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आईपीएल 2020: पिछली बार की फिसड्डी बैंगलोर क्या इस बार बनेगी चैंपियन?
- Author, आदेश कुमार गुप्त
- पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
दो साल पहले यानी साल 2017 में भारत में हुए आईपीएल में कोलकाता ने बैंगलोर को केवल 9.4 ओवर में ही महज़ 49 रनों पर सिमटा दिया था. इस मैच में कोलकाता ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 19.3 ओवर में 131 रन बनाए थे. कोलकाता 82 रन से जीता.
तब कोलकाता के कप्तान गौतम गंभीर थे और बैंगलोर के कप्तान विराट कोहली ही थे. शायद विराट कोहली उस हार के बाद तिलमिलाए भी हों और उनके मन में यह भी हो कि कभी कोलकाता को भी ऐसी करारी हार का स्वाद चखाया जाए.
अब आख़िरकार आईपीएल-13 में ही सही उनके गेंदबाज़ों ने कमाल का प्रदर्शन कर वैसी करारी हार तो नहीं लेकिन फिर भी एक ऐसी चोट कोलकाता को पहुंचाई जिसे वह लम्बे समय तक याद रखेगी.
बुधवार को बैंगलोर ने पहले तो कोलकाता को 20 ओवर में आठ विकेट पर केवल 84 रनों पर रोका और बाद में उसे आठ विकेट से हराया.
मोहम्मद सिराज तूफान की तरह छा गए
बुधवार को अबु धाबी के विकेट में ऐसा कुछ नहीं था लेकिन युवा तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद सिराज ने अपनी स्विंग होती गेंदों से कोलकाता के बल्लेबाज़ों को जैसे विकेट पर जकड़ कर रख दिया.
मोहम्मद सिराज को टीम में शाहबाज अहमद की जगह शामिल किया गया था. उन्होंने अपने चयन को सही साबित करते हुए चार ओवर के स्पेल में केवल आठ रन देकर तीन विकेट. उन्होंने एक नहीं, दो ओवर मेडन भी डाले.
उनकी गेंदों की गति और लय इतनी शानदार थी कि बल्लेबाज़ जैसे मंत्रमुग्ध हो गए. उन्होंने पारी का दूसरा और अपना पहला ओवर किया तो तीसरी ही गेंद पर पहले तो सलामी बल्लेबाज़ राहुल त्रिपाठी को विकेटकीपर एबी डिविलियर्स के हाथों लपकवाया.
इसके बाद अगली ही गेंद पर उन्होंने नए बल्लेबाज़ नीतीश राणा को बोल्ड किया. उनकी गेंद इतनी तेज़ी से नीतीश राणा का विकेट ले उड़ी कि नीतीश राणा कुछ समझ ही नहीं सके.
इसके बाद उन्होंने अपनी बेहद खूबसूरत आउट स्विंग पर टॉम बेनटन को विकेटकीपर एबी डिविलियर्स के हाथों कैच कराया.
मैच समाप्त होने के बाद मोहम्मद सिराज ने सबसे पहले तो ऊपर वाले का शुक्रिया अदा किया और फिर कहा कि कप्तान विराट कोहली ने उन्हें नई गेंद से गेंदबाज़ी करने का मौक़ा दिया.
उन्होंने कहा कि वह इस अवसर के लिए बहुत मेहनत कर रहे थे. वैसे उन्हें ख़ुद मालूम नहीं था कि विराट कोहली उनसे दूसरा ही ओवर कराएंगे.
बैंगलोर के माहौल के बारे में पूछे जाने पर मोहम्मद सिराज ने कहा कि सभी एक दूसरे से बातचीत कर रहे हैं और जिसे भी अवसर मिल रहा है वह शानदार प्रदर्शन कर रहा है. इससे टीम जोश में है.
सिराज, नीतीश राणा को बोल्ड करके बहुत खुश दिखे, उन्होंने माना कि वह जैसा चाह रहे थे वैसा हुआ.
क्रिस मॉरिस, नवदीप सैनी और युज़वेंद्र चहल भी दमदार
कप्तान विराट कोहली ने भी बाद में माना कि विकेट थोड़ा सूखा हुआ लग रहा था और टॉस हारना उनके लिए अच्छा ही रहा. क्रिस मॉरिस और मोहम्मद सिराज ने शुरू से ही मैच की दिशा तय कर दी.
विराट कोहली ने यह भी कहा कि इस बार मैदान में टीम जो कर रही है वह अचानक लिए निर्णय के आधार पर नहीं कर रही वरना यह टीम मैनेजमैंट के सोच विचार का नतीजा है.
यह पूछे जाने पर कि देवदत्त पडिक्कल, मोहम्मद सिराज, क्रिस मॉरिस और वाशिंग्टन सुंदर मौक़े का फ़ायदा उठा रहे हैं तो विराट कोहली ने कहा कि उन्हें इनकी प्रतिभा पर भरोसा है और यह सब बनाई गई रणनीति के साथ खेल रहे है.
कोहली पिछले साल के टीम के प्रदर्शन से निराश थे और उस निराशा से निकलने के लिए टीम ने बेहद मेहनत की.
अब लाख टके का सवाल ये है कि क्या कोलकाता पर धमाकेदार जीत के बाद बैंगलोर ने दूसरी टीमों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है और क्या यह टीम पहली बार आईपीएल का ख़िताब जीतने की दावेदार नज़र आ रही है.
जवाब में बैंगलोर का दस में से सात मैच जीतकर 14 अंकों के साथ अंक तालिका में दूसरे नंबर पर पहुंचना बता रहा है कि वह प्ले ऑफ यानी अंतिम चार में पहुंचने से केवल एक जीत और दो अंक दूर है. गेंदबाज़ी में क्रिस मॉरिस, मोहम्मद सिराज, नवदीप सैनी और स्पिनर युज़वेंद्र चहल और वाशिंग्टन सुंदर के दम पर बैंगलोर को कोई चिंता नहीं है.
बल्लेबाज़ भी हैं बेहद ख़तरनाक, डिविलियर्स तो अकेले काफी हैं
सलामी बल्लेबाज़ देवदत्त पडिकल्ल ने तीन अर्धशतक लगाकर अपना दमख़म दिखाया है. उनका फुटवर्क शानदार है और उनमें हर तरह के शॉट खेलने की क्षमता है.
ख़ुद कप्तान विराट कोहली भी अब फॉर्म में है. शुरुआती तीन मैचों में नाकाम होने के बाद उन्होंने राजस्थान के ख़िलाफ़ नाबाद 72, दिल्ली के ख़िलाफ़ 43, चेन्नई के ख़िलाफ़ नाबाद 90, कोलकाता के ख़िलाफ़ नाबाद 33 और 18, पंजाब के ख़िलाफ़ 48 और राजस्थान के ख़िलाफ़ दूसरे मैच में 43 रन बनाकर दिखा दिया है कि सयुंक्त अरब अमीरात के विकेट उन्हें रास आ रहे हैं.
बैंगलोर के लिए सबसे बड़ी उम्मीद एबी डिविलियर्स भी हैं और उन्होंने जैसी बल्लेबाज़ी की है उससे तो क्रिकेट पंडित भी दंग हैं.
कोलकाता के ख़िलाफ़ उन्होंने केवल 33 गेंदों पर जिस तरह पांच चौके और छह छक्के लगाते हुए नाबाद 73 रन बनाए वह कौन भूल सकता है. वह अगर चल जाएं तो अकेले ही मैच जीता सकते हैं.
सलामी बल्लेबाज़ एरॉन फिंच भी अगर थोड़ा और फॉर्म में आ जाएं तो फिर बैंगलोर का टॉप ऑर्डर बेहद मज़बूत हो जाएगा.
बैंगलोर के लिए चिंता की बात उसके पुछल्ले बल्लेबाज़ हैं कि अगर जीत के लिए तेज़ी से रन बनाने की नौबत आ जाए तो मुश्किल हो सकती है.
पिछले आईपीएल में केवल पांच मैच जीतने और अंक तालिका में एक मैच बिना किसी परिणाम के खेलकर केवल 11 अंकों के साथ अंतिम स्थान पर रहने वाली बैंगलोर अगर अब दूसरे पायदान पर है तो इसका श्रेय टीम के ख़िलाड़ियों को मिलना ही चाहिए.
क्रिकेट में भविष्यवाणी नहीं की जा सकती लेकिन बैंगलोर पिछले दो मुक़ाबलों में जिस तरह कोलकाता को आठ विकेट से और राजस्थान को सात विकेट से हराकर अचानक चैंपियन-सा खेल रही है, ऐसे में अगर वह पहली बार चैंपियन बनने की दौड़ में नज़र आ रही है तो इसमें आश्चर्य की बात नहीं है.
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