मैरी कॉम ने हासिल किया टोक्यो ओलंपिक का टिकट

छह बार की विश्व चैंपियन एमसी मैरी कॉम ने मुक्केबाज़ी (51 किलोग्राम वर्ग) में इस साल टोक्यो में खेले जाने वाले ओलंपिक खेलों के लिए अपना नाम पक्का कर लिया है.

सोमवार को मैरी कॉम ने अमान में चल रही एशियाई क्वालिफ़ायर प्रतियोगिता के क्वार्टरफ़ाइनल मैच में फिलीपींस की आयरिश मैग्नो पर आसान जीत हासिल की.

इसके साथ ही उन्होंने टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वॉलिफाई भी कर लिया. दूसरी वरीयता प्राप्त मैरी कॉम ने क्वालीफ़ायर मुक़ाबला 5-0 से अपने नाम किया.

मैरी कॉम ने साल 2012 के लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक हासिल किया था. उस समय महिला मुक्केबाज़ी को पहली बार ओलंपिक खेलों में शामिल किया गया था.

अब 37 साल की इस अनुभवी मुक्केबाज़ का सामना सेमीफाइनल में चीन की युआन चांग से होगा.

एशियाई क्लालिफ़ायर के अपने पहले राउंड में मैरी कॉम ने राष्ट्रमंडल खेलों की कांस्य पदक विजेता न्यूज़ीलैंड की मुक्केबाज़ तस्मिन बैनी को 5-0 से हराया था.

ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने के बाद मैरी कॉम ने अपनी खुशी ज़ाहिर की और अपने ट्विटर अकाउंट पर इस जीत की तस्वीर साझा की.

उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, ''विनम्रता से ही मास्टरी की शुरुआत होती है. #Tokyo2020''

भारत के बाकी मुक्केबाज़ों का हाल

अभी तक कुल सात भारतीय मुक्केबाज़ टोक्यो ओलंपिक के लिए कोटा हासिल कर चुके हैं. भारतीय बॉक्सिंग फ़ेडरेशन (बीएफ़आई) ने इसकी जानकारी दी है.

मैरी कॉम की जीत के बाद बीएफ़आई की तरफ से ट्वीट कर बताया गया है कि मैरी कॉम सातवीं भारतीय मुक्केबाज़ बन चुकीं हैं जिन्होंने टोक्यो ओलपिंक का कोटा हासिल किया है.

मैरी कॉम से पहले विश्व के नंबर एक पुरुष मुक्केबाज़ और विश्व चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता अमित पंघाल (52 किग्रा) टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफ़ाई कर चुके हैं. यह उनका पहला ओलंपिक होगा.

इसके अलावा राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता विकास कृष्णन (69 किग्रा), एशियाई चैंपियनशिप की स्वर्ण विजेता पूजा रानी (75 किग्रा), विश्व चैंपियनशिप में दो बार रजत पदक जीतने वाली लवलीना बोगोर्हेन (69 किग्रा), आशीष कुमार (75 किग्रा) और सतीश कुमार (91 किग्रा प्लस) ने भी टोक्यो ओलंपिक का कोटा हासिल कर लिया है.

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