैच को अपना 'पसंदीदा' बताया. उनकी राय में इस मैच में बैंगलोर टीम 'शुरुआत से आखिर तक सटीक' थी.
सातवीं कहानी- ज़मीन पर रखो पैर
आईपीएल-14 में ज़्यादातर कप्तान दार्शनिक अंदाज़ में दिख रहे हैं. प्वाइंट टेबल में बुधवार को पहला नंबर हासिल करने के बाद चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने दार्शनिक अंदाज़ में अपने खिलाड़ियों को नसीहत दी थी तो गुरुवार को विराट कोहली ने कुछ अलग शब्दों में वैसी ही नसीहत आरसीबी के फैन्स को दी.
लगातार चौथी जीत और प्वाइंट टेबल में पहला पायदान हासिल करने बाद विराट ने कहा, "मैं फैन्स से कहूंगा कि वो ज़रूरत से ज़्यादा जोश में नहीं आएं. हम समझते हैं कि जीत की लय जल्दी से गायब भी हो सकती है. हम अधिक उत्साह में नहीं हैं और एक बार में एक ही क़दम बढ़ा रहे हैं. "
आठवीं कहानी- जारी रखो संघर्ष
आईपीएल-14 के सोलहवें मैच में ज़्यादातर उम्दा लम्हे बैंगलोर के नाम रहे लेकिन कुछ 'हाई प्वाइंट' राजस्थान टीम के हिस्से भी आए.
मसलन 18 रन पर तीन विकेट गंवाने के बाद 177 के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचना लेकिन गेंदबाज़ी में उनका कोई दांव नहीं चला. विराट कोहली और देवदत्त पडिक्कल के सामने राजस्थान के बॉलर कोई चुनौती नहीं पेश कर पाए.
राजस्थान के कप्तान संजू सैमसन ने कहा, "हमें ईमानदारी से समीक्षा करनी होगी. हमें होमवर्क करने की जरूरत भी है. "
लेकिन राजस्थान टीम को जो भी करना है, जल्दी ही करना होगा. चार में तीन मैच गंवाने के बाद ये टीम अब प्वाइंट टेबल में आखिरी पायदान पर है.
मौजूदा स्थिति को लेकर संजू कहते हैं, "खेल में ये चलता है. आप नीचे गिरते हैं लेकिन आपको संघर्ष करते रहना होता है. "
ये दर्शन है या फिर बार-बार हार का झटका झेल रहे कप्तान का ख़ुद को दिलासा जल्दी ही साफ़ हो जाएगा.
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