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धोनी, कोहली, सहवाग के क्लब में शामिल हुए मयंक अग्रवाल, रोहित शर्मा चूके
दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ फ्रीडम टेस्ट ट्रॉफ़ी के दूसरे दिन 215 रनों की मैराथन पारी खेलते हुए भारत के सलामी बल्लेबाज़ मयंक अग्रवाल ने टेस्ट क्रिकेट इतिहास के पन्नों पर अपना नाम दर्ज कर दिया है.
371 गेंदों की अपनी दोहरी शतकीय पारी में मयंक ने 23 चौके और छह छक्के जड़े और इस दौरान उनका स्ट्राइकरेट 57.95 रन का रहा. भारतीय टीम ने दूसरे दिन पांच विकेट पर 502 रन बनाकर अपनी पारी घोषित कर दी है.
भारत-दक्षिण अफ़्रीका के बीच टूर्नामेंट के पहले टेस्ट का पहला दिन रोहित शर्मा के नाम रहा. उन्हें पहली बार टेस्ट मैच में बतौर सलामी बल्लेबाज़ उतारा गया था और उन्होंने अपनी पहली ही पारी में शतक जड़ दिया.
दूसरे दिन भी रोहित जम रहे और पहले विकेट के लिए 317 रनों की साझेदारी की. इस दौरान दूसरे छोर से उनका साथ दे रहे थे मयंक अग्रवाल.
300 रनों की साझेदारी का केवल तीसरा मौका
यह भारतीय क्रिकेट इतिहास में केवल तीसरा मौका है जब पहले विकेट के लिए 300 रनों से अधिक की साझेदारी हुई है.
साथ ही यह वो पहला मौका भी था जब टेस्ट मैच में रोहित शर्मा बतौर सलामी बल्लेबाज़ उतरे थे और उन्होंने 176 रनों की बड़ी पारी खेली.
रोहित शर्मा के आउट होने के बाद कप्तान विराट कोहली (17) और चेतेश्वर पुजारा (06) आउट हो गए लेकिन मयंक की एकाग्रता नहीं टूटी और उन्होंने दोहरा शतक बना डाला.
2018 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ डेब्यू से लेकर अब तक मयंक का यह पांचवा टेस्ट है और अपने करियर की महज आठवीं पारी में उन्होंने दोहरा शतक जड़ने का कारनामा किया है.
दोहरा शतक क्लब के 23वें भारतीय क्रिकेटर
मयंक 23वें भारतीय और 190वें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर हैं जिन्होंने टेस्ट मैच में दोहरा शतक जड़ा है.
मयंक, विराट और पुजारा के साथ ही डबल सेंचुरी क्लब में शामिल हो गए. 2017 में विराट ने श्रीलंका के ख़िलाफ़ दो दोहरे शतक बनाए थे उसके बाद अब जा कर किसी भी भारतीय बल्लेबाज़ ने दोहरा शतक जड़ा है.
भारत के टेस्ट सेंचुरी क्लब में महेंद्र सिंह धोनी, वीरेंद्र सहवाग, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण, गौतम गंभीर, सचिन तेंदुलकर और टीम के वर्तमान कोच रवि शास्त्री समेत अब 23 खिलाड़ी शामिल हो गए हैं.
पहली सेंचुरी ही दोहरा शतक
मयंक का यह पहला टेस्ट शतक है जो एक डबल सेंचुरी है. ऐसे में मयंक एक और रिकॉर्ड बुक से जुड़ गए हैं.
वे ऐसे चौथे भारतीय क्रिकेटर बन गए हैं जिनका पहला शतक ही डबल सेंचुरी है. उनसे पहले दिलीप सरदेसाई, विनोद कांबली और करुण नायर भी यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं.
सबसे पहले साल 1965 में दिलीप सरदेसाई ने अपने करियर के पहले ही टेस्ट शतक को दोहरे शतक में बदला था. 1993 में विनोद कांबली ने यह कारनामा दोहराया जबकि 2016 में करुण नायर ने अपने करियर का पहला टेस्ट शतक ही ट्रिपल सेंचुरी (303*) बनाया था.
गुरुवार की सुबह तक 176 रनों की पारी खेलकर रोहित शर्मा चर्चा का विषय बने हुए थे. महज कुछ ही घंटों बाद अपनी नायाब पारी से मयंक सब की जुबान पर थे. अब चर्चा इसकी भी हो रही थी कि रोहित महज 24 रनों से दोहरा शतक क्लब में शामिल होने से चूक गए.
ऑस्ट्रेलिया में जीत से शुरू हुआ मयंक का करियर
अपने टेस्ट करियर की पहली ही पारी में मयंक के बल्ले से 76 रनों की पारी निकली थी वो भी ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ उनके ही घरेलू पिच पर.
इसी टेस्ट की दूसरी पारी में भी मयंक ने 42 रन बनाए और भारत 137 रनों से यह टेस्ट जीता. सिडनी में खेले गए अगले टेस्ट में एक बार फिर मयंक ने अर्धशतक जमाते हुए 77 रनों की पारी खेली.
फिर मयंक वेस्ट इंडीज़ के दौरे पर भी गए. पहले मैच की दोनों पारियों में नाकाम रहे मयंक ने दूसरे टेस्ट में अर्धशतक बना डाला.
अब जबकि मयंक को घरेलू पिच पर उतरने का पहली बार मौका मिला तो उन्होंने पहले तो रोहित शर्मा के साथ 317 रनों की साझेदारी निभाई और फिर महज अपनी आठवीं टेस्ट पारी में दोहरा शतक बना डाला.
मयंक और रोहित के अलावा रविंद्र जडेजा ने नाबाद 30 रन बनाए तो रिषभ पटेल की जगह टीम में शामिल रिद्धिमान साहा ने 21 रन बनाए. वहीं अफ़्रीकी गेंदबाज़ केशव महाराज भारत की पहली पारी में तीन विकेट लिए.
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