IPL 2020: फ़ाइनल में पहुँचने के लिए दिल्ली और हैदराबाद में मुक़ाबला

    • Author, आदेश कुमार गुप्त
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए

बीते शुक्रवार को अबू धाबी में आईपीएल-13 के प्लेऑफ़ में एलीमिनेटर मुक़ाबले में सनराइज़र्स हैदराबाद ने बेहद आसानी से रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर को छह विकेट से हरा दिया.

जीत के लिए 132 रन का लक्ष्य भले ही हैदराबाद ने केवल दो गेंद शेष रहते हासिल किया, जिसे देखकर लग सकता है कि मुक़ाबला बेहद रोमांचक हुआ होगा, लेकिन असल में ऐसा कुछ था नहीं.

पूरे मुक़ाबले में हैदराबाद ने बेहद मज़बूती से अपना दबदबा बनाए रखा. अब हैदराबाद रविवार को दूसरे क्वालिफ़ायर में दिल्ली का सामना करेगी.

जो भी टीम जीतेगी वह 10 तारीख को फाइनल में चार बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस का सामना करेगी.

मुंबई तो ख़ैर दमदार खेल ही रही है लेकिन हैदराबाद ने जिस अंदाज़ में पिछले कुछ मुक़ाबले जीते हैं उसे देखते हुए यह कहा जा सकता है कि हैदराबाद से जीतना आसान नहीं होगा.

लगातार और शानदार जीत से हैदराबाद के हौसले बुलंद है. अब फ़ाइनल की बात तो बाद में ही होगी लेकिन उससे पहले दबंग दिल्ली के खेमे में ज़रूर चिंता की लकीरें बढ़ रही होंगी.

हैरतअंगेज़ साबित हुई है हैदराबाद

हैदराबाद ने तमाम उतार-चढ़ाव देखने के बाद प्लेऑफ़ में जगह बनाई है. इसके लिए उसने अपने अंतिम लीग मैच में पिछली चैंपियन मुंबई को 10 विकेट से मात दी.

भले ही मुंबई उस मैच में पूरी ताक़त से नहीं उतरी क्योंकि तब जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या नहीं खेले थे. लेकिन मुंबई के पास तो हर खिलाड़ी का विकल्प है इसलिए सिर्फ़ इनके ना खेलने से हैदराबाद की जीत का महत्व कम नहीं हो जाता.

उस मैच में हैदराबाद ने पहले तो मुंबई को आठ विकेट पर 149 रन पर रोका, और इसके बाद कप्तान डेविड वॉर्नर ने नाबाद 85 और उनके जोड़ीदार रिद्धिमान साहा ने नाबाद 58 रन बनाकर दिखाया कि इतने महत्वपूर्ण मुक़ाबले में कैसे बल्लेबाज़ी की जाती है.

इस जीत से हैदराबाद ने अंक तालिका में ना सिर्फ तीसरा स्थान हासिल किया वरन तमाम तरह के अगर-मगर हटाते हुए कोलकाता नाइट राइडर्स के प्लेऑफ़ में पहुंचने का खेल बिगाड़ दिया. वह बेहतर रन औसत से बैंगलोर से आगे रहकर तीसरे स्थान पर भी पहुंची.

ख़िताब की दावेदार टीमों की दी लगातार मात

हैदराबाद ने मुंबई से पहले रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को भी लीग मैच में बेहद आसानी से पांच विकेट से हराया था. तब हैदराबाद ने पहले तो बैंगलोर को निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट पर केवल 120 रन पर रोका और उसके बाद जीत का लक्ष्य 14.1 ओवर में ही केवल पांच विकेट खोकर हासिल कर लिया.

जीत का लक्ष्य इतना कम था कि रिद्धिमान साहा के 39, मनीष पांडेय के 26 और जेसन होल्डर के 26 रन जैसे छोटे स्कोर भी मैच जीता गए.

दरअसल, इस मैच में जेसन होल्डर ने केवल 10 गेंदों पर तीन छक्के और एक चौका लगाकर कप्तान डेविड वॉर्नर की चिंता समाप्त कर दी. जेसन होल्डर बेहद ताक़त के साथ खेलते है, और अगर कोई बल्लेबाज़ नम्बर छह या पांच पर आकर ऐसी पारी खेलता है तो विरोधी गेंदबाज़ दबाव में आ जाते है.

कुछ ऐसा ही कमाल जेसन होल्डर ने बैंगलोर के ख़िलाफ़ प्लेऑफ़ के एलीमिनेटर मैच में किया. उन्होंने बेख़ौफ अंदाज़ में खेलते हुए नवदीप सैनी के आख़िरी ओवर में लगातार दो दनदनाते चौके लगाकर दो गेंद बाकि रहते टीम को जीत दिलाई, वरना कई बार कम स्कोर के बावजूद ख़राब बल्लेबाज़ी गेंदबाज़ों की मेहनत पर पानी फेर देती है.

बैंगलोर के ख़िलाफ़ राशिद खान, जेसन होल्डर और संदीप शर्मा ने बेहद क़िफायती गेंदबाज़ी की. कमाल की बात है कि लीग मैच में बैंगलोर को 120 रन पर रोका तो प्लेऑफ़ में भी बैंगलोर को 131 रन ही बनाने दिए.

इस बार भी कमाल जेसन होल्डर और बाकि गेंदबाज़ों का था. यानी बैंगलौर पर लगातार दो जीत कोई तुक्का नहीं थी.

दिल्ली को तो 88 रन से हराया था, लीग में जीते दोनों मैच

हैदराबाद ने लीग मैच में दिल्ली के ख़िलाफ़ तब 88 रन की शानदार जीत हासिल की थी जब पॉइंट टेबल में पहली चार टीमों में शामिल होने की लड़ाई चल रही थी.

मुंबई तो ख़ैर अधिकतर समय टॉप पर ही थी. दिल्ली भी दूसरे तीसरे स्थान पर झूल रही थी.

शिखर धवन का बल्ला आग उगल रहा था तो दिल्ली के गेंदबाज़ भी पूरे शबाब पर थे. ऐसे में हैदराबाद ने दिल्ली के ख़िलाफ़ 20 ओवर में केवल दो विकेट खोकर 219 रन बना डाले.

कप्तान वॉर्नर ने 66 रिद्धिमान साहा ने 87 और मनीष पांडेय ने नाबाद 44 रन बनाकर रबाडा, नोर्किये और आर अश्विन का हव्वा समाप्त कर दिया. उस मैच में रबाडा को तो 54 रन देकर भी एक भी विकेट नहीं मिला.

दरअसल रिद्धिमान साहा को टीम में शामिल करना टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. उन्होंने अपने स्वभाव के विपरीत धुंआधार बल्लेबाज़ी कर क्रिकेट पंडितों को भी दातों तले अंगुली दबाने को मजबूर कर दिया.

इसके बाद हैदराबाद के गेंदबाज़ों ने दिल्ली का पुलिंदा 19 ओवर में ही 131 रन पर बांध दिया.

संदीप शर्मा, शाहबाज़ नदीम, राशिद खान और टी नटराजन की गेंदों ने ख़ूब कहर बरपाया. इतना ही नहीं हैदराबाद ने इससे पहले पहले लीग मैच में भी दिल्ली को 15 रन से हार का स्वाद चखाया था.

तब दिल्ली जीत के लिए 163 रन के जवाब में सात विकेट खोकर केवल 147 रन ही बना सकी. तब हैदराबाद की टीम में भुवनेश्वर कुमार भी थे.

तो हैदराबाद ऐसी छुपी रूस्तम निकली जिसने बेहद आराम से देखते ही देखते चैंपियन बनने की दावेदार मुंबई, दिल्ली और बैंगलोर को मात दे दी. क्या यह रिकार्ड हैदराबाद को एक ख़तरनाक और हैरतअंगेज़ टीम मानने के लिए काफ़ी नहीं है.

हैदराबाद की गेंदबाज़ी धारदार और बल्लेबाज़ी भरोसेमंद

प्लेऑफ़ में पहले क्वालिफ़ॉयर में जहां मुंबई के ख़िलाफ़ दिल्ली के शिखर धवन, पृथ्वी शॉ और अजिंक्य रहाणे अपना खाता भी नहीं खोल सके तो कप्तान श्रेयस अय्यर भी नहीं चले.

टीम के कोच रिकी पॉन्टिंग ऋषभ पंत से लम्बी बातचीत करते दिखे जिनके बल्ले का जलवा उतना देखने को नहीं मिला जितना दिखना चाहिए, तो गेंदबाज़ी में रबाडा और नोर्किये की मुंबई के बल्लेबाज़ों ने जमकर धुनाई की.

इसे देखते हुए कहा जा सकता है कि दिल्ली को हैदराबाद के ख़िलाफ़ बेहद बड़े हुए मनोबल के साथ खेलना होगा.

हैदराबाद के कप्तान डेविड वॉर्नर अभी तक इस सीज़न में 15 मैचों में 546 रन बना चुके है. वैसे दिल्ली के शिखर धवन भी दो शतक की मदद से 15 मैचों में 525 रन बना चुके है. लेकिन अब अगर हैदराबाद कमाल की टीम नज़र आ रही है तो इसका एक मुख्य कारण उसकी गेंदबाज़ी ही है.

कंजूस राशिद ख़ान, शाहबाज़ नदीम और तेज़ गेंदबाज़ी में संदीप शर्मा जोशिले जेसन होल्डर और टी नटराजन ने तो जैसे विरोधी बल्लेबाज़ों पर जादू-सा कर दिया है.

बल्लेबाज़ी में डेविड वॉर्नर अब उस अंदाज़ में खेल रहे है जिसके लिए वह जाने जाते है. अगर रिद्धिमान साहा भी फिट हो गए तो कहना ही क्या? मनीष पांडे ठीक-ठाक खेल रहे है तो केन विलियमसन रीढ़ की हड्डी साबित हुए हैं. ताबडतोड़ खेलने के लिए जेसन होल्डर हैं.

ऐसे में हैदराबाद और दिल्ली के बीच होने वाले मुक़ाबले में कौन जीतेगा इसकी भविष्यवाणी से अच्छा है कि रविवार तक इंतज़ार कर लें.

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